{"_id":"61f03fd8539a38770f2edf1f","slug":"elephants-ruined-wheat-crop-rishikesh-news-drn4025639122","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथियों ने वर्बाद की काश्तकारों की गेहूं की फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथियों ने वर्बाद की काश्तकारों की गेहूं की फसल
विज्ञापन
22 खदरी में हाथीयों की ओर से रौंदी गई काश्तकारों की गेहूं की फसल ।
- फोटो : RISHIKESH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्यामपुर न्याय पंचायत के अंतर्गत ग्राम सभा खदरी में बीती रात हाथियों के एक झुंड ने खादर में आधा दर्जन से अधिक किसानों की गेहूं की फसल रौंद डाली। ग्रामीणों ने वन विभाग से सौर ऊर्जा बाड़ को ठीक करने और फसल सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने की मांग की है।
स्थानीय काश्तकार चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि वे बीती रात साथियों के साथ खेतों में पहरा देने गए थे। कोहरा होने की वजह से खेतों में कुछ दिखाई नहीं दे रहा था, लेकिन अचानक खेतों में कुछ आहट सुनाई दी। उन्होंने टॉर्च की रोशनी से देखा तो बाइस बीघा तोक में विनोद जुगलान, दिनेश जुगलान और सुदामा प्रसाद के खेत में हाथी चर रहे थे। उन्होंने बमुश्किल साथियों की मदद से शोरकर टॉर्च की रोशनी से हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। हाथी गेहूं की फसल को रौंदते हुए राजाजी टाइगर पार्क की सीमा में प्रवेश कर गए। काश्तकारों ने मंगलवार सुबह खेतों में जाकर देखा तो उनके कई बीघा खेत हाथियों ने नष्ट कर दिए। दूसरी ओर लक्कड़घाट में लक्ष्मीप्रसाद और चंद्रप्रकाश कुकरेती की गन्ने की फसल को भी हाथियों ने रौंद डाला।
स्थानीय निवासी विनोद जुगलान, प्रमोद भट्ट, सुरेंद्र प्रसाद रयाल, राजेंद्र प्रसाद रयाल, बिंदेश्वरी देवी, मस्तराम भट्ट, रमेश रानाकोटी, आशाराम भट्ट, धर्मपाल नेगी, कुंवरपाल नेगी, बलबीर सिंह, शूरवीर सिंह, चंदन सिंह, सुखपाल गुसाईं, बृजमोहन सिंह रावत और उपेंद्र रयाल ने बताया कि बीते साल वन विभाग की ओर से लगभग एक किमी क्षेत्र में हाथी खाई खुदान का कार्य किया गया था। साथ ही ढाई किमी सौर ऊर्जा बाड़ लगाई गई थी, लेकिन बीते अगस्त माह में आई बरसाती बाढ़ से खाई में मलवा भर गया। सौर ऊर्जा बाड़ नदी की बाढ़ में बह गई, जिससे वन्यजीवों के लिए खेतों में आने का रास्ता आसान हो गया है।
विज्ञापन
उधर, ऋषिकेश वनक्षेत्राधिकारी ललितमोहन सिंह नेगी ने कहा कि वन विभाग की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही है। हाथियों से सुरक्षा के लिए क्षेत्र में खाई खोदने का कार्य किया जाएगा।
विज्ञापन
स्थानीय काश्तकार चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि वे बीती रात साथियों के साथ खेतों में पहरा देने गए थे। कोहरा होने की वजह से खेतों में कुछ दिखाई नहीं दे रहा था, लेकिन अचानक खेतों में कुछ आहट सुनाई दी। उन्होंने टॉर्च की रोशनी से देखा तो बाइस बीघा तोक में विनोद जुगलान, दिनेश जुगलान और सुदामा प्रसाद के खेत में हाथी चर रहे थे। उन्होंने बमुश्किल साथियों की मदद से शोरकर टॉर्च की रोशनी से हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। हाथी गेहूं की फसल को रौंदते हुए राजाजी टाइगर पार्क की सीमा में प्रवेश कर गए। काश्तकारों ने मंगलवार सुबह खेतों में जाकर देखा तो उनके कई बीघा खेत हाथियों ने नष्ट कर दिए। दूसरी ओर लक्कड़घाट में लक्ष्मीप्रसाद और चंद्रप्रकाश कुकरेती की गन्ने की फसल को भी हाथियों ने रौंद डाला।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी विनोद जुगलान, प्रमोद भट्ट, सुरेंद्र प्रसाद रयाल, राजेंद्र प्रसाद रयाल, बिंदेश्वरी देवी, मस्तराम भट्ट, रमेश रानाकोटी, आशाराम भट्ट, धर्मपाल नेगी, कुंवरपाल नेगी, बलबीर सिंह, शूरवीर सिंह, चंदन सिंह, सुखपाल गुसाईं, बृजमोहन सिंह रावत और उपेंद्र रयाल ने बताया कि बीते साल वन विभाग की ओर से लगभग एक किमी क्षेत्र में हाथी खाई खुदान का कार्य किया गया था। साथ ही ढाई किमी सौर ऊर्जा बाड़ लगाई गई थी, लेकिन बीते अगस्त माह में आई बरसाती बाढ़ से खाई में मलवा भर गया। सौर ऊर्जा बाड़ नदी की बाढ़ में बह गई, जिससे वन्यजीवों के लिए खेतों में आने का रास्ता आसान हो गया है।
विज्ञापन
उधर, ऋषिकेश वनक्षेत्राधिकारी ललितमोहन सिंह नेगी ने कहा कि वन विभाग की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही है। हाथियों से सुरक्षा के लिए क्षेत्र में खाई खोदने का कार्य किया जाएगा।