{"_id":"63275fae59787d6ec4340007","slug":"chardham-yatris-are-not-getting-facilities-in-isbt-rishikesh-news-drn4231196111","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईएसबीटी में चारधाम यात्रियों को नहीं मिल पा रही सुविधाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईएसबीटी में चारधाम यात्रियों को नहीं मिल पा रही सुविधाएं
सार
चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को आइएसबीटी में सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।इन कमरों में जाली न होने तीर्थयात्रियों को मच्छर मच्छर भी काट रहे हैं।पेयजल स्टैंड पोस्ट के पास पसरी गंदगी- यात्रियों की सुविधाओं के लिए जल संस्थान ने जितने स्थानों पर प्याऊ लगाए हैं वहां सफाई नहीं होती।
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को आइएसबीटी में सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। यात्री विश्राम गृहों में बिजली के तार जलने से यात्रियों अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। पंखे भी नहीं चलने, विश्राम गृहों की खिड़कियों पर जाली न होने से मच्छर यात्रियों को तंग कर रहा है। वहीं तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग डॉक्टरों की तैनाती नहीं कर पाया है। फार्मासिस्ट ही यात्रियों को दवाई दे रहे हैं। अमर उजाला की टीम की ओर से आईएसबीटी में तीर्थयात्रियों को प्रशासन की ओर से दी जा रही व्यवस्थाओं को देखा गया।
पंजीकरण में लग रहे छह मिनट
चारधाम यात्रा काउंटर पर व्यवस्थाएं देखी। यहां पर पंजीकरण के दौरान यात्रियों का डेढ़ मिनट का समय लग रहा था। जबकि लाइन में लगने पर करीब छह मिनट का समय खराब हो रहा था। चारधाम यात्रा पंजीकरण प्रभारी प्रेेमानंद ने बताया उन यात्रियों का पंजीकरण करने में समय लगता है जिनके पास आधार कार्ड या फिर कोई पहचान पत्र नहीं होता। ऐसे लोग अपने घर से फोन पर आधार कार्ड मंगवाते हैं। पंजीकरण के लिए दो शिफ्ट में काम होता है। एक शिफ्ट सुबह पांच बजे से एक बजे तक, दूसरी शिफ्ट दोपहर एक बजे से रात 10 बजे तक होती है। वर्तमान समय में 12 खिड़कियों पंजीकरण हो रहा है। एक शिफ्ट में 15 से 16 कर्मचारी हर शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं। रविवार को 1050 तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया।
पंखे फुंके, विश्रामगृहों में अंधेरा
आईएसबीटी में पर्यटन विभाग के करीब 12 विश्राम गृह हैं। कुछ कमरों पर पीएसी के जवानों ने कब्जा कर रखा है। कुछ कमरों पर शौचालय संचालक ने कब्जा किया है। आईएसबीटी में यात्रियों के लिए जो विश्राम उसमें विश्राम गृह संख्या चार और पांच का सर्किट बॉक्स फुंक रखा है। कमरों में पंखे और लाइट बंद हैं। इन कमरों में जाली न होने तीर्थयात्रियों को मच्छर मच्छर भी काट रहे हैं। अन्य विश्राम गृहों में जो पंखे चल रहे हैं उनकी स्पीड नहीं है।
विज्ञापन
डॉक्टरों की रोस्टरवार नहीं लगी ड्यूटी
चारधाम यात्रा के चरम पर होने के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने आईएसबीटी स्थित स्वास्थ्य विभाग की डिस्पेंसरी में डॉक्टरों की तैनाती न होने पर एतराज जताया था। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई थी। लेकिन 31 जुलाई के बाद से फार्मेसिस्ट ही यात्रियों को दवाई दे रहे हैं। यहां पर चार फार्मासिस्ट तीन शिफ्टों में काम करते हैं। दो वार्ड ब्वॉय हैं।
- पेयजल स्टैंड पोस्ट के पास पसरी गंदगी
- यात्रियों की सुविधाओं के लिए जल संस्थान ने जितने स्थानों पर प्याऊ लगाए हैं वहां सफाई नहीं होती। टोटिंयों के आसपास गंदगी पसरी रहती है। करीब 18 दिन से चारधाम यात्रा चल रही है। हर दिन एक हजार से अधिक यात्री चारधाम की यात्रा पर जा रहे हैं, लेकिन व्यवस्थाओं को देखने के लिए नगर निगम और यात्रा प्रशासन के अधिकारी नहीं आते।
