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सरकारी अस्पताल को जल्द मिलेगा स्थायी एनेस्थेटिक
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ऋषिकेश। सरकारी अस्पताल को जल्द ही स्थायी एनेस्थेटिक मिल सकता है। एसपीएस राजकीय अस्पताल के के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजयेश भारद्वाज ने तीसरी लहर की संभावना मद्देनजर आईसीयू के संचालन के लिए जिलाधिकारी से एनेस्थेटिक उपलब्ध कराने की मांग की थी। जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने अस्पताल में शीघ्र एनेस्थेटिक की तैनाती का आश्वासन दिया है।
एसपीएस राजकीय अस्पताल में कोविड आईसीयू, बाल कोविड आईसीयू और सामान्य आईसीयू तैयार कर दिया गया है। लेकिन अस्पताल के पास स्थायी एनेस्थेटिक न होने के चलते सभी आईसीयू सेटअप के संचालन में दिक्कत आ रही है। अस्पताल प्रशासन एनेस्थेटिक की तैनाती के लिए सीएमओ को कई बार पत्र लिख चुका है। बीते दिनों अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ.भारती राणा ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। तब अस्पताल के सीएमएस ने आईसीयू के संचालन के लिए एनेस्थेटिक की मांग की थी। सीएमएस डॉ. विजयेश भारद्वाज ने बताया कि बीते हफ्ते जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ विडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की थी। सीएमएम ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी से आईसीयू संचालन के लिए एनेस्थेटिक और ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए ईएनटी सर्जन की मांग की थी। सीएमएस ने बताया कि जिलाधिकारी ने जल्द से जल्द एनेस्थेटिक उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
अस्पताल में बढ़ा सीएमएस का शुगर, बाहर सामान्य
ऋषिकेश। एसपीएस राजकीय अस्पताल के सीएमएस डॉ. विजयेश भारद्वाज ने बुधवार को अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इमरजेंसी और अस्पताल के वार्डों में रखे ग्लूकोमीटर की जांच की। सीएमएस ने स्टॉफ नर्स को उनके ब्लड शुगर लेवल की जांच के लिए कहा। स्टॉफ नर्स ने जब जांच की तो सीएमएस का ब्लड शुगर 186 एमजी/डीएल आया। कोई परेशानी न होते हुए भी अचानक शुगर लेवल बढ़ने पर सीएमएस का माथा ठनका। सीएमएस ने एक प्राइवेट लैब से अपनी रैंडम ब्लड शुगर जांच कराई। यहां जांच रिपोर्ट में उनका ब्लड शुगर लेवल 103 एमजी/डीएल पाया गया। इसके बाद सीएमएस ने ग्लूकोमीटर की आपूर्ति करने वाली एजेंसी से बात की। एजेंसी के तकनीकी विशेषज्ञ ने बताया कि ग्लूकोमीटर के सेल वीक होने के चलते इस तरह की समस्या आती है। जब सीएमएस ने ग्लूकोमीटर में नए सेल डलवाए तो ब्लड शुगर सामान्य पाया गया। इसके बाद सीएमएस ने स्टॉफ नर्सों को सभी ग्लूकोमीटर में नए सेल डालने और हर सप्ताह सेल बदलने के निर्देश दिए।
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एसपीएस राजकीय अस्पताल में कोविड आईसीयू, बाल कोविड आईसीयू और सामान्य आईसीयू तैयार कर दिया गया है। लेकिन अस्पताल के पास स्थायी एनेस्थेटिक न होने के चलते सभी आईसीयू सेटअप के संचालन में दिक्कत आ रही है। अस्पताल प्रशासन एनेस्थेटिक की तैनाती के लिए सीएमओ को कई बार पत्र लिख चुका है। बीते दिनों अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ.भारती राणा ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। तब अस्पताल के सीएमएस ने आईसीयू के संचालन के लिए एनेस्थेटिक की मांग की थी। सीएमएस डॉ. विजयेश भारद्वाज ने बताया कि बीते हफ्ते जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ विडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की थी। सीएमएम ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी से आईसीयू संचालन के लिए एनेस्थेटिक और ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए ईएनटी सर्जन की मांग की थी। सीएमएस ने बताया कि जिलाधिकारी ने जल्द से जल्द एनेस्थेटिक उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
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अस्पताल में बढ़ा सीएमएस का शुगर, बाहर सामान्य
ऋषिकेश। एसपीएस राजकीय अस्पताल के सीएमएस डॉ. विजयेश भारद्वाज ने बुधवार को अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इमरजेंसी और अस्पताल के वार्डों में रखे ग्लूकोमीटर की जांच की। सीएमएस ने स्टॉफ नर्स को उनके ब्लड शुगर लेवल की जांच के लिए कहा। स्टॉफ नर्स ने जब जांच की तो सीएमएस का ब्लड शुगर 186 एमजी/डीएल आया। कोई परेशानी न होते हुए भी अचानक शुगर लेवल बढ़ने पर सीएमएस का माथा ठनका। सीएमएस ने एक प्राइवेट लैब से अपनी रैंडम ब्लड शुगर जांच कराई। यहां जांच रिपोर्ट में उनका ब्लड शुगर लेवल 103 एमजी/डीएल पाया गया। इसके बाद सीएमएस ने ग्लूकोमीटर की आपूर्ति करने वाली एजेंसी से बात की। एजेंसी के तकनीकी विशेषज्ञ ने बताया कि ग्लूकोमीटर के सेल वीक होने के चलते इस तरह की समस्या आती है। जब सीएमएस ने ग्लूकोमीटर में नए सेल डलवाए तो ब्लड शुगर सामान्य पाया गया। इसके बाद सीएमएस ने स्टॉफ नर्सों को सभी ग्लूकोमीटर में नए सेल डालने और हर सप्ताह सेल बदलने के निर्देश दिए।
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