शरद पूर्णिमा पर गंगा घाट और तटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। त्रिवेणी घाट, मुनिकीरेती, लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम क्षेत्र में लोगों ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। हरिद्वार में गंगा नदी के बंद होने से ऋषिकेश क्षेत्र में गंगा घाटों और तटों पर पर्यटक, सैलानी और श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली।
रविवार को सुबह से ही ऋषिकेश क्षेत्र में वाहनों का जाम लग गया। हरिद्वार से ऋषिकेश को आने वाले वाहन श्यामपुर बाईपास होते हुए नटराज चौक, भद्रकाली बाईपास होते हुए पीडब्ल्यूडी खारास्रोत तिराहा मुनि की रेती पहुंची। कुछ वाहनों को ब्रह्मानंद मोड से तपोवन की ओर डायर्वट किया गया। यातायात व्यवस्था बनाने के लिए जगह-जगह पुलिस के कर्मचारी तैनात दिखे।
ऋषिकेश मुख्य बाजार में बाहरी और भारी वाहनों का प्रवेश न हो इसके लिए कोयल घाटी, पुरानी चुंगी, घाट चौक, देहरादून तिराहा, चंद्रभागा आदि जगहों पर पुलिस कर्मचारी निगरानी बनाए हुए रहे। सुबह चार बजे से ही गंगा घाट में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हुई, जो दोपहर करीब दो बजे तक दिखी। गंगा में स्नान करने के बाद लोगों ने घाट पर बैठे साधु संत और फक्कड़ बाबाओं को दान, दक्षिणा दिया।
हरिद्वार में गंगा नदी बंद होने का असर ऋषिकेश क्षेत्र में देखने को मिला। जो श्रद्धालु हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए आ रहे थे, गंगा बंद होने से वह लोग ऋषिकेश पहुंचे। जिससे यहां के घाट और तटों पर भीड़ रही। स्नान और दान, दक्षिणा के बाद सभी श्रद्धालु अपने गंतव्यों की ओर रवाना हुए। इस दौरान गंगा घाट और तटों पर भंडारों का भी आयोजन किया गया। जहां जरुरतमंदों को कढ़ी चावल, पूरी वितरित किए गए।