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Rishikesh News: आश्रमों में गूंजी गुरु वंदना, उमड़े श्रद्धालु
Wed, 29 Jul 2026 08:28 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Wed, 29 Jul 2026 08:28 PM IST
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शहर के आश्रमों में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई गुरुपूर्णिमा
गुरु जीवन को सही दिशा दिखाने वाले प्रकाश स्तंभ : स्वामी ब्रह्मस्वरूप
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। सनातन परंपरा में गुरु को ज्ञान, संस्कार और जीवन की सही दिशा देने वाला सर्वोच्च मार्गदर्शक माना गया है। गुरु ही अज्ञान के अंधकार को दूर कर सत्य और आत्मबोध का प्रकाश फैलाते हैं। इसी गुरु महिमा के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता प्रकट करने के लिए शहर के विभिन्न आश्रमों में गुरुपूर्णिमा पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में नमन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
बुधवार को जयराम आश्रम में गुरुपूर्णिमा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि गुरु केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा दिखाने वाले प्रकाश स्तंभ होते हैं। गुरु के बताए मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य तक पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि गुरु का सान्निध्य मनुष्य के जीवन को संस्कार, संयम और आत्मिक शक्ति से परिपूर्ण करता है।
मायाकुंड स्थित भगवान गिरी आश्रम सिद्धपीठ में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आश्रम में गुरु पूजा, व्यास पूजा एवं शतचंडी यज्ञ का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया। इस अवसर पर आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी भूपेंद्र गिरी महाराज ने श्रद्धालुओं को गुरु महिमा का महत्व बताते हुए कहा कि गुरु ही जीवन के अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि महर्षि वेदव्यास ने चारों वेद, अठारह पुराण, उपनिषदों और शास्त्रों के माध्यम से मानवता को ज्ञान की अमूल्य धरोहर दी। इसी कारण गुरु पूर्णिमा को व्यास पूजा के रूप में भी मनाया जाता है।
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गुरु पूर्णिमा पर्व शंकराचार्य समाधि संस्थान जनार्दन आश्रम दंडी बाड़ा मायाकुंड में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। स्वामी केशव स्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर्व का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। इस अवसर पर काशी से आए हुए दंडी स्वामी अनिरुद्धनन्द महाराज ने व्यास पूर्णिमा पर हमारे जीवन में गुरु के स्थान का महत्व बताया।
परमार्थ निकेतन में आयोजित कार्यक्रम में परमार्थ पीठाधीश्वर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने सभी देशवासियों एवं विश्वभर में सनातन संस्कृति से जुड़े श्रद्धालुओं को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगलकामनाएं दीं। चिदानंद स्वामी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल गुरु के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन पर्व है, यह जीवन को पूर्णता, समर्पण और सेवा से जोड़ने का दिव्य अवसर है। भारतीय गुरु परंपरा हमें केवल ज्ञान के साथ प्रकृति, संस्कृति और समस्त सृष्टि के साथ संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा भी देती है।
वीरभद्र स्थित साधना मंदिर आश्रम, स्वामी राम साधक ग्राम एवं स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू), जौलीग्रांट में भव्य गुरु पूजन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हिमालयन इंस्टीट्यूट हॉस्पिटल ट्रस्ट (एचआईएचटी) के संस्थापक ब्रह्मलीन गुरुदेव डॉ. स्वामी राम को देश-विदेश से आए शिष्यों एवं श्रद्धालुओं ने श्रद्धासुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा ने कहा कि गुरुदेव स्वामी राम ने अपना संपूर्ण जीवन मानवता, गुरु परंपरा और जनसेवा को समर्पित किया। उनके और उनके शिष्यों के संबंधों की नींव ज्ञान, मौलिक चिंतन, नैतिक मूल्यों तथा शिष्यों के प्रति उनके निस्वार्थ स्नेह पर आधारित थी।
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विधायक ने लिया आशीर्वाद
गुरु पर्व के पावन अवसर पर ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने जयराम आश्रम पहुंचकर स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने गुरु परंपरा की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोपरि है। गुरु ही जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं और ज्ञान के प्रकाश से अज्ञान रूपी अंधकार को दूर करते हैं। उन्होंने प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना भी की।
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गुरु जीवन को सही दिशा दिखाने वाले प्रकाश स्तंभ : स्वामी ब्रह्मस्वरूप
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। सनातन परंपरा में गुरु को ज्ञान, संस्कार और जीवन की सही दिशा देने वाला सर्वोच्च मार्गदर्शक माना गया है। गुरु ही अज्ञान के अंधकार को दूर कर सत्य और आत्मबोध का प्रकाश फैलाते हैं। इसी गुरु महिमा के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता प्रकट करने के लिए शहर के विभिन्न आश्रमों में गुरुपूर्णिमा पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में नमन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
बुधवार को जयराम आश्रम में गुरुपूर्णिमा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि गुरु केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा दिखाने वाले प्रकाश स्तंभ होते हैं। गुरु के बताए मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य तक पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि गुरु का सान्निध्य मनुष्य के जीवन को संस्कार, संयम और आत्मिक शक्ति से परिपूर्ण करता है।
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मायाकुंड स्थित भगवान गिरी आश्रम सिद्धपीठ में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आश्रम में गुरु पूजा, व्यास पूजा एवं शतचंडी यज्ञ का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया। इस अवसर पर आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी भूपेंद्र गिरी महाराज ने श्रद्धालुओं को गुरु महिमा का महत्व बताते हुए कहा कि गुरु ही जीवन के अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि महर्षि वेदव्यास ने चारों वेद, अठारह पुराण, उपनिषदों और शास्त्रों के माध्यम से मानवता को ज्ञान की अमूल्य धरोहर दी। इसी कारण गुरु पूर्णिमा को व्यास पूजा के रूप में भी मनाया जाता है।
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गुरु पूर्णिमा पर्व शंकराचार्य समाधि संस्थान जनार्दन आश्रम दंडी बाड़ा मायाकुंड में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। स्वामी केशव स्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर्व का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। इस अवसर पर काशी से आए हुए दंडी स्वामी अनिरुद्धनन्द महाराज ने व्यास पूर्णिमा पर हमारे जीवन में गुरु के स्थान का महत्व बताया।
परमार्थ निकेतन में आयोजित कार्यक्रम में परमार्थ पीठाधीश्वर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने सभी देशवासियों एवं विश्वभर में सनातन संस्कृति से जुड़े श्रद्धालुओं को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगलकामनाएं दीं। चिदानंद स्वामी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल गुरु के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन पर्व है, यह जीवन को पूर्णता, समर्पण और सेवा से जोड़ने का दिव्य अवसर है। भारतीय गुरु परंपरा हमें केवल ज्ञान के साथ प्रकृति, संस्कृति और समस्त सृष्टि के साथ संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा भी देती है।
वीरभद्र स्थित साधना मंदिर आश्रम, स्वामी राम साधक ग्राम एवं स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू), जौलीग्रांट में भव्य गुरु पूजन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हिमालयन इंस्टीट्यूट हॉस्पिटल ट्रस्ट (एचआईएचटी) के संस्थापक ब्रह्मलीन गुरुदेव डॉ. स्वामी राम को देश-विदेश से आए शिष्यों एवं श्रद्धालुओं ने श्रद्धासुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा ने कहा कि गुरुदेव स्वामी राम ने अपना संपूर्ण जीवन मानवता, गुरु परंपरा और जनसेवा को समर्पित किया। उनके और उनके शिष्यों के संबंधों की नींव ज्ञान, मौलिक चिंतन, नैतिक मूल्यों तथा शिष्यों के प्रति उनके निस्वार्थ स्नेह पर आधारित थी।
विधायक ने लिया आशीर्वाद
गुरु पर्व के पावन अवसर पर ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने जयराम आश्रम पहुंचकर स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने गुरु परंपरा की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोपरि है। गुरु ही जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं और ज्ञान के प्रकाश से अज्ञान रूपी अंधकार को दूर करते हैं। उन्होंने प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना भी की।