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Rishikesh News: डोईवाला पुलिस ने अवैध खनन में पकड़ा ट्रैक्टर
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एआरटीओ ऋषिकेश कार्यालय की ओर से प्रवर्तन की कार्रवाई कैसे की जाती है। इसका उदाहरण बृहस्पतिवार को देखने को मिला। डोईवाला पुलिस को अवैध खनन में लिप्त एक ट्रैक्टर ऐसा मिला जो 12 साल से बिना फिटनेस और बिना इंश्योरेंस के दौड़ रहा था।
एआरटीओ ऋषिकेश में इस ट्रैक्टर का पंजीकरण 27 जुलाई 2006 में हुआ था। जब डोईवाला पुलिस ने ट्रैक्टर के ऑनलाइन कागजों की जांच की तो पता चला कि इसकी फिटनेस 29 दिसंबर 2011 से नहीं हुई है। इंश्योरेंस भी 15 जनवरी 2011 को खत्म हो गया था। 12 साल से यह ट्रैक्टर बिना फिटनेस के चल रहा था, लेकिन परिवहन विभाग के अधिकारियों ने ट्रैक्टर को कभी नहीं रोका।
डोईवाला, रानीपोखरी, भोगपुर क्षेत्र में कई ट्रैक्टर बिना पंजीकरण के ही संचालित हो रहे हैं। बिना पंजीकरण के ट्रैक्टर का प्रयोग अवैध खनन में किया जाता है। कभी पुलिस कार्रवाई होती है तो पंजीकरण नंबर न होने के कारण यह ट्रैक्टर आसानी से बच निकलते हैं। परिवहन विभाग के अधिकारी भी बिना पंजीकरण के चल रहे ट्रैक्टर के खिलाफ संयुक्त रूप से अभियान नहीं चलाते। इसकी वजह से राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
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कोई भी ट्रैक्टर बिना पंजीकरण, बिना फिटनेस, बिना टैक्स, बिना इंश्योरेंस के संचालित हो रहा हो, कृषि में पंजीकृत ट्रैक्टर का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है, ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जल्द अभियान चलाया जाएगा। - अरविंद पांडेय, एआरटीओ ऋषिकेश
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एआरटीओ ऋषिकेश में इस ट्रैक्टर का पंजीकरण 27 जुलाई 2006 में हुआ था। जब डोईवाला पुलिस ने ट्रैक्टर के ऑनलाइन कागजों की जांच की तो पता चला कि इसकी फिटनेस 29 दिसंबर 2011 से नहीं हुई है। इंश्योरेंस भी 15 जनवरी 2011 को खत्म हो गया था। 12 साल से यह ट्रैक्टर बिना फिटनेस के चल रहा था, लेकिन परिवहन विभाग के अधिकारियों ने ट्रैक्टर को कभी नहीं रोका।
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डोईवाला, रानीपोखरी, भोगपुर क्षेत्र में कई ट्रैक्टर बिना पंजीकरण के ही संचालित हो रहे हैं। बिना पंजीकरण के ट्रैक्टर का प्रयोग अवैध खनन में किया जाता है। कभी पुलिस कार्रवाई होती है तो पंजीकरण नंबर न होने के कारण यह ट्रैक्टर आसानी से बच निकलते हैं। परिवहन विभाग के अधिकारी भी बिना पंजीकरण के चल रहे ट्रैक्टर के खिलाफ संयुक्त रूप से अभियान नहीं चलाते। इसकी वजह से राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
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कोई भी ट्रैक्टर बिना पंजीकरण, बिना फिटनेस, बिना टैक्स, बिना इंश्योरेंस के संचालित हो रहा हो, कृषि में पंजीकृत ट्रैक्टर का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है, ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जल्द अभियान चलाया जाएगा। - अरविंद पांडेय, एआरटीओ ऋषिकेश