{"_id":"6047d21e8ebc3ecbe1296e80","slug":"bjp-made-trivendra-singh-rawat-a-scapegoat-acharya-pramod-rishikesh-news-drn373168993","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को बनाया बली का बकरा: आचार्य प्रमोद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को बनाया बली का बकरा: आचार्य प्रमोद
विज्ञापन
स्वर्गाश्रम के समीप एक होटल में प्रेस वार्ता करते कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम्।
- फोटो : RISHIKESH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऋषिकेश। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के राजनीतिक सलाहकार कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने कहा कि 12 वर्ष में महाकुंभ का आयोजन होता है, लेकिन अफसोस इस बार अखाड़ा परिषद और भाजपा सरकार की मिली भगत से 11 वर्ष में महाकुंभ का आयोजन किया गया है। यह पहला महाकुंभ है, जिसने सनातन धर्म की आस्था को तोड़ा है। इनकी कौन सी गणना और शास्त्र है, जिसने धार्मिक परंपरा को खंडित किया है।
मंगलवार को स्वर्गाश्रम के एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को उन्हीं के सलाहकारों ने बली का बकरा बनाया है। भाजपा की सरकार में चार साल में जो भ्रष्ट्राचार और हजारों करोड़ों रुपये का जो घोटाले हुए हैं। भाजपा सरकार इससे अपना पल्ला झाड़ रही है। सवाल मुख्यमंत्री को हटाने का नहीं है, सवाल यह है कि भाजपा किसको बचाना चाह रही है। जिस मुख्यमंत्री के खिलाफ नैनीताल हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार को लेकर स्पष्ट जांच का आदेश दिया, भाजपा इसी फजीहत को ढकने के लिए सारी कवायद कर रही है। मुख्यमंत्री बदलने भर से काम नहीं चलेगा, चार साल के हजारों करोड़ों के भ्रष्टाचार के मामलों की जांच होनी चाहिए, जो केंद्र सरकार से भी जुड़ा मामला है।
तीर्थनगरी के बारे में उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर ऋषिकेश एक धार्मिक नगरी है। विकास के दृष्टिकोण से ऋषिकेश को जिला घोषित किया जाना चाहिए था। कांग्रेस की सरकार बनेगी तो ऋषिकेश को जिला बनाया जाएगा। महाकुंभ पर्व पर उन्होंने कहा कि कुंभ को लेकर केंद्र सरकार की जो गाइडलाइन आई हैं, वह विरोधाभास हैं। चुनाव की रैली बंगाल और विहार में कोविड-19 की गाइडलाइन खत्म हो जाती है। लेकिन महाकुंभ में इसका पालन करने के आदेश हैं। कहा कुंभ हमारी आस्था का बहुत बड़ा पर्व है। यदि कुंभ में स्नान नहीं होगा तो कुंभ का क्या मतलब रह जाएगा। कोविड-19 की जो गाइडलाइन जारी की गई हैं, उसमें भी राजनीति हो रही है। सरकार कुंभ की तैयारियों को ठीक प्रकार से नहीं कर पाई, इसीलिए वह कुंभ को बाधित करना चाहती है और कुंभ को बांधना चाहती है। सरकार को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। किसान आंदोलन हो रहा है, रैलियां हो रही है, लेकिन वहां कोविड-19 के नियमों का पालन नहीं हो रहा है। भाजपा सरकार इस पर क्यों चुप्पी साधकर बैठी हुई है।
विज्ञापन
इस मौके पर उत्तराखंड कांग्रेस उद्योग व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष इंद्रप्रकाश अग्रवाल, उत्तराखंड कांग्रेस सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष राजेश रस्तोगी, नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक अध्यक्ष माधव अग्रवाल, महंत विनय सारस्वत आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
मंगलवार को स्वर्गाश्रम के एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को उन्हीं के सलाहकारों ने बली का बकरा बनाया है। भाजपा की सरकार में चार साल में जो भ्रष्ट्राचार और हजारों करोड़ों रुपये का जो घोटाले हुए हैं। भाजपा सरकार इससे अपना पल्ला झाड़ रही है। सवाल मुख्यमंत्री को हटाने का नहीं है, सवाल यह है कि भाजपा किसको बचाना चाह रही है। जिस मुख्यमंत्री के खिलाफ नैनीताल हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार को लेकर स्पष्ट जांच का आदेश दिया, भाजपा इसी फजीहत को ढकने के लिए सारी कवायद कर रही है। मुख्यमंत्री बदलने भर से काम नहीं चलेगा, चार साल के हजारों करोड़ों के भ्रष्टाचार के मामलों की जांच होनी चाहिए, जो केंद्र सरकार से भी जुड़ा मामला है।
विज्ञापन
तीर्थनगरी के बारे में उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर ऋषिकेश एक धार्मिक नगरी है। विकास के दृष्टिकोण से ऋषिकेश को जिला घोषित किया जाना चाहिए था। कांग्रेस की सरकार बनेगी तो ऋषिकेश को जिला बनाया जाएगा। महाकुंभ पर्व पर उन्होंने कहा कि कुंभ को लेकर केंद्र सरकार की जो गाइडलाइन आई हैं, वह विरोधाभास हैं। चुनाव की रैली बंगाल और विहार में कोविड-19 की गाइडलाइन खत्म हो जाती है। लेकिन महाकुंभ में इसका पालन करने के आदेश हैं। कहा कुंभ हमारी आस्था का बहुत बड़ा पर्व है। यदि कुंभ में स्नान नहीं होगा तो कुंभ का क्या मतलब रह जाएगा। कोविड-19 की जो गाइडलाइन जारी की गई हैं, उसमें भी राजनीति हो रही है। सरकार कुंभ की तैयारियों को ठीक प्रकार से नहीं कर पाई, इसीलिए वह कुंभ को बाधित करना चाहती है और कुंभ को बांधना चाहती है। सरकार को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। किसान आंदोलन हो रहा है, रैलियां हो रही है, लेकिन वहां कोविड-19 के नियमों का पालन नहीं हो रहा है। भाजपा सरकार इस पर क्यों चुप्पी साधकर बैठी हुई है।
विज्ञापन
इस मौके पर उत्तराखंड कांग्रेस उद्योग व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष इंद्रप्रकाश अग्रवाल, उत्तराखंड कांग्रेस सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष राजेश रस्तोगी, नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक अध्यक्ष माधव अग्रवाल, महंत विनय सारस्वत आदि मौजूद थे।