फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rishikesh News ›   Demand to free villages from authority

गांवों को प्राधिकरण से मुक्त कराने की मांग

Tue, 13 Oct 2020 12:45 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2020 12:45 AM IST
विज्ञापन
Demand to free villages from authority
तपोवन के एक आश्रम में प्राधिकरण के खिलाफ बैठक करते ग्रामीण। - फोटो : RISHIKESH
ऋषिकेश। तपोवन के एक आश्रम में ग्राम सभा तपोवन, घुगतानी तल्ली मल्ली, जामरी, काटल, बड़ेडा, बड़कोट, पाथों, कोड़ार, नीर, क्यार्की, शिवपुरी आदि गांवों के ग्रामीणों ने एक बैठक आयोजित की। बैठक में ग्रामीणों ने जिला विकास प्राधिकरण के विरोध में कानूनी कार्रवाई व जन आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन

सोमवार को पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह भंडारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने अपने गांवों को जिला प्राधिकरण से मुक्त करने पर चर्चा की। ग्रामीणों ने कहा कि तपोवन, घुघतानी क्षेत्र में वर्ष 1986 में हरिद्वार प्राधिकरण आ गया था, लेकिन तब भी ग्रामीणों ने इसका विरोध किया था, प्राधिकरण ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि क्षेत्र में प्राधिकरण लागू होने से क्षेत्र का विकास होगा। लेकिन वर्ष 2017 तक धरातल पर सब शून्य था। प्राधिकरण ने अपनी भ्रष्ट नीति के कारण बाहरी लोगों को तपोवन क्षेत्र में बसा दिया है। जिसके कारण तपोवन क्षेत्र में अवैध निर्माणों को मकड़जाल बिछ गया है। कहा 1976 नीति के तहत प्राधिकरण केवल शहरों पर लागू होता है, ग्राम पंचायतों पर नहीं है। लेकिन यहां प्राधिकरण ग्राम पंचायतों पर लागू हो रहा है। जिसका ग्रामीण पुरजोर विरोध कर रहे हैं। इस मौके पर मोहन बिष्ट, अर्चना चौहान, पार्वती देवी, दीपक पुंडीर, राजेंद्र रावत, विजेंद्र कंडारी, गोपाल चौहान, भगवती प्रसाद भट्ट, उदय पुंडीर, राजेश ग्वाड़ी, जगत सिंह नेगी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed