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शिक्षा से ही समाज में आती है समरसता
ब्यूरो /अमर उजाला/ऋषिकेश।
Updated Fri, 10 Feb 2017 12:31 AM IST
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जाटव बस्त में संत शिरोमणि रविदास जंयती की पूर्वसंध्या पर आयोजित गोष्ठी में अपने विचार व्यक्त करते वक्ता।
- फोटो : amar ujala
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संत शिरोमणी रविदास जयंती के उपलक्ष्य में उत्तराखंड दलित शोषित विकास मंच की पहल पर नई जाटव बस्ती अंबेडकर नगर में विचार गोष्ठी आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा से ही समाज में समरसता आती है। देश के विकास के लिए सभी नागरिकों का शिक्षित होना बहुत जरूरी है।
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मुख्य अतिथि महंत रामानंद मीणा ने कहा कि भारत पहले से ही महापुरुषों की धरती रही है। संत, महात्माओं ने भारत देश के उत्थान के लिए विभिन्न कार्य किए हैं। उन्होने देश के युवाओं तक महापुरुषों का योगदान पहुंचाने के लिए कई सुझाव दिए।
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मंच के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल जाटव ने कहा कि महापुरुषों की जयंती को समाज के हर वर्ग को मनाना चाहिए। वक्ताओं ने युवाओं को अपनी संस्कृति, रीति-रिवाज और महापुरुषों के कार्यों से प्रेरणा लेने की सलाह दी।
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इस अवसर पर प्रदीप जैन, जतिन जाटव, योगेेंद्र प्रजापति, सतीश जाटव, आशीष राय, ओम प्रकाश, विनय सारस्वत, मुमताज हाशिम, चंद्रकांत जोशी, विनय दुबे, बृजेश कुमार निगम, अंगूरी देवी, दया देवी आदि उपस्थित रहे।