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Rishikesh News: यमकेश्वर विज्ञान महोत्सव में 128 बाल वैज्ञानिकों ने लिया भाग
Thu, 15 Oct 2026 07:46 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Thu, 15 Oct 2026 07:46 PM IST
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- दिउली में आयोजित प्रतियोगिता में जूनियर-सीनियर वर्ग के विजेताओं को मेडल और ट्रॉफी देकर किया सम्मानित
यमकेश्वर। राजकीय इंटर कॉलेज दिउली में खंड स्तरीय विज्ञान महोत्सव-2026 के तहत विज्ञान प्रदर्शनी और विज्ञान ड्रामा प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें यमकेश्वर ब्लॉक के 17 विद्यालयों के 128 बाल वैज्ञानिकों ने शिक्षकों के साथ प्रतिभाग किया। विज्ञान प्रदर्शनी का मुख्य विषय ‘सतत एवं विकसित भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार’ तथा विज्ञान ड्रामा का विषय मानव जाति कल्याण के लिए विज्ञान व प्रौद्योगिकी रहा। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मेडल और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
जूनियर वर्ग में कृत्रिम बुद्धिमता में राइंका हीराखाल की महक प्रथम और राइंका दिउली की खुशबू द्वितीय रहीं। हरित ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण में राउमावि परंदा के आयुष प्रथम, राइंका लक्ष्मणझूला के अंशु द्वितीय और राइंका दिउली की परिधि तृतीय रहीं। गणितीय प्रतिरूपण एवं कम्प्यूटेशनल चिंतन में राइंका गंगाभोगपुर के भास्कर प्रथम, राइंका दिउली के अक्षत पयाल द्वितीय और राइंका हीराखाल की अवनी तृतीय रहीं। स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं साफ-सफाई में राइंका दिउली के आशुतोष प्रथम, राइंका मोहनचट्टी की सानवी द्वितीय और राउमावि अमोला की अवनी तृतीय रहीं। स्वदेशी कृषि पद्धतियों में राइंका बनचूरी की रिया प्रथम, राइंका हीराखाल की मानवी द्वितीय और राइंका दिउली के तक्ष तृतीय रहे। ग्रामीण परिवर्तन के लिए विज्ञान में राउमावि अमोला के आरुष प्रथम, राउमावि सिगड्डी के रितेश द्वितीय और राइंका हीराखाल की शिवानी तृतीय रहीं। आपदा प्रबंधन में राइंका बनचूरी की साधना प्रथम, राबाइंका थलनदी की आरुषि द्वितीय और राइंका दिउली की दिव्या तृतीय रहीं।
वहीं, सीनियर वर्ग में बेहतर जीवन के लिए कृत्रिम बुद्धिमता में राइंका मोहनचट्टी की रुचिता चौहान प्रथम, राइंका हीराखाल की अदिति द्वितीय और राइंका दिउली के मयंक तृतीय रहे। हरित ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण में राउमावि कांडी के अस्मित प्रथम, राइंका हीराखाल के शुभम सिंह द्वितीय और राइंका मोहनचट्टी के अनुज बिष्ट तृतीय रहे। गणितीय प्रतिरूपण एवं कम्प्यूटेशनल चिंतन में राइंका गंगाभोगपुर की कशिश रावत प्रथम, राइंका दिउली की अनन्या द्वितीय और राइंका हीराखाल की निकिता तृतीय रहीं। स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं साफ-सफाई में राउमावि अमोला की सृष्टि प्रथम, राइंका हीराखाल के शुभम जोशी द्वितीय और राइंका दिउली के रियांश तृतीय रहे। स्वदेशी कृषि पद्धतियों में राइंका हीराखाल की सविता प्रथम, राइंका दिउली की शीतल द्वितीय और राइंका बुधौली की पावनी तृतीय रहीं। ग्रामीण परिवर्तन के लिए विज्ञान में राउमावि परंदा के मयंक थपलियाल प्रथम, राउमावि अमोला के साहिल द्वितीय और राइंका हीराखाल की लक्ष्मी तृतीय रहीं। आपदा प्रबंधन में राइंका हीराखाल के नैतिक प्रथम, राइंका मोहनचट्टी की दिव्यांशी द्वितीय और राइंका दिउली की आरुषि पयाल तृतीय रहीं। विज्ञान ड्रामा प्रतियोगिता में राबाइका थलनदी ने प्रथम, राइंका लक्ष्मणझूला ने द्वितीय और राउमावि अमोला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।इस मौके पर प्रदीप बिष्ट, पंकज बलूनी, धीरेंद्र भंडारी, जगमाल कर्णवाल, नागेंद्र व्यास, महेश्वर दास गुप्ता, रमेश सिंह कठैत, संजय थपलियाल, उमेद सिंह, वीरेंद्र चंद्र पाठक आदि मौजूद रहे।
