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Rishikesh News: प्रमाणपत्र बनाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग
Thu, 15 Oct 2026 06:29 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Thu, 15 Oct 2026 06:29 PM IST
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कार्य बहिष्कार के चलने विभिन्न तहसीलों में लटके हैं दर्जनों आवेदन
जौलीग्रांट। विभिन्न तहसीलों में 25 सितंबर से राजस्व उपनिरीक्षकों के कार्य बहिष्कार से स्थायी, जाति, आय, हैसियत आदि के सैकड़ों प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी नौकरी के लिए आवेदन करने वाले युवाओं को करनी पड़ रही है। प्रदेश के कई जिलों में स्वतंत्रता सेनानी के फर्जी प्रमाणपत्र पाए जाने के बाद राजस्व उपनिरीक्षकों पर हुई कार्रवाई से कार्य बहिष्कार किया गया है। जिससे तहसील से जारी होने वाला कोई भी प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है। लोगों की मांग है कि जब तक राजस्व उपनिरीक्षकों का कार्य बहिष्कार है। तब तक सरकार को कोई वैकल्पिक व्यवस्था बनानी चाहिए। या फिर आवेदन द्वारा दिए गए शपथ पत्र ही काम चलना चाहिए।
1: लगभग हर दिन उनके पास लोग आ रहे हैं कि उनका या उनके बच्चों का स्थाई निवासी, जाति, आय आदि प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। राजस्व उपनिरीक्षकों ने कार्य बहिष्कार किया है। लेकिन शासन या उच्च अधिकारियों को वैकल्पिक व्यवस्था बनानी चाहिए। या राजस्व उपनिरीक्षकों से बातचीत कर रास्ता निकालना चाहिए। सुधीर रतूड़ी, ग्राम प्रधान रानीपोखरी
2: उन्होंने बीते 17 सितंबर को तहसील में स्थाई निवास प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवेदन किया था। लेकिन अभी तक प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है। जिससे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गबर सिंह सेनवाल, रानीपोखरी
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3: उन्होंने करीब 18 दिन पहले जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए ऋषिकेश तहसील में आवेदन किया था। लेकिन अब तक उनका प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है। 18 अक्तूबर को रूड़की में उन्हे शारीरिक भर्ती परीक्षा में शामिल होना है। जिसमें इस प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ेगी। जिस कारण वो परेशान हैं। शासन प्रशासन को इसके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था बनानी चाहिए। आयुष पंत, लिस्ट्राबाद
-- राजस्व उपनिरीक्षकों पर कार्रवाई गलत की गई है। जिस कारण राजस्व उपनिरीक्षक कार्य बहिष्कार पर हैं। उनकी समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। आज संघ के पदाधिकारियों की जिला प्रशासन के साथ वार्ता है। वार्ता सफल हुई तो कार्य बहिष्कार समाप्त हो जाएगा। यदि वार्ता सफल नहीं हुई तो आगे की रणनीति बनाई जाएगी। जयपाल सिंह रावत, जिलाध्यक्ष उत्तराखंड लेखपाल संघ
-- जो आवेदन उनके पास आए हैं। उनके प्रमाण पत्र जारी कर दिए हैं। लेकिन जो प्रमाण पत्र राजस्व उपनिरीक्षकों के पास हैं। उन आवेदकों के प्रमाण पत्र कार्य बहिष्कार के चलते नहीं बन पा रहे हैं। शासन या उच्च अधिकारियों से जैसे भी निर्देश मिलेंगे, उन्ही निर्देशों के अनुसार कार्य किया जाएगा। प्रदीप नेगी, तहसीलदार ऋषिकेश
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जौलीग्रांट। विभिन्न तहसीलों में 25 सितंबर से राजस्व उपनिरीक्षकों के कार्य बहिष्कार से स्थायी, जाति, आय, हैसियत आदि के सैकड़ों प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी नौकरी के लिए आवेदन करने वाले युवाओं को करनी पड़ रही है। प्रदेश के कई जिलों में स्वतंत्रता सेनानी के फर्जी प्रमाणपत्र पाए जाने के बाद राजस्व उपनिरीक्षकों पर हुई कार्रवाई से कार्य बहिष्कार किया गया है। जिससे तहसील से जारी होने वाला कोई भी प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है। लोगों की मांग है कि जब तक राजस्व उपनिरीक्षकों का कार्य बहिष्कार है। तब तक सरकार को कोई वैकल्पिक व्यवस्था बनानी चाहिए। या फिर आवेदन द्वारा दिए गए शपथ पत्र ही काम चलना चाहिए।
1: लगभग हर दिन उनके पास लोग आ रहे हैं कि उनका या उनके बच्चों का स्थाई निवासी, जाति, आय आदि प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। राजस्व उपनिरीक्षकों ने कार्य बहिष्कार किया है। लेकिन शासन या उच्च अधिकारियों को वैकल्पिक व्यवस्था बनानी चाहिए। या राजस्व उपनिरीक्षकों से बातचीत कर रास्ता निकालना चाहिए। सुधीर रतूड़ी, ग्राम प्रधान रानीपोखरी
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2: उन्होंने बीते 17 सितंबर को तहसील में स्थाई निवास प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवेदन किया था। लेकिन अभी तक प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है। जिससे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गबर सिंह सेनवाल, रानीपोखरी
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3: उन्होंने करीब 18 दिन पहले जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए ऋषिकेश तहसील में आवेदन किया था। लेकिन अब तक उनका प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है। 18 अक्तूबर को रूड़की में उन्हे शारीरिक भर्ती परीक्षा में शामिल होना है। जिसमें इस प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ेगी। जिस कारण वो परेशान हैं। शासन प्रशासन को इसके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था बनानी चाहिए। आयुष पंत, लिस्ट्राबाद