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Rishikesh News: गंगा स्नान के लिए उमड़े श्रद्धालु
Thu, 30 Jan 2025 01:02 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Thu, 30 Jan 2025 01:02 AM IST
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मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। कड़ाके की सर्दी होने के बावजूद सुबह से शाम तक गंगा घाट और तटों पर स्नान करने वालों की भीड़ लगी रही। श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान और दीपदान के साथ ही अन्न, धन, वस्त्र आदि चीजों का दान किया। गंगा घाट और तटों पर श्रद्धालुओं को खिचड़ी, हलवा आदि का प्रसाद वितरित किया गया। बुधवार सुबह से ही त्रिवेणीघाट पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। गंगा घाट पर श्रद्धालुओं ने पूजा पाठ के साथ गंगाजल का आचमन कर मां गंगा से आशीर्वाद प्राप्त किया। घाट पर स्नान का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। गंगा घाट पर श्रद्धालुओं ने साधु-संतों को उड़द की दाल, चावल, धन, कपड़ा आदि का दान किया। घाट पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ विभिन्न प्रकार के पूजा पाठ भी किए। लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, मुनि की रेती, तपोवन, 72 सीढ़ी, साईंघाट, श्यामपुर, हरिपुरकलां आदि जगह गंगा घाट और तटों पर श्रद्धालु गंगा में स्नान करते हुए नजर आए। गंगा घाटों पर स्थानीय लोगों के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, मुंबई आदि प्रांतों से आए हुए श्रद्धालुओं ने भी स्नान किया। घाट पर श्रद्धालुओं की ओर से विभिन्न प्रकार का प्रसाद वितरित किया गया। शाम ढलते ही श्रद्धालुओं ने घाट और तटों पर दीपदान और फूलदान किया। पं. सुमित गौड़ ने बताया कि मौनी शब्द का अर्थ मौन यानी चुप रहने से संबंधित है। इसे मौन रहने और आत्मचिंतन के लिए विशेष दिन माना जाता है। ऐसी मान्यताएं हैं कि मौनी अमावस्या के दिन गंगा और उसकी सहायक नदियों में स्नान और दान, धर्म आदि कार्य करने से पापों का प्रायश्चित हो जाता है।