फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rishikesh News ›   Corporation proved to be laggy on standards, so the budget did not increase

मानकों पर फिसड्डी साबित हुआ निगम, इसलिए नहीं बढ़ा बजट

Fri, 20 May 2022 10:09 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 20 May 2022 10:09 PM IST
विज्ञापन
Corporation proved to be laggy on standards, so the budget did not increase
नगर निगम ऋषिकेश के बजट को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच आखिरकार वित्त एवं शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य वित्त आयोग के मानकों पर खरा न उतरने के चलते 13 निकायों के त्रैमासिक बजट को नहीं बढ़ाया गया। इसमें नगर निगम ऋषिकेश भी शामिल है। वित्त एवं शहरी विकास मंत्री ने कहा कि राज्य वित्त आयोग एक स्वायत्तशासी संस्था है, जिसकी सिफारिशों में सरकार या मंत्रालय के हस्तक्षेप का मतलब ही नहीं है। उन्होंने कहा कि अधूरी जानकारी से पार्षदों और शहरवासियों को भ्रमित किया जा रहा है।
विज्ञापन

शुक्रवार को अमर उजाला से विशेष बातचीत में वित्त एवं शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि यह दावा सरासर गलत है कि केवल नगर निगम ऋषिकेश का त्रैमासिक बजट नहीं बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि इस सूची में लोहाघाट, मसूरी, मंगलौर, नरेंद्रनगर, द्वाराहाट, लंढौरा, कालाढुंगी, लालकुंआ, महुआ डबरा हरिपुरा, सुल्तानपुर, केलाखेड़ा और दिनेशपुर भी शामिल है। उन्होंने बताया कि पंचम राज्य वित्त आयोग ने पांच मानकों पर निकायों के बजट को लेकर अपनी संस्तुति दी थी। आयोग जनसंख्या, क्षेत्रफल, मुख्यालय या रेलवे स्टेशन से दूरी, कर संग्रह और विशेष व्यवस्था इन पांच मानकों आधार पर निकायों का आंकलन कर सरकार को रिपोर्ट सौंपता है। उन्होंने बताया कि 2019-20 में नगर निकायों ने राज्य वित्त आयोग के समक्ष अपनी रिप्रेजेंटशेन दी थी। कोरोना काल के चलते सिफारिश लागू नहीं हो पाई। इसी रिपोर्ट की सिफारिशों पर वित्त वर्ष 2022-23 का त्रैमासिक बजट जारी किया गया है। अगर नगर निगम कोटद्वार और ऋषिकेश की तुलना करें तो तब कोटद्वार शहर की जनसंख्या एक लाख 35 हजार और ऋषिकेश शहर की एक लाख छह हजार है। कोटद्वार में 45 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल बढ़ा है। जबकि ऋषिकेश 28 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की बढ़ोत्तरी हुई है। कोटद्वार की कर संग्रह का 87 फीसदी लक्ष्य को हासिल किया था। वहीं ऋषिकेश केवल कर संग्रह के लक्ष्य 34 फीसदी ही एकत्र कर पाया। मुनिकीरेती नगर पालिका ने जनसंख्या में 180 फीसदी, क्षेत्रफल में 110 फीसदी और कर संग्रह 45 फीसदी तक बढ़ा है। वित्त एवं शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि जब रिपोर्ट तैयार हुई तो वह वित्त और शहरी विकास मंत्री नहीं थे। वहीं राज्य वित्त आयोग के स्वायत्तशाही संस्था होने के चलते इसकी कार्यप्रणाली में सरकार या कियर मंत्री का कोई हस्तक्षेप नहीं होता है। उन्होंने कहा कि जिन 13 निकार्यों का बजट नहीं बढ़ा है उनको अपनी खामियों को ढ़ूढकर कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं में सुधार लाने की जरूरत है। जहां तक सरकार और मंत्रालय के सहयोग कि बात वह निश्चित तौर पर निकायों को मिलता रहेगा।
विज्ञापन

योगनगरी के लिए किए चार बड़े काम
वित्त एवं शहरी विकास मंत्री ने कहा कि वह ऋषिकेश के निवासी है। ऋषिकेश एक पर्यटनगरी भी है। इसलिए उन्होंने ऋषिकेश और आसपास की नगर निकायों से आने वाले प्रस्तावों को सदैव गईं भीरता से लिया है। उन्होंने हाल में नरेंद्रनगर, मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम, ऋषिकेश और डोइवाला को मिलकार एक क्लस्टर बनाया गया। जिसमें कूड़ा निस्तारण के लिए 33 करोड़ 24 लाख के बजट के स्वीकृति दी गई है। ऋषिकेश लालपानी ट्रचिंग ग्राउंड और संयत्र भी उनके प्रयासों का ही नतीजा है। वहीं ऋषिकेश को आधुनिक शौचालयों के निर्माण के लिए 34 लाख 46 हजार का बजट दिया गया है। यही नहीं आस्था पथ पर साइनेज लाइटनिंग के लिए 36 लाख का बजट स्वीकृत किया गया। इसके अलावा ऋषिकेश में मल्टीस्टोरी पार्किंग का सपना भी जल्द साकार होने जा रहा है। इसके लिए एमडीडीए के स्तर पर बड़ी तेजी से कार्रवाई चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed