{"_id":"6179afd3e0347a59213e9af9","slug":"captured-in-the-school-the-nanny-is-upset-rishikesh-news-drn394623125","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर सात में कब्जाधारियों का कब्जा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर सात में कब्जाधारियों का कब्जा
विज्ञापन
राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर सात की समस्याओं को लेकर कांग्रेस प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला के न
- फोटो : RISHIKESH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऋषिकेश। मालवीय मार्ग स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर सात में नौनिहाल को पढ़ाई करने में परेशानी हो रही है। जर्जर भवन के बाद अब विद्यालय की ऊपरी मंजिल पर कब्जाधारियों ने बच्चों का आना-जाना बंद कर दिया है। जल्द समस्या का समाधान नहीं होने पर अभिभावकों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
बुधवार को अभिभावकों ने नौनिहालों की समस्या से कांग्रेस प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला को अवगत कराया। खरोला के नेतृत्व में अभिभावक कोतवाली पहुंचे। कोतवाली में उन्होंने वरिष्ठ उपनिरीक्षक दर्शन काला को बताया कि ऊपरी मंजिल में शौचालय था, लेकिन कब्जाधारियों ने उसे बंद कर दिया है। कोतवाली पुलिस ने अभिभावकों को प्रशासन स्तर पर इसके सामाधान का आश्वासन दिया है। खरोला ने कहा कि जहां एक ओर सरकार बच्चों की पढ़ाई को प्रोत्साहन देने के लिए कई योजनाओं से सरकारी विद्यालयों को अपग्रेड करने के लिए घोषणाएं कर रही है, इसके विपरीत जमीनी हकीकत में सरकारी विद्यालय की हालत बदहाल हो रही है।
बता दें कि विद्यालय में कक्षा एक से कक्षा पांच तक करीब 80 बच्चे नई जाटव बस्ती, वाल्मीकि बस्ती अध्ययनरत हैं। यह विद्यालय क्षेत्र का सबसे पुराना विद्यालय है। यह विद्यालय मालवीय मार्ग पर दिल्ली वाली धर्मशाला में चलता है। करीब पांच दशक पहले धर्मशाला के मालिक ने अपनी धर्मशाला का एक हिस्सा विद्यालय को दान दे दिया था। जिसकी ऊपर की मंजिल में भी कक्षाएं संचालित होती थी। बीच में छात्र संख्या कम होने के कारण यहां बाहरी लोगों ने ऊपरी मंजिल पर कब्जा कर दिया है। ऊपरी मंजिल में कब्जा होने के कारण सर्दियों के समय नौनिहालों को धूप में जाने पर भी परेशानी होती है। अब स्थिति ऐसी हो गई है ऊपरी मंजिल में रहने वाले कब्जाधारियों ने नौनिहाल का रास्ता ही बंद कर दिया है। इस मौके पर शिवानी, ज्योति, सोनी, दीपा, अनीता, प्यारेलाल, प्रियंका, रमा, ममता, गुड्डी देवी, रामचंद्र प्रजापति, रविता प्रजापति, गुडिया, नीतू, ऋषि पासवान, सोनू पांडे, दीपक धमांदा आदि शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को अभिभावकों ने नौनिहालों की समस्या से कांग्रेस प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला को अवगत कराया। खरोला के नेतृत्व में अभिभावक कोतवाली पहुंचे। कोतवाली में उन्होंने वरिष्ठ उपनिरीक्षक दर्शन काला को बताया कि ऊपरी मंजिल में शौचालय था, लेकिन कब्जाधारियों ने उसे बंद कर दिया है। कोतवाली पुलिस ने अभिभावकों को प्रशासन स्तर पर इसके सामाधान का आश्वासन दिया है। खरोला ने कहा कि जहां एक ओर सरकार बच्चों की पढ़ाई को प्रोत्साहन देने के लिए कई योजनाओं से सरकारी विद्यालयों को अपग्रेड करने के लिए घोषणाएं कर रही है, इसके विपरीत जमीनी हकीकत में सरकारी विद्यालय की हालत बदहाल हो रही है।
विज्ञापन
बता दें कि विद्यालय में कक्षा एक से कक्षा पांच तक करीब 80 बच्चे नई जाटव बस्ती, वाल्मीकि बस्ती अध्ययनरत हैं। यह विद्यालय क्षेत्र का सबसे पुराना विद्यालय है। यह विद्यालय मालवीय मार्ग पर दिल्ली वाली धर्मशाला में चलता है। करीब पांच दशक पहले धर्मशाला के मालिक ने अपनी धर्मशाला का एक हिस्सा विद्यालय को दान दे दिया था। जिसकी ऊपर की मंजिल में भी कक्षाएं संचालित होती थी। बीच में छात्र संख्या कम होने के कारण यहां बाहरी लोगों ने ऊपरी मंजिल पर कब्जा कर दिया है। ऊपरी मंजिल में कब्जा होने के कारण सर्दियों के समय नौनिहालों को धूप में जाने पर भी परेशानी होती है। अब स्थिति ऐसी हो गई है ऊपरी मंजिल में रहने वाले कब्जाधारियों ने नौनिहाल का रास्ता ही बंद कर दिया है। इस मौके पर शिवानी, ज्योति, सोनी, दीपा, अनीता, प्यारेलाल, प्रियंका, रमा, ममता, गुड्डी देवी, रामचंद्र प्रजापति, रविता प्रजापति, गुडिया, नीतू, ऋषि पासवान, सोनू पांडे, दीपक धमांदा आदि शामिल थे।
विज्ञापन