ऋषिकेश। अब वन विभाग औषधीय पौधे बेचने के साथ ही हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहित करने के लिए उनकी ओर से बनाए गए उत्पादों की बिक्री के साथ ही पहाड़ी उत्पादों की बिक्री भी करेगा। इसके लिए वन विभाग की ओर से भद्रकाली संजीवनी गार्डन के पास आउटलेट सेंटर का निर्माण करा रहा है। जल्द ही इस सेंटर की ओपनिंग होगी।
भद्रकाली स्थित संजीवनी गार्डन के रेंजर बीपी बधानी ने कहा कि विभाग की ओर से एक आउटलेट सेंटर (दुकान) का निर्माण कराया जा रहा है। जिसमें औषधीय पौधों के साथ ही पहाड़ी उत्पादों कोदा, झंगोरा, कौणी, मंडवे का आटा, मक्की का आटा, हर्षिल की राजमा, चकराता की राजमा, लोबिया, बुरांश का जूस, स्थानीय स्तर बनाए गए अचार आदि की बिक्री की जाएगी। पर्वतीय क्षेत्रों में तैयार जैविक शहद भी बेचा जाएगा। उन्होंने बताया कि पर्वतीय क्षेेत्रों से किसान वन विभाग के पास अपना उत्पाद बेच सकते हैं, जिन्हें वन विभाग की ओर से खरीदा जाएगा, जिसे विभाग की ओर से यह जैविक उत्पाद बेचा जाएगा। हस्तशिल्पी भी अपने उत्पादों (टोकरी, फर्नीचर और अन्य उत्पाद) को वन विभाग के माध्यम से बेच सकेंगे। विभाग की ओर से हस्तशिल्पियों से उत्पाद खरीदा जाएगा। उसके बाद उसे बाजार में बेचा जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए हस्तशिल्पियों को वन विभाग के स्थानीय कार्यालय में संपर्क करना होगा। इसके अलावा विभाग की ओर से कांउटर पर औषधीय पौधों की बिक्री भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से आउटलेट काउंटर का काम अंतिम चरण में है, जल्द ही विभाग की ओर से इसकी ओपनिंग की तारीख तय की जाएगी।