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Rishikesh News: मायाकुंड में सप्त दिवसीय अतिरुद्र महायज्ञ का शुभारंभ
Sun, 20 Sep 2026 05:44 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sun, 20 Sep 2026 05:44 PM IST
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मायाकुंड में सप्त दिवसीय अतिरुद्र महायज्ञ का शुभारंभ
ऋषिकेश। मायाकुंड स्थित शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम समाधि संस्थान जनार्दन आश्रम दंडीबाड़ा में सप्त दिवसीय अतिरुद्र महायज्ञ स्वाहाकार का विधि-विधान के साथ शुभारंभ हुआ। चातुर्मास व्रत समापन के अवसर पर आयोजित इस महायज्ञ में विश्व शांति, विश्व कल्याण, सामाजिक सुख-समृद्धि, महापुरुषों की दिव्य स्मृतियों को समर्पित प्रार्थनाएं की गईं। भगवान गणपति का पूजन करने के बाद अतिरुद्र महायज्ञ स्वाहाकार का शुभारंभ किया गया। यज्ञ में 81 वैदिक ब्राह्मणों ने अग्निकुंडों में आहुतियां दी।
केशव स्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि इस प्रकार के अतिरुद्र महायज्ञ अत्यंत दुर्लभ होते हैं। सद्गुरुदेव की सद्प्रेरणा से ही ऐसे आयोजन संभव होते हैं। उन्होंने कहा कि यज्ञ केवल मानव कल्याण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे संपूर्ण जीव-जगत के कल्याण की भावना जुड़ी है। उन्होंने कहा कि यज्ञ से वातावरण और प्रकृति की शुद्धि का भी संदेश मिलता है। शास्त्रों में यज्ञ की महत्ता को व्यापक रूप से बताया गया है।
इस अवसर पर इस अवसर पर स्वामी अनंतानंद महाराज, शैलेंद्र मिश्रा, मेयर शंभू पासवान, रीना शर्मा, माधवी गुप्ता, अजय गौड़, एलपी पुरोहित, डॉ.राजेश नैथानी, दंडी स्वामी निर्मलानंद तीर्थ, गगन गोयल, मुकेश शर्मा, लखन पाल, राजीव थपलियाल, देवेंद्र रौथाण, सुधीर कुमार नंद,डॉ.जनार्दन कैरवाण, नरेंद्र सकलानी, सूरज बिजल्वाण, आयुष गौड़, सुरेश पंत, विवेकानंद मैठाणी आदि उपस्थित रहे।
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ऋषिकेश। मायाकुंड स्थित शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम समाधि संस्थान जनार्दन आश्रम दंडीबाड़ा में सप्त दिवसीय अतिरुद्र महायज्ञ स्वाहाकार का विधि-विधान के साथ शुभारंभ हुआ। चातुर्मास व्रत समापन के अवसर पर आयोजित इस महायज्ञ में विश्व शांति, विश्व कल्याण, सामाजिक सुख-समृद्धि, महापुरुषों की दिव्य स्मृतियों को समर्पित प्रार्थनाएं की गईं। भगवान गणपति का पूजन करने के बाद अतिरुद्र महायज्ञ स्वाहाकार का शुभारंभ किया गया। यज्ञ में 81 वैदिक ब्राह्मणों ने अग्निकुंडों में आहुतियां दी।
केशव स्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि इस प्रकार के अतिरुद्र महायज्ञ अत्यंत दुर्लभ होते हैं। सद्गुरुदेव की सद्प्रेरणा से ही ऐसे आयोजन संभव होते हैं। उन्होंने कहा कि यज्ञ केवल मानव कल्याण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे संपूर्ण जीव-जगत के कल्याण की भावना जुड़ी है। उन्होंने कहा कि यज्ञ से वातावरण और प्रकृति की शुद्धि का भी संदेश मिलता है। शास्त्रों में यज्ञ की महत्ता को व्यापक रूप से बताया गया है।
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इस अवसर पर इस अवसर पर स्वामी अनंतानंद महाराज, शैलेंद्र मिश्रा, मेयर शंभू पासवान, रीना शर्मा, माधवी गुप्ता, अजय गौड़, एलपी पुरोहित, डॉ.राजेश नैथानी, दंडी स्वामी निर्मलानंद तीर्थ, गगन गोयल, मुकेश शर्मा, लखन पाल, राजीव थपलियाल, देवेंद्र रौथाण, सुधीर कुमार नंद,डॉ.जनार्दन कैरवाण, नरेंद्र सकलानी, सूरज बिजल्वाण, आयुष गौड़, सुरेश पंत, विवेकानंद मैठाणी आदि उपस्थित रहे।
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