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Rishikesh News: निर्दोष लोगों को रिहा करने की मांग
Fri, 02 Jan 2026 02:10 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Fri, 02 Jan 2026 02:10 AM IST
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28 दिसंबर को ऋषिकेश में वन भूमि प्रकरण को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से दर्ज किए गए मुकदमों और निर्दोष लोगों की गिरफ्तारी के विरोध में जनप्रतिनिधियों ने तहसील प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वन विभाग और पुलिस प्रशासन की ओर से जिस तरह अचानक कठोर कार्रवाई की गई, उससे वर्षों से निवास कर रहे लोगों में भय, तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया। उच्चतम न्यायालय के निर्देशों में स्पष्ट रूप से तथ्यों की जांच के लिए समिति गठित करने की बात कही गई थी, लेकिन प्रशासन ने संवाद और संयम अपनाने के बजाय बल प्रयोग का रास्ता चुना।
आरोप है कि लाठीचार्ज और पथराव की घटनाओं के बाद बिना निष्पक्ष जांच के ज्ञात अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए गए और कई निर्दोष लोगों को जेल भेज दिया गया। जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि 28 दिसंबर की घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, सभी निर्दोष लोगों के खिलाफ दर्ज फर्जी मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं। जेल में बंद लोगों की अविलंब रिहाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई न हो, इसके लिए प्रशासन को स्पष्ट निर्देश देने की मांग की गई है। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य विनीता रतूड़ी, प्रधान शांति थपलियाल, आशुतोष शर्मा, दिनेश चंद्र मास्टर, विनोद चौहान, देवेन्द्र दत्त बैलवाल आदि मौजूद रहे।
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ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वन विभाग और पुलिस प्रशासन की ओर से जिस तरह अचानक कठोर कार्रवाई की गई, उससे वर्षों से निवास कर रहे लोगों में भय, तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया। उच्चतम न्यायालय के निर्देशों में स्पष्ट रूप से तथ्यों की जांच के लिए समिति गठित करने की बात कही गई थी, लेकिन प्रशासन ने संवाद और संयम अपनाने के बजाय बल प्रयोग का रास्ता चुना।
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आरोप है कि लाठीचार्ज और पथराव की घटनाओं के बाद बिना निष्पक्ष जांच के ज्ञात अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए गए और कई निर्दोष लोगों को जेल भेज दिया गया। जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि 28 दिसंबर की घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, सभी निर्दोष लोगों के खिलाफ दर्ज फर्जी मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं। जेल में बंद लोगों की अविलंब रिहाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई न हो, इसके लिए प्रशासन को स्पष्ट निर्देश देने की मांग की गई है। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य विनीता रतूड़ी, प्रधान शांति थपलियाल, आशुतोष शर्मा, दिनेश चंद्र मास्टर, विनोद चौहान, देवेन्द्र दत्त बैलवाल आदि मौजूद रहे।
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