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पर्यावरण और गो संरक्षण का संदेश देता है गोवर्धन पूजा
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शीशमझाड़ी स्थित स्वामी नारायण आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग लगाते परमाध्यक्ष ऋषिराज सुनील
- फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश। तीर्थनगरी के कई आश्रमों में गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण को 56 प्रकार के भोग लगाए गए।
जयराम आश्रम के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी और ऋषिकुमारों ने श्रीकृष्ण की पूजा की। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि गोवर्धन पूजा महोत्सव प्रकृति की पूजा है। गोमाता की पूजा कर पर्यावरण और गोसंरक्षण का संदेश दिया। भगवान श्रीकृष्ण को गोपियों यानी कन्याएं रूपी देवी और गोमाता काफी प्रिय हैं। आज देश में दोनों ही सुरक्षित नहीं है। बेटी मां के रूप में संस्कारों का सृजन करती है। कन्या भ्रूण हत्या के कारण आज हमारी यह शक्ति संकट में है। इस दौरान दूर दूर से आए श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटकर आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर मेयर अनीता ममगाईं, पूर्व दर्जाधारी भगतराम कोठारी, पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, वीरेंद्र शर्मा, बचन पोखरियाल, कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला, डॉ.शिव शंकर मिश्रा, गंगाराम आडवाणी, विनोद अग्रवाल, मदन मोहन शर्मा, श्रवण जैन, प्रदीप शर्मा आदि मौजूद रहे।
स्वामीनारायण आश्रम में मनाया गया गोवर्धन महोत्सव
स्वामीनारायण आश्रम में भी गोवर्धन पूजा अन्नकूट महोत्सव मनाया
ऋषिकेश। शीशमझाड़ी स्थित स्वामीनारायण आश्रम में अन्नकूट महोत्सव और गोवर्धन पूजा की गई। आश्रम के परमाध्यक्ष ऋषिराज सुनील भगत ने कहा कि भगवान इंद्र का घमंड चूर करने के लिए श्रीकृष्ण ने गोकुल पर्वत को अपनी छोटी अंगुली पर उठा दिया था। तभी गोवर्धन पूजा पर भगवाण श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग लगाए गए। उन्होंने कहा कि अपने गुरुजनों, बुजुर्गों के साथ माता पिता के सम्मान करने से भगवान प्रसन्न होते हैं। इस दौरान आश्रम में आए श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लिया। आश्रम में भंडारे का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर सौरभ रणाकोटी सहित कई ऋषिकुमार उपस्थित थे। वहीं ब्रह्मपुरी स्थित श्रीराम तपस्थली आश्रम, राजीव लोचन आश्रम, मायाकुंड स्थित कृष्ण कुंज आश्रम में उत्तराखंड पीठाधीश्वर स्वामी कृष्णाचार्य, शीशमझाड़ी स्थित ईश्वर आश्रम में स्वामी ईश्वरदास महाराज की अध्यक्षता में भी गोवर्धन पूजा और अन्नकूट कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मधुबन आश्रम में अन्नकूट का भोग लगाया
ऋषिकेश। मुनिकीरेती स्थित मधुबन आश्रम में गोवर्धन पूजा महोत्सव पर धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। सुबह मंगल आरती के बाद शहर के बीच हरि नाम संकीर्तन निकाला गया। शहर की परिक्रमा के बाद हरिनाम संकीर्तन यात्रा आश्रम पहुंची। आश्रम के प्रबंधक परमानंद महाराज ने गोवर्धन पूजा के महत्व पर प्रकाश डाला। धार्मिक अनुष्ठान में आए साधु संतों को प्रसाद वितरित किया गया। सायंकालीन गो पूजा, गुरु पूजा, आरती, प्रवचन, दीपदान एवं भंडारा अन्नकूट का भोग लगाया गया। मौके पर पूर्व दर्जाधारी भगतराम कोठारी, चंद्रवीर पोखरियाल, नवीन अग्रवाल, राधा गोविंद दास, श्याम सुंदर दास, दयानिधि दास, सुरेंद्र कंडवाल, आश्रम प्रबंधक हर्ष कौशल आदि उपिस्थत।
