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एम्स की हाइब्रिड ओटी में हो सकेगी ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी
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एम्स में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ करते निदेशक प्रो. रविकांत।
- फोटो : RISHIKESH
एम्स के न्यूरोलॉजी विभाग की ओर से नेशनल न्यूरो कार्यशाला शुरू हो गई। इसमें देश के विभिन्न मेडिकल संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने चिकित्सकों को तंत्रिका विज्ञान के क्षेत्र में तकनीकी प्रगति व भविष्य की संभावनाओं पर जानकारी साझा की।
शुक्रवार को एम्स में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संस्थान का न्यूरोलॉजी विभाग तेजी से प्रगति कर रहा है। एम्स ऋषिकेश एपीलेप्सी सर्जरी व डीपब्रेन इंस्टूमुलेशन प्रारंभ करने की दिशा में कार्य कर रहा है। संस्थान में हाइब्रिड ओटी प्रारंभ हो चुकी है। इसमें जल्द ही स्टिरियोटैक्टिक बायोप्सी व सर्जरी शुरू करने की योजना है। उन्होंने विभागीय चिकित्सकों को एम्स दिल्ली के साथ समन्वय स्थापित कर बेहतर कार्य करने को प्रोत्साहित किया।
डॉ. यूके मिश्रा ने चिकित्सकों को नसों से संबंधित बीमारियों, डा. पद्मा श्रीवास्तव ने स्ट्रोक विषय से संबंधित जानकारियां दी। प्रो. दीपिका जोशी, प्रो. जयंती कालिया ने लकवे की बीमारी, डॉ. देवाशीश चौधरी, डॉ. के रविशंकर, डॉ. संजय प्रकाश ने सिर दर्द, डॉ. नीरज कुमार, डॉ. संजय पांडेय, डॉ. विनय गोयल ने मूवमेंट डिस्ऑर्डर विषय पर व्याख्यान दिया। डा. नीरज कुमार ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य चिकित्सकों व मेडिकल छात्रों को तंत्रिका विज्ञान के क्षेत्र में नवीनतम खोज व भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराना है। इस अवसर पर प्रो. एसपी अग्रवाल, डा. निशांत गोयल, डॉ. जितेंद्र चतुर्वेदी, डॉ. मृत्युंजय, डॉ. आशुतोष तिवारी, डॉ. गोविंद, डॉ. रजत, डॉ. निकिता, डॉ. ईशिता आदि मौजूद थे।
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शुक्रवार को एम्स में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संस्थान का न्यूरोलॉजी विभाग तेजी से प्रगति कर रहा है। एम्स ऋषिकेश एपीलेप्सी सर्जरी व डीपब्रेन इंस्टूमुलेशन प्रारंभ करने की दिशा में कार्य कर रहा है। संस्थान में हाइब्रिड ओटी प्रारंभ हो चुकी है। इसमें जल्द ही स्टिरियोटैक्टिक बायोप्सी व सर्जरी शुरू करने की योजना है। उन्होंने विभागीय चिकित्सकों को एम्स दिल्ली के साथ समन्वय स्थापित कर बेहतर कार्य करने को प्रोत्साहित किया।
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डॉ. यूके मिश्रा ने चिकित्सकों को नसों से संबंधित बीमारियों, डा. पद्मा श्रीवास्तव ने स्ट्रोक विषय से संबंधित जानकारियां दी। प्रो. दीपिका जोशी, प्रो. जयंती कालिया ने लकवे की बीमारी, डॉ. देवाशीश चौधरी, डॉ. के रविशंकर, डॉ. संजय प्रकाश ने सिर दर्द, डॉ. नीरज कुमार, डॉ. संजय पांडेय, डॉ. विनय गोयल ने मूवमेंट डिस्ऑर्डर विषय पर व्याख्यान दिया। डा. नीरज कुमार ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य चिकित्सकों व मेडिकल छात्रों को तंत्रिका विज्ञान के क्षेत्र में नवीनतम खोज व भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराना है। इस अवसर पर प्रो. एसपी अग्रवाल, डा. निशांत गोयल, डॉ. जितेंद्र चतुर्वेदी, डॉ. मृत्युंजय, डॉ. आशुतोष तिवारी, डॉ. गोविंद, डॉ. रजत, डॉ. निकिता, डॉ. ईशिता आदि मौजूद थे।
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