चारधाम यात्रा में जिन डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जानी थी उन डॉक्टरों को डोईवाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनाती दी गई है। जल्द ही ऋषिकेेश में चारधाम यात्रा के लिए डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
- मनोज उप्रेती, मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून
- आईएसबीटी में बिजली आपूर्ति का काम नगर निगम को दिया गया है। विश्राम गृहों के कमरों में विद्युत आपूर्ति सुचारु करने और पंखों और शौचालयों की ठीक करने के लिए नगर निगम के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
- एके श्रीवास्तव, ओएसडी चारधाम यात्रा प्रशासन
विज्ञापन
पंजीकरण में लग रहे छह मिनट
चारधाम यात्रा काउंटर पर व्यवस्थाएं देखी। यहां पर पंजीकरण के दौरान यात्रियों का डेढ़ मिनट का समय लग रहा था। जबकि लाइन में लगने पर करीब छह मिनट का समय खराब हो रहा था। चारधाम यात्रा पंजीकरण प्रभारी प्रेेमानंद ने बताया उन यात्रियों का पंजीकरण करने में समय लगता है जिनके पास आधार कार्ड या फिर कोई पहचान पत्र नहीं होता। ऐसे लोग अपने घर से फोन पर आधार कार्ड मंगवाते हैं। पंजीकरण के लिए दो शिफ्ट में काम होता है। एक शिफ्ट सुबह पांच बजे से एक बजे तक, दूसरी शिफ्ट दोपहर एक बजे से रात 10 बजे तक होती है। वर्तमान समय में 12 खिड़कियों पंजीकरण हो रहा है। एक शिफ्ट में 15 से 16 कर्मचारी हर शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं। रविवार को 1050 तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया।
विज्ञापन
पंखे फुंके, विश्रामगृहों में अंधेरा
आईएसबीटी में पर्यटन विभाग के करीब 12 विश्राम गृह हैं। कुछ कमरों पर पीएसी के जवानों ने कब्जा कर रखा है। कुछ कमरों पर शौचालय संचालक ने कब्जा किया है। आईएसबीटी में यात्रियों के लिए जो विश्राम उसमें विश्राम गृह संख्या चार और पांच का सर्किट बॉक्स फुंक रखा है। कमरों में पंखे और लाइट बंद हैं। इन कमरों में जाली न होने तीर्थयात्रियों को मच्छर मच्छर भी काट रहे हैं। अन्य विश्राम गृहों में जो पंखे चल रहे हैं उनकी स्पीड नहीं है।
विज्ञापन
डॉक्टरों की रोस्टरवार नहीं लगी ड्यूटी
चारधाम यात्रा के चरम पर होने के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने आईएसबीटी स्थित स्वास्थ्य विभाग की डिस्पेंसरी में डॉक्टरों की तैनाती न होने पर एतराज जताया था। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई थी। लेकिन 31 जुलाई के बाद से फार्मेसिस्ट ही यात्रियों को दवाई दे रहे हैं। यहां पर चार फार्मासिस्ट तीन शिफ्टों में काम करते हैं। दो वार्ड ब्वॉय हैं।
- पेयजल स्टैंड पोस्ट के पास पसरी गंदगी
- यात्रियों की सुविधाओं के लिए जल संस्थान ने जितने स्थानों पर प्याऊ लगाए हैं वहां सफाई नहीं होती। टोटिंयों के आसपास गंदगी पसरी रहती है। करीब 18 दिन से चारधाम यात्रा चल रही है। हर दिन एक हजार से अधिक यात्री चारधाम की यात्रा पर जा रहे हैं, लेकिन व्यवस्थाओं को देखने के लिए नगर निगम और यात्रा प्रशासन के अधिकारी नहीं आते।
चारधाम यात्रा में जिन डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जानी थी उन डॉक्टरों को डोईवाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनाती दी गई है। जल्द ही ऋषिकेेश में चारधाम यात्रा के लिए डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
- मनोज उप्रेती, मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून
- आईएसबीटी में बिजली आपूर्ति का काम नगर निगम को दिया गया है। विश्राम गृहों के कमरों में विद्युत आपूर्ति सुचारु करने और पंखों और शौचालयों की ठीक करने के लिए नगर निगम के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
- एके श्रीवास्तव, ओएसडी चारधाम यात्रा प्रशासन