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Kumar Vishwas: अपने-अपने राम...‘सौ बार धन्य वह एक लाल की माई, जिस माता ने है जना भरत-सा भाई’
Thu, 13 Jun 2024 03:49 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jun 2024 03:49 PM IST
सार
कथा में डॉ. विश्वास ने कहा, एक द्वार बंद हो जाने से जीवन की संपूर्ण संभावनाओं का अंत मानने वाली नई पीढ़ी को वह कहानी पढ़नी चाहिए जहां राज्याभिषेक के द्वार पर जाते हुए युवराज को राजमहल ने षड्यंत्र कर जंगल भेज दिया गया।
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कुमार विश्वास
- फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
विस्तार
त्रिवेणीघाट पर गंगा समिति की ओर से आयोजित ‘अपने-अपने राम’ सत्र में डॉ. कुमार विश्वास ने भरत और राम के आत्मीय संबंधों के माध्यम से परिवार के प्रेम और सौहार्द की महत्ता समझाई। डॉ. विश्वास ने मां कैकेयी की प्रशंसा में कुछ पंक्तियां सुनाईं। उन्होंने जब ‘सौ बार धन्य वह एक लाल की माई, जिस माता ने है जना भरत-सा भाई...’ गाया तो उपस्थित लोगों ने तालियां बजाईं।
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‘अपने-अपने राम’ सत्र के द्वितीय दिवस पर देश के प्रसिद्ध कवियों के साथ श्रीगंगा सभा के कई महत्वपूर्ण पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में देश के अलग-अलग स्थानों से आए अनेक तीर्थयात्रियों ने भी कथा का आनंद लिया। डॉ. कुमार विश्वास की विशिष्ट वक्ता शैली में श्रीराम कथा के कई मार्मिक प्रसंगों को सुनकर लोगों की आंखें कई बार भीगती नजर आईं। विश्वास ने नई पीढ़ी को प्रेरणा भी दी।
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बुधवार को कथा में डॉ. विश्वास ने कहा, एक द्वार बंद हो जाने से जीवन की संपूर्ण संभावनाओं का अंत मानने वाली नई पीढ़ी को वह कहानी पढ़नी चाहिए जहां राज्याभिषेक के द्वार पर जाते हुए युवराज को राजमहल ने षड्यंत्र कर जंगल भेज दिया गया। अगर वह राजा उस हार को स्वीकार कर ग्लानि से भर जाता तो देश को मर्यादा पुरुषोत्तम राम नहीं मिलता। डॉ. विश्वास ने कहा कि दृष्टि से शृष्टि का निर्माण है।
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संपत्ति और विपत्ति के बारे में बताया
डॉ. कुमार ने कहा कि जीवन में संपत्ति और विपत्ति कोई बाह्य स्थिति नहीं है। कहा कि प्रभु का स्मरण संपत्ति और उनका विस्मरण ही विपत्ति है। कहा कि गुरु वशिष्ठ ने चारों भाइयों से पूछा कि जीवन में सर्वाधिक अनमोल वस्तु क्या है। भरत ने कहा कि दुनिया में भाई के समान और क्या। कथा के दूसरे दिन डॉ. विश्वास से भरत-मिलाप का मार्मिक वर्णन सुन अधिकतर श्रोता भावुक हो रोते रहे।
विश्व की मां गोद में बैठाकर आपको कथा सुना रही है डॉ. विश्वास ने कहा, आप लोगों के जीवन के ये सबसे अनमोल दिन हैं। आपको विश्व की मां अपनी गोद में बैठाकर कथा सुना रही है। कथा के अवसर पर श्रीगंगा सभा के जगमोहन सोलंकी, चंद्रशेखर, हर्षवर्धन शर्मा, राहुल शर्मा आदि उपस्थित रहे।