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Rishikesh News: विदेशी युवक ने गंगा स्नान कर किया हिंदू विधि-विधान से पूजन
Wed, 14 Jan 2026 07:44 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Wed, 14 Jan 2026 07:44 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर त्रिवेणी घाट पर हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचे। इस दौरान आस्था का एक अनोखा दृश्य तब देखने को मिला, जब एक विदेशी पर्यटक में भी भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के प्रति गहरी श्रद्धा दिखाई दी।
यूरोप निवासी गौन सागू नामक एक विदेशी युवक त्रिवेणी घाट पर श्रद्धालुओं की चहल-पहल और गंगा स्नान को बड़ी श्रद्धा से देखता रहा। श्रद्धालुओं को पूजा-पाठ करते देखकर वह भी पास की दुकान से फूल-माला, धूप और चंदन लेकर घाट पर बैठे पंडित के पास पहुंचा। इसके बाद उसने गंगा में डुबकी लगाई और पंडित के समीप बैठ गया।
विदेशी युवक को देखकर पंडित कुछ देर के लिए हैरान जरूर हुए, लेकिन उसकी सच्ची श्रद्धा को देखते हुए उन्होंने उसे हिंदू रीति-रिवाजों और विधि-विधान से पूजा कराई। पंडितों ने उसके माथे पर चंदन का लेप लगाकर तिलक किया और पूजा-अर्चना आरंभ कराई।
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युवक ने भी इशारों को समझते हुए पूरी श्रद्धा से पूजा की। शिव की छोटी प्रतिमा पर जलाभिषेक किया और फूल-माला अर्पित कर तिलक लगाया। विदेशी युवक की इस श्रद्धा और आस्था को देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु काफी प्रसन्न और भावुक नजर आए। कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान और गंगा की आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बताया।
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ऋषिकेश। मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर त्रिवेणी घाट पर हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचे। इस दौरान आस्था का एक अनोखा दृश्य तब देखने को मिला, जब एक विदेशी पर्यटक में भी भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के प्रति गहरी श्रद्धा दिखाई दी।
यूरोप निवासी गौन सागू नामक एक विदेशी युवक त्रिवेणी घाट पर श्रद्धालुओं की चहल-पहल और गंगा स्नान को बड़ी श्रद्धा से देखता रहा। श्रद्धालुओं को पूजा-पाठ करते देखकर वह भी पास की दुकान से फूल-माला, धूप और चंदन लेकर घाट पर बैठे पंडित के पास पहुंचा। इसके बाद उसने गंगा में डुबकी लगाई और पंडित के समीप बैठ गया।
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विदेशी युवक को देखकर पंडित कुछ देर के लिए हैरान जरूर हुए, लेकिन उसकी सच्ची श्रद्धा को देखते हुए उन्होंने उसे हिंदू रीति-रिवाजों और विधि-विधान से पूजा कराई। पंडितों ने उसके माथे पर चंदन का लेप लगाकर तिलक किया और पूजा-अर्चना आरंभ कराई।
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युवक ने भी इशारों को समझते हुए पूरी श्रद्धा से पूजा की। शिव की छोटी प्रतिमा पर जलाभिषेक किया और फूल-माला अर्पित कर तिलक लगाया। विदेशी युवक की इस श्रद्धा और आस्था को देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु काफी प्रसन्न और भावुक नजर आए। कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान और गंगा की आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बताया।