{"_id":"587933fb4f1c1b5724ba8211","slug":"harbans-s-eyes-will-light-up-the-lives-of-two","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरबंस की आंखों से होगी दो की जिंदगी में रोशनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरबंस की आंखों से होगी दो की जिंदगी में रोशनी
ब्यूरो /अमर उजाला/ऋषिकेश।
Updated Sat, 14 Jan 2017 01:39 AM IST
विज्ञापन
हरबंश सिडाना
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समाज में नेत्र दान के महत्व को लोग धीरे-धीरे समझने लगे हैं। नेत्र दान के लिए लोग आगे आ रहे हैं। इसी कड़ी में हरबंस लाल सिडाना का नाम जुड़ गया है। मनीराम मार्ग निवासी हरबंस लाल सिडाना (80) का बृहस्पतिवार सांय निधन हो गया था।
विज्ञापन
उनके संबधी राकेश रावल ने स्व. सिडाना के पुत्र सतीश सिडाना को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। परिवार के सदस्यों की सहमति के बाद राकेश ने नेत्र दान कार्यकर्ता और लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के चार्टर अध्यक्ष लायन गोपाल नारंग को सूचित किया।
विज्ञापन
नारंग हिमालयन हास्पिटल की डॉ. निष्ठा यादव, डॉ. दर्शिका रावत के साथ उनके निवास पर पहुंचे। पार्थिव शरीर से दोनों कार्निया सुरक्षित प्राप्त कर लिए। हिमालयन हास्पिटल की डॉ. अनुराधा राज के अनुसार दोनों कार्निया स्वस्थ हैं। नेत्र दान महादान हरिद्वार ऋषिकेश प्रमुख लायन राम शरण चावला के अनुसार मिशन का यह 119 वां सफल प्रयास है।
विज्ञापन