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Rishikesh News: एम्स में आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रदर्शन, पुलिस ने खदेड़ा
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1000 कर्मचारियों को सेवा समाप्ति का नोटिस हुआ है जारी
बैठक से लौट रहे अधिकारियों की गाड़ियों के आगे किया हंगामा
धक्का-मुक्की में कुछ कर्मचारियों को आईं हल्की चोटें
सेवा समाप्ति का नोटिस मिलने से नाराज एम्स के आउटसोर्स कर्मचारियों का कार्यबहिष्कार और आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। शनिवार को कर्मचारियों ने एम्स परिसर में रैली निकालकर भी विरोध जताया। कर्मचारियों ने एम्स में आयोजित बैठक में शामिल होने आए अधिकारियों की गाड़ियों के आगे खड़े होकर भी प्रदर्शन किया। पुलिस और एम्स के सुरक्षाकर्मियों ने कर्मचारियों को वहां से खदेड़ा। इस दौरान कर्मचारियों और पुलिस व सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इसमें कुछ कर्मचारियों को हल्की चोटें भी आई हैं। एम्स प्रशासन का कहना है कि सोमवार को आंदोलनरत कर्मचारियों से वार्ता कर मामले का हल निकाला जाएगा।
दरअसल एम्स के सभी विभागों में स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया चल रही है। नर्सिंग ऑफिसर रिक्रूटमेंट कॉमन इलिजिबिलिटी टेस्ट क्वालीफाई करने वाले करीब 170 नर्सिंग अधिकारियों ने एम्स ऋषिकेश चुना है। इसके अलावा अन्य पदों पर भी स्थायी नियुक्तियां होनी हैं, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। इसे देखते हुए एम्स ऋषिकेश में कार्यरत करीब 1000 आउटसोर्स कर्मियों को 31 अगस्त के बाद सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है। इसमें नर्सिंग कर्मचारियों के साथ ही आउटसोर्स पर कार्यरत लैब टेक्निशियन, रेडियोलॉजिस्ट, इंजीनियर और सफाई कर्मचारी भी शामिल हैं। नोटिस मिलते ही सभी कर्मचारी कार्यबहिष्कार कर धरने पर बैठ गए थे। नोटिस रद्द करने की मांग को लेकर कर्मचारियों का धरना पिछले तीन दिन से चल रहा है।
शनिवार को आंदोलित कर्मचारी एम्स में आयोजित एक बैठक से लौट रहे अधिकारियों के वाहन के सामने आ गए। कर्मचारियों ने अधिकारियों के वाहनों के आगे नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस व एम्स के सुरक्षाकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद इन कर्मचारियों को वाहनों के आगे से हटाकर वहां से खदेड़ा। इस दौरान उनकी पुलिस व सुरक्षाकर्मियों की धक्का-मुक्की भी हुई। बताया जा रहा है कि एक दो आंदोलित कर्मियों को हल्की चोटे आई हैं। एम्स के पीआरओ हरीश थपलियाल ने बताया कि आंदोलित कर्मी वाहनों के आगे आ गए थे जिन्हें वहां से हटाया गया।
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कल एम्स प्रशासन से होगी वार्ता
इन कर्मियों का कहना है कि एम्स प्रशासन किसी का रोजगार छीन कर अन्य को रोजगार दे रहा है। जो न्याय संगत नहीं है। इसलिए ही विरोध किया जा रहा है। वहीं एम्स के पीआरओ हरीश थपलियाल ने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों की हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सोमवार को उनके साथ वार्ता की जाएगी। जिसमें समस्या के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
हाफ डे के चलते नहीं हुई ज्यादा दिक्कतें
शनिवार को एम्स में हाफ-डे के चलते हड़ताल से ज्यादा दिक्कतें नहीं हुई। हाफ-डे के कारण ओपीडी काफी कम रही। इससे पहले शुक्रवार को आउटसोर्स कर्मियों के कार्य बहिष्कार के कारण चिकित्सा सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई थीं। जहां ओपीडी में मरीज भटकते रहे, वहीं विभिन्न जांचें भी नहीं हो सकी थीं। एम्स प्रशासन ने प्रशिक्षण ले रहे छात्रों को काम पर लगाया, लेकिन मरीजो को विभिन्न जांचों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा था।
तीमारदारों पर बिफरे सुरक्षाकर्मी
एम्स परिसर में आउटसोर्स कर्मियों की रैली के दौरान कई तीमारदार उनका वीडियो बनाने लगे। जिस पर वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी तीमारदारों पर बिफर पड़े। सुरक्षा कर्मियों ने कई तीमारदारों से वीडियो डिलीट भी करा दिया।
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बैठक से लौट रहे अधिकारियों की गाड़ियों के आगे किया हंगामा
धक्का-मुक्की में कुछ कर्मचारियों को आईं हल्की चोटें
सेवा समाप्ति का नोटिस मिलने से नाराज एम्स के आउटसोर्स कर्मचारियों का कार्यबहिष्कार और आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। शनिवार को कर्मचारियों ने एम्स परिसर में रैली निकालकर भी विरोध जताया। कर्मचारियों ने एम्स में आयोजित बैठक में शामिल होने