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जयराम आश्रम के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी और ऋषिकुमारों ने श्रीकृष्ण की पूजा की। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि गोवर्धन पूजा महोत्सव प्रकृति की पूजा है। गोमाता की पूजा कर पर्यावरण और गोसंरक्षण का संदेश दिया। भगवान श्रीकृष्ण को गोपियों यानी कन्याएं रूपी देवी और गोमाता काफी प्रिय हैं। आज देश में दोनों ही सुरक्षित नहीं है। बेटी मां के रूप में संस्कारों का सृजन करती है। कन्या भ्रूण हत्या के कारण आज हमारी यह शक्ति संकट में है। इस दौरान दूर दूर से आए श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटकर आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर मेयर अनीता ममगाईं, पूर्व दर्जाधारी भगतराम कोठारी, पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, वीरेंद्र शर्मा, बचन पोखरियाल, कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला, डॉ.शिव शंकर मिश्रा, गंगाराम आडवाणी, विनोद अग्रवाल, मदन मोहन शर्मा, श्रवण जैन, प्रदीप शर्मा आदि मौजूद रहे।
स्वामीनारायण आश्रम में मनाया गया गोवर्धन महोत्सव
स्वामीनारायण आश्रम में भी गोवर्धन पूजा अन्नकूट महोत्सव मनाया
ऋषिकेश। शीशमझाड़ी स्थित स्वामीनारायण आश्रम में अन्नकूट महोत्सव और गोवर्धन पूजा की गई। आश्रम के परमाध्यक्ष ऋषिराज सुनील भगत ने कहा कि भगवान इंद्र का घमंड चूर करने के लिए श्रीकृष्ण ने गोकुल पर्वत को अपनी छोटी अंगुली पर उठा दिया था। तभी गोवर्धन पूजा पर भगवाण श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग लगाए गए। उन्होंने कहा कि अपने गुरुजनों, बुजुर्गों के साथ माता पिता के सम्मान करने से भगवान प्रसन्न होते हैं। इस दौरान आश्रम में आए श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लिया। आश्रम में भंडारे का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर सौरभ रणाकोटी सहित कई ऋषिकुमार उपस्थित थे। वहीं ब्रह्मपुरी स्थित श्रीराम तपस्थली आश्रम, राजीव लोचन आश्रम, मायाकुंड स्थित कृष्ण कुंज आश्रम में उत्तराखंड पीठाधीश्वर स्वामी कृष्णाचार्य, शीशमझाड़ी स्थित ईश्वर आश्रम में स्वामी ईश्वरदास महाराज की अध्यक्षता में भी गोवर्धन पूजा और अन्नकूट कार्यक्रम आयोजित किए गए।
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मधुबन आश्रम में अन्नकूट का भोग लगाया
ऋषिकेश। मुनिकीरेती स्थित मधुबन आश्रम में गोवर्धन पूजा महोत्सव पर धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। सुबह मंगल आरती के बाद शहर के बीच हरि नाम संकीर्तन निकाला गया। शहर की परिक्रमा के बाद हरिनाम संकीर्तन यात्रा आश्रम पहुंची। आश्रम के प्रबंधक परमानंद महाराज ने गोवर्धन पूजा के महत्व पर प्रकाश डाला। धार्मिक अनुष्ठान में आए साधु संतों को प्रसाद वितरित किया गया। सायंकालीन गो पूजा, गुरु पूजा, आरती, प्रवचन, दीपदान एवं भंडारा अन्नकूट का भोग लगाया गया। मौके पर पूर्व दर्जाधारी भगतराम कोठारी, चंद्रवीर पोखरियाल, नवीन अग्रवाल, राधा गोविंद दास, श्याम सुंदर दास, दयानिधि दास, सुरेंद्र कंडवाल, आश्रम प्रबंधक हर्ष कौशल आदि उपिस्थत।

जयराम आश्रम में गोवर्धन पूजा महोत्सव पर पूजा अर्चना करते ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज।- फोटो : RISHIKESH
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