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Rishikesh: विभाग ने हटाए बीन नदी में लगे कुर्सी-मेज, पर्यटकों को लुभाने के लिए अपनाया था दुकानदारों ने तरीका
Wed, 24 Apr 2024 01:40 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 24 Apr 2024 01:40 PM IST
सार
वन विभाग की टीम मंगलवार सुबह विंध्यवासिनी पहुंची। टीम ने यहां बीन नदी में सजे मेज-कुर्सी और टेंटों को हटाया।
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बीन नदी में लगाए कुर्सी-मेज वन विभाग ने हटाए
- फोटो : Rishikesh
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विस्तार
राजाजी टाइगर रिजर्व के अंतर्गत चीला रेंज क्षेत्र के विंध्यवासिनी में बीन नदी में सजी मेज-कुर्सियों को वन विभाग की टीम ने हटा दिया है। टीम ने स्थानीय दुकानदारों को दोबारा से बीन नदी में कुर्सी-मेज लगाकर पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भोजन परोसने पर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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मंगलवार 23 अप्रैल के अंक में अमर उजाला माई सिटी में बीन नदी के बीच में परोसा जा रहा है भोजन, शीर्षक खबर प्रमुखता के साथ प्रकाशित हुई। खबर पढ़कर वन विभाग की टीम हरकत में आई। वन विभाग की टीम मंगलवार सुबह विंध्यवासिनी पहुंची। टीम ने यहां बीन नदी में सजे मेज-कुर्सी और टेंटों को हटाया।
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चीला वार्डन हरीश नेगी ने बताया कि बीन में कुर्सी-मेज और टेंट हटाकर दुकानदारों को भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी दी गई है। यदि कोई दुकानदार दोबारा से नदी में कुर्सी-मेज लगाकर पर्यटकों को खाना परोसते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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पर्यटकों को लुभाने के लिए लगाई थी नदी में कुर्सी-मेज
विंध्यवासिनी प्राचीन सिद्धपीठ मंदिर है। वर्षभर यहां हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटक आवाजाही करते हैं। मंदिर की तलहटी पर बीन नदी बहती है, जो कि गंगा की सहायक है। स्थानीय दुकानदार पर्यटकों और श्रद्धालुओं को लुभाने के लिए बीन नदी के बीच में ही मेज-कुर्सियां लगाकर उनको खाना परोसते हैं। इससे नदी दूषित होती है। जलीय जीव जंतुओं को नुकसान होता है।