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हिमालयन अस्पताल ने दिया नन्ही बच्ची का नया जीवन
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डोईवाला। एसआरएचयू हिमालयन अस्पताल के बालशल्य चिकित्सा विभाग के चिकित्सकों ने तीन वर्षीय बच्ची की आहार नाल बनाकर नया जीवनदान दिया है। बच्ची अब सामान्य बच्चों की तरह खा पी सकती है।
हिमालयन अस्पताल के वरिष्ठ पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि इसाफेनियल रिप्लेसमेंट के द्वारा बच्ची की नई भोजन नली (आहार नाल) तैयार की गई है। बच्ची के जन्म से ही भोजन की नली नहीं थी। इस वजह से खाने पीने में अक्षम थी। परिजन उसे उपचार के लिए हिमालयन अस्पताल लेकर आए थे। डॉ. संतोष ने बताया कि मेडिकल की भाषा में इसे इसोफेजिअल एट्रेजिया कहते है। इस कारण थूक को भी नहीं निगला जा सकता है। बच्ची का पहला ऑपरेशन जन्म के तुरंत बाद किया गया था। इसमें गर्दन में ऑपरेशन कर थूक का रास्ता बनाया गया। वहीं, पेट में दूसरा ऑपरेशन कर उसके आमाशय में एक छोटी ट्यूब डाली गई। इससे उसे दूध और दवाइयां दी जा सकें। तीन वर्ष की आयु पूरी उसके लिए भोजन की नली बनाने का ऑपरेशन किया गया। साढ़े छह घंटे की जटिल सर्जरी को अंजाम दिया गया। बच्ची के पूरे आमाशय का इस्तेमाल करते हुए भोजन नली की जगह स्थापित किया गया। थूक की नली भी इससे जोड़ी गई है। सर्जरी सफल होने के बाद बच्ची अब आराम से सभी चीजें खा पी सकती है। टीम में डॉ. आयशा, डॉ. साहिल, डॉ. गुरजीत, डॉ. पारुल, डॉ. निकिता आदि शामिल रहीं।
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हिमालयन अस्पताल के वरिष्ठ पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि इसाफेनियल रिप्लेसमेंट के द्वारा बच्ची की नई भोजन नली (आहार नाल) तैयार की गई है। बच्ची के जन्म से ही भोजन की नली नहीं थी। इस वजह से खाने पीने में अक्षम थी। परिजन उसे उपचार के लिए हिमालयन अस्पताल लेकर आए थे। डॉ. संतोष ने बताया कि मेडिकल की भाषा में इसे इसोफेजिअल एट्रेजिया कहते है। इस कारण थूक को भी नहीं निगला जा सकता है। बच्ची का पहला ऑपरेशन जन्म के तुरंत बाद किया गया था। इसमें गर्दन में ऑपरेशन कर थूक का रास्ता बनाया गया। वहीं, पेट में दूसरा ऑपरेशन कर उसके आमाशय में एक छोटी ट्यूब डाली गई। इससे उसे दूध और दवाइयां दी जा सकें। तीन वर्ष की आयु पूरी उसके लिए भोजन की नली बनाने का ऑपरेशन किया गया। साढ़े छह घंटे की जटिल सर्जरी को अंजाम दिया गया। बच्ची के पूरे आमाशय का इस्तेमाल करते हुए भोजन नली की जगह स्थापित किया गया। थूक की नली भी इससे जोड़ी गई है। सर्जरी सफल होने के बाद बच्ची अब आराम से सभी चीजें खा पी सकती है। टीम में डॉ. आयशा, डॉ. साहिल, डॉ. गुरजीत, डॉ. पारुल, डॉ. निकिता आदि शामिल रहीं।
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