फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rishikesh News ›   Fear of snakes closed toilet

सांप के डर से बंद किए शौचालय

Tue, 30 Aug 2016 02:13 AM IST
naveen nautiyal
naveen nautiyal Updated Tue, 30 Aug 2016 02:13 AM IST
विज्ञापन
Fear of snakes closed toilet
शौचालय - फोटो : amar ujala
ग्रामसभा गौहरीमाफी के अंतर्गत आने वाले राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में बने शौचालय में ताला लटका हुआ है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि सांप के डर से शौचालय बंद किया गया है। लेकिन, इसका खामियाजा यहां पढ़ने वाले 35 बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। उन्हें मजबूरन खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है। कमोबेश यही हाल राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय का भी है।  
विज्ञापन


राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में कक्षा एक से पांच तक क्लास चलाई जाती है। स्कूल में करीब 35 बच्चे पढ़ते हैं। विद्यालय में दो पक्के शौचालय बने हैं। शौचालयों के रख-रखाव की जिम्मेदारी से परहेज करने के कारण मजबूरन स्कूली नौनिहालों को शौच के लिए स्कूल के पास जंगल या फिर खुले में जाना पड़ रहा है। वहीं, दूसरा मामला भी ग्रामसभा गौहरी माफी के राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय का है।
विज्ञापन


छह से आठ तक के करीब 30 बच्चे यहां शिक्षा ले रहे हैं। यहां भी पक्का शौचालय बना हुआ है। पर इसमें ताला लगे होने के कारण छात्रों को मजबूरन शौच के लिए खुले में जाना पड़ता है। वहीं, आरटीआई कार्यकर्ता गौहरीमाफी देवेंद्र सेमवाल कहते हैं कि कई बार स्कूल के शिक्षकों को शौचालय खुले रखने को कहा गया। लेकिन स्कूल  प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जिस कारण बच्चों को खुले में शौच करने  जाना पड़ रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अभिभावक भी हैं जिम्मेदार 
विद्यालय में शौचालय होने के बाद खुले में शौच को मजबूर बच्चों की समस्या के लिए अभिभावक भी जिम्मेदार हैं। बच्चों की शिकायत के बाद भी उन्होंने स्कूल प्रशासन से इसकी शिकायत नहीं की। अगर वे शिकायत करते तो शायद शौचालय खुल जाते और उनके बच्चों को खुले में शौच के लिए न जाना पड़ता। 

विद्यालय में शौचालय होने के बाद भी बच्चों को खुले मेें शौच के लिए भेजना गलत है। खंड शिक्षा अधिकारी को स्कूल में जाकर निरीक्षण करने के निर्देेश जारी किए जा रहे हैं।  अगर मामला सही पाया गया तो स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। - एसपी खाली, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून

जिन जगहों पर शौचालय बनाए गए हैं। बरसात के वक्त शौचालय के आसपास पानी भर जाता है। ऐसे में सांप आदि का डर रहता है। लिहाजा बारिश वाले दिन बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से शौचालयों को बंद रखा जाता है। जल्द ही शौचालय को बरसात में खोलने के लिए उचित इंतजाम किए जाएंगे।
- मधु पैन्युली, प्रधानाध्यपिका, प्राथमिक विद्यालय गौहरीमाफी

पूर्व में स्कूल के शौचालय बंद होने की शिकायत मिली थी। लेकिन, व्यस्तता के कारण इस समस्या पर ध्यान नहीं दे पाई। अब अगर ऐसी कोई बात सामने आती है तो  स्कूल के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों  को पत्र भेजा जाएगा। - सरिता रतूड़ी, ग्राम प्रधान गौहरीमाफी 


उचित शौचालय व्यवस्था न होने छात्राएं परेशान
ऋषिकेश। उचित शौचालय व्यवस्था न होने से बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षक अभिभावक संघ अध्यक्ष महिपाल सिंह बिष्ट ने टीएचडीसी से सामाजिक दायित्व मद में स्कूल के क्षतिग्रस्त शौचालय मरम्मत करने की मांग की है। टीएचडीसी के स्वतंत्र निदेशक डा.मोहन सिंह रावत गांववासी को प्रेषित ज्ञापन में पीटीए अध्यक्ष बिष्ट ने कहा कि बालिका इंटर कॉलेज में 1200 छात्राएं अध्ययनरत हैं। लेकिन, शौचालय जर्जर बना हुआ है। शौचालय मरम्मत के लिए शिक्षा विभाग की ओर से बजट जारी नहीं किया जा रहा है। छात्राओं की समस्याओं को देखते हुए उन्होंने टीएचडीसी से सामाजिक दायित्व मद से क्षतिग्रस्त शौचालयों की मरम्मत करने की मांग की है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed