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Rishikesh News: 100 मीटर दूर खिसकी गंगा, जोखिम में स्नान
Tue, 13 Jan 2026 01:49 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Tue, 13 Jan 2026 01:49 AM IST
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स्वर्गाश्रम वेद निकेतन घाट पर इस तरह घाट को छोड़ बह रही गंगा। स्रोत संवाद।
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ऋषिकेश के तपोवन, लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम क्षेत्रों में मकर संक्रांति पर नेजा-निशान के साथ देव डोलियों का संगम होने जा रहा है। पर्वतीय संस्कृति और आस्था के इस महामिलन के बीच गंगा का घटा जलस्तर चुनौती पेश कर रहा है। घाटों के किनारे से पानी काफी दूर चले जाने के कारण श्रद्धालुओं के लिए स्नान करना कठिन और असुरक्षित हो गया है। जलस्तर कम होने के चलते मुख्य घाटों से गंगा की धारा करीब 100 मीटर दूर जा चुकी है।
सोमवार को मुनि की रेती, लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, तपोवन और त्रिवेणीघाट के गंगा घाटों की पड़ताल की गई। मुनि की रेती स्थित पूर्णानंद घाट से गंगा की धारा गायब दिखी। यहां घाट से करीब 100 मीटर दूर गंगा बह रही है। घाट पर एक छोटी सी जलधारा है, जो आचमन योग्य नहीं है। श्रद्धालु गंगा के पवित्र जल में आचमन करने के लिए जान जोखिम में डालकर 100 मीटर दूर भाग रहे हैं।
स्वामीनारायण घाट पर जाकर देखा तो यहां गंगा घाट पर बह तो रही है, लेकिन सिंचाई विभाग की ओर से बनाए गए ब्लॉक के कारण श्रद्धालु मां गंगा की जलधारा का आचमन नहीं कर पा रहे हैं। यहां ब्लॉक और घाट की ऊंचाई अधिक हो गई है।
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तपोवन क्षेत्र में भी यही नजारा देखने को मिला। यहां गंगा सच्चा धाम घाट से करीब 50 मीटर दूर होकर बह रही है। स्वर्गाश्रम स्थित वेद निकेतन घाट पर पहुंचे तो यहां भी ऐसा ही नजारा रहा। यहां भी गंगा घाट को छोड़कर बह रही है। वानप्रस्थ घाट, भारत साधु समाज घाट पर गंगा में बड़े-बड़े पत्थर दिखाई दे रहे हैं। जिसमें श्रद्धालु स्नान नहीं कर पाएंगे।
त्रिवेणीघाट में गंगा की जलधारा को जेसीबी की मदद से घाट पर पहुंचाया तो गया है, लेकिन घाट पर आ रही उस जलधारा से भी मकर संक्रांति पर लोगों को पर्याप्त जल नहीं मिल पाएगा। इन दिनों उस जलधारा को पानी भी घुटने से कम हैं। ऐसे में कई श्रद्धालु घाट से करीब 100 मीटर दूर बह रही गंगा में स्नान के लिए जा रहे हैं।
सोमवार को मुनि की रेती, लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, तपोवन और त्रिवेणीघाट के गंगा घाटों की पड़ताल की गई। मुनि की रेती स्थित पूर्णानंद घाट से गंगा की धारा गायब दिखी। यहां घाट से करीब 100 मीटर दूर गंगा बह रही है। घाट पर एक छोटी सी जलधारा है, जो आचमन योग्य नहीं है। श्रद्धालु गंगा के पवित्र जल में आचमन करने के लिए जान जोखिम में डालकर 100 मीटर दूर भाग रहे हैं।
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स्वामीनारायण घाट पर जाकर देखा तो यहां गंगा घाट पर बह तो रही है, लेकिन सिंचाई विभाग की ओर से बनाए गए ब्लॉक के कारण श्रद्धालु मां गंगा की जलधारा का आचमन नहीं कर पा रहे हैं। यहां ब्लॉक और घाट की ऊंचाई अधिक हो गई है।
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तपोवन क्षेत्र में भी यही नजारा देखने को मिला। यहां गंगा सच्चा धाम घाट से करीब 50 मीटर दूर होकर बह रही है। स्वर्गाश्रम स्थित वेद निकेतन घाट पर पहुंचे तो यहां भी ऐसा ही नजारा रहा। यहां भी गंगा घाट को छोड़कर बह रही है। वानप्रस्थ घाट, भारत साधु समाज घाट पर गंगा में बड़े-बड़े पत्थर दिखाई दे रहे हैं। जिसमें श्रद्धालु स्नान नहीं कर पाएंगे।
त्रिवेणीघाट में गंगा की जलधारा को जेसीबी की मदद से घाट पर पहुंचाया तो गया है, लेकिन घाट पर आ रही उस जलधारा से भी मकर संक्रांति पर लोगों को पर्याप्त जल नहीं मिल पाएगा। इन दिनों उस जलधारा को पानी भी घुटने से कम हैं। ऐसे में कई श्रद्धालु घाट से करीब 100 मीटर दूर बह रही गंगा में स्नान के लिए जा रहे हैं।