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यमकेश्वर। राजकीय इंटर कॉलेज दिउली में खंड स्तरीय विज्ञान महोत्सव-2026 के तहत विज्ञान प्रदर्शनी और विज्ञान ड्रामा प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें यमकेश्वर ब्लॉक के 17 विद्यालयों के 128 बाल वैज्ञानिकों ने शिक्षकों के साथ प्रतिभाग किया। विज्ञान प्रदर्शनी का मुख्य विषय ‘सतत एवं विकसित भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार’ तथा विज्ञान ड्रामा का विषय मानव जाति कल्याण के लिए विज्ञान व प्रौद्योगिकी रहा। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मेडल और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
जूनियर वर्ग में कृत्रिम बुद्धिमता में राइंका हीराखाल की महक प्रथम और राइंका दिउली की खुशबू द्वितीय रहीं। हरित ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण में राउमावि परंदा के आयुष प्रथम, राइंका लक्ष्मणझूला के अंशु द्वितीय और राइंका दिउली की परिधि तृतीय रहीं। गणितीय प्रतिरूपण एवं कम्प्यूटेशनल चिंतन में राइंका गंगाभोगपुर के भास्कर प्रथम, राइंका दिउली के अक्षत पयाल द्वितीय और राइंका हीराखाल की अवनी तृतीय रहीं। स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं साफ-सफाई में राइंका दिउली के आशुतोष प्रथम, राइंका मोहनचट्टी की सानवी द्वितीय और राउमावि अमोला की अवनी तृतीय रहीं। स्वदेशी कृषि पद्धतियों में राइंका बनचूरी की रिया प्रथम, राइंका हीराखाल की मानवी द्वितीय और राइंका दिउली के तक्ष तृतीय रहे। ग्रामीण परिवर्तन के लिए विज्ञान में राउमावि अमोला के आरुष प्रथम, राउमावि सिगड्डी के रितेश द्वितीय और राइंका हीराखाल की शिवानी तृतीय रहीं। आपदा प्रबंधन में राइंका बनचूरी की साधना प्रथम, राबाइंका थलनदी की आरुषि द्वितीय और राइंका दिउली की दिव्या तृतीय रहीं।
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वहीं, सीनियर वर्ग में बेहतर जीवन के लिए कृत्रिम बुद्धिमता में राइंका मोहनचट्टी की रुचिता चौहान प्रथम, राइंका हीराखाल की अदिति द्वितीय और राइंका दिउली के मयंक तृतीय रहे। हरित ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण में राउमावि कांडी के अस्मित प्रथम, राइंका हीराखाल के शुभम सिंह द्वितीय और राइंका मोहनचट्टी के अनुज बिष्ट तृतीय रहे। गणितीय प्रतिरूपण एवं कम्प्यूटेशनल चिंतन में राइंका गंगाभोगपुर की कशिश रावत प्रथम, राइंका दिउली की अनन्या द्वितीय और राइंका हीराखाल की निकिता तृतीय रहीं। स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं साफ-सफाई में राउमावि अमोला की सृष्टि प्रथम, राइंका हीराखाल के शुभम जोशी द्वितीय और राइंका दिउली के रियांश तृतीय रहे। स्वदेशी कृषि पद्धतियों में राइंका हीराखाल की सविता प्रथम, राइंका दिउली की शीतल द्वितीय और राइंका बुधौली की पावनी तृतीय रहीं। ग्रामीण परिवर्तन के लिए विज्ञान में राउमावि परंदा के मयंक थपलियाल प्रथम, राउमावि अमोला के साहिल द्वितीय और राइंका हीराखाल की लक्ष्मी तृतीय रहीं। आपदा प्रबंधन में राइंका हीराखाल के नैतिक प्रथम, राइंका मोहनचट्टी की दिव्यांशी द्वितीय और राइंका दिउली की आरुषि पयाल तृतीय रहीं। विज्ञान ड्रामा प्रतियोगिता में राबाइका थलनदी ने प्रथम, राइंका लक्ष्मणझूला ने द्वितीय और राउमावि अमोला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।इस मौके पर प्रदीप बिष्ट, पंकज बलूनी, धीरेंद्र भंडारी, जगमाल कर्णवाल, नागेंद्र व्यास, महेश्वर दास गुप्ता, रमेश सिंह कठैत, संजय थपलियाल, उमेद सिंह, वीरेंद्र चंद्र पाठक आदि मौजूद रहे।
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