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Rishikesh News: नदियों के प्रदूषण मुक्त निर्मल प्रवाह को बनाए रखने पर चर्चा
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आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर अपने चंद्रेश्वर नगर स्थित आश्रम पहुंचे। शहर के विभिन्न संतों ने उनसे मुलाकात कर अभिनंदन किया।
सोमवार को तीर्थनगरी पहुंचे श्रीश्री रविशंकर से परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने मुलाकात की। दोनों संतों ने आध्यात्मिक चर्चाओं के दौरान उत्तराखंड के प्रदूषण मुक्त विकास, पर्यटन के साथ तीर्थाटन और गंगा सहित अन्य सहायक नदियों के प्रदूषण मुक्त निर्मल प्रवाह को बनाए रखने पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि इसकी शुरूआत हमें कथाओं, भंडारों और आध्यात्मिक कार्यक्रमों से करनी होगी। जिससे जीवनदायिनी नदियों और प्रदूषित हो रही मृदा को सुरक्षित रख सकते हैं। स्वामी चिदानंद ने श्रीश्री रविशंकर को रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया और परमार्थ गंगा आरती में प्रतिभाग के लिए आमंत्रित किया।
वहीं विरक्त वैष्णव मंडल व अखिल भारतीय संत समिति के संतों ने महामंडलेश्वर दयाराम दास की अध्यक्षता में श्रीश्री रविशंकर से शिष्टाचार भेंट की। संतों ने श्रीश्री रविशंकर को सम्मानित किया। संतों ने मथुरा, वृंदावन के कॉरिडोर व भव्य मंदिर निर्माण पर चर्चा की।
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श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि उत्तराखंड में दिव्यता व भव्यता, समृद्ध जल, हरियाली, मां गंगा और हिमालय का अद्भुत संगम है। यह प्रकृति व संस्कृति के संरक्षण का संदेश देता है। इस मौके पर महामंडलेश्वर ईश्वर दास, तुलसी मानस मंदिर के महंत रवि प्रपन्नाचार्य, स्वामी आलोक हरि, स्वामी स्वतंत्रानंद आदि संत मौजूद रहे।
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सोमवार को तीर्थनगरी पहुंचे श्रीश्री रविशंकर से परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने मुलाकात की। दोनों संतों ने आध्यात्मिक चर्चाओं के दौरान उत्तराखंड के प्रदूषण मुक्त विकास, पर्यटन के साथ तीर्थाटन और गंगा सहित अन्य सहायक नदियों के प्रदूषण मुक्त निर्मल प्रवाह को बनाए रखने पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि इसकी शुरूआत हमें कथाओं, भंडारों और आध्यात्मिक कार्यक्रमों से करनी होगी। जिससे जीवनदायिनी नदियों और प्रदूषित हो रही मृदा को सुरक्षित रख सकते हैं। स्वामी चिदानंद ने श्रीश्री रविशंकर को रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया और परमार्थ गंगा आरती में प्रतिभाग के लिए आमंत्रित किया।
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वहीं विरक्त वैष्णव मंडल व अखिल भारतीय संत समिति के संतों ने महामंडलेश्वर दयाराम दास की अध्यक्षता में श्रीश्री रविशंकर से शिष्टाचार भेंट की। संतों ने श्रीश्री रविशंकर को सम्मानित किया। संतों ने मथुरा, वृंदावन के कॉरिडोर व भव्य मंदिर निर्माण पर चर्चा की।
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श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि उत्तराखंड में दिव्यता व भव्यता, समृद्ध जल, हरियाली, मां गंगा और हिमालय का अद्भुत संगम है। यह प्रकृति व संस्कृति के संरक्षण का संदेश देता है। इस मौके पर महामंडलेश्वर ईश्वर दास, तुलसी मानस मंदिर के महंत रवि प्रपन्नाचार्य, स्वामी आलोक हरि, स्वामी स्वतंत्रानंद आदि संत मौजूद रहे।