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Rishikesh News: आस्था की डगर पर दुश्वारियों का रोड़ा

Tue, 25 Feb 2025 01:29 AM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश Updated Tue, 25 Feb 2025 01:29 AM IST
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Difficulties hinder the path of faith
कल महाशिवरात्रि है। नीलकंठ धाम में जलाभिषेक के लिए शिवभक्त ऋषिकेश से गंगा जल लेकर निकल रहे हैं। आस्था की डगर पर दुश्वारियों भी कम नहीं है। स्थानीय प्रशासन की ओर से शिवभक्तों की सुविधा के लिए ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं। पेयजल, शौचालय और पथ प्रकाश के साथ ही समुचित स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है।
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महाशिवरात्रि पर ऐतिहासिक और पौराणिक मंदिर नीलकंठ में लाखों की तादाद में शिवभक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। ऋषिकेश से गंगा जल लेकर शिवभक्त नीलकंठ पैदल मार्ग और मोटर मार्ग से जाते हैं। यात्रा शुरू होने से करीब माहभर पहले पौड़ी प्रशासन की ओर से शिवभक्तों के लिए मूलभूत व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाती थी, लेकिन इस बार प्रशासन की व्यवस्थाएं धूल फांक रही हैं।
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शिवभक्तों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई है, लेकिन पैदल मार्ग पर पथ प्रकाश, शौचालय, पेयजल और स्वास्थ्य समेत विभिन्न सुविधाएं नदारद हैं। नीलकंठ पैदल मार्ग पर बने पेयजल स्टैंड पोस्ट सूख रहे हैं। अस्थायी शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से शिवभक्त खुले में शौच करने को मजबूर हैं। पथ प्रकाश की व्यवस्था नहीं होने से शिवभक्त अंधेरे रास्ते और हाथी बाहुल्य क्षेत्र में जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। महाशिवरात्रि की भीड़ से बचने के लिए बहुत से शिवभक्त जलाभिषेक कर वापस भी लौट रहे हैं।
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महाशिवरात्रि पर माहभर पहले ही नीलकंठ धाम में जलाभिषेक के लिए शिवभक्त आने शुरू हो जाते हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से पैदल मार्ग पर भक्तों के लिए मूलभूत व्यवस्थाएं नहीं जुटाई जाती हैं। - हरेंद्र, इटावा

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मार्ग पर लगे पेयजल स्टैंड पोस्ट सूख रहे हैं। पानी की बोतलें खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है। अस्थायी शौचालय नहीं होने से लोग खुले में शौच कर रहे हैं, जिससे मार्ग पद दुर्गंध आ रही है। - दीपक, मुरादाबाद

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परिवार के साथ कई बार वैष्णव धाम यात्रा पर गए। वहां प्रशासन की ओर से मूलभूत व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं, लेकिन नीलकंठ धाम में आज तक व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हुई हैं। - सुरेश, बदायूं

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कोट

संबंधित विभागीय अधिकारियों को नीलकंठ पैदल मार्ग पर मूलभूत व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैंद। कर्मचारी नीलकंठ पैदल मार्ग पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटे हैं। - अनिल चन्याल, एसडीएम यमकेश्वर


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भंडारा संचालकों के उखाड़े टेंट



राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र अंतर्गत नीलकंठ पैदल मार्ग पर सज रहे भंडारों को पार्क की टीम ने खदेड़ दिया। पैदल मार्ग पर भंडारे के टेंट लगाने की सूचना जैसे ही पार्क प्रशासन की लगी, कर्मचारी मौके पर पहुंचे और भंडारा आयोजकों के टेंट को उखाड़ दिया। साथ ही पार्क क्षेत्र में भंडारा न लगाने के सख्त निर्देश दिए।


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हरिद्वार, लक्ष्मणझूला-स्वर्गाश्रम के गंगा घाट से भरते हैं गंगा जल

शिवभक्त हरिद्वार और लक्ष्मणझूला-स्वर्गाश्रम के गंगा घाट से गंगाजल भरकर नीलकंठ धाम की ओर रवाना होते हैं। हरिद्वार से ऋषिकेश की दूरी करीब 32 किमी है। लक्ष्मणझूला-स्वर्गाश्रम से नीलकंठ धाम की दूरी पैदल मार्ग से करीब 12 किमी और मोटर मार्ग से करीब 25 किमी है। मोटर मार्ग से शिवभक्तों को हरिद्वार से नीलकंठ तक करीब 57 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। नीलकंठ पैदल मार्ग पर पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से शिवभक्त दुकानों से पानी की बोतलें खरीदकर प्यास बुझा रहे हैं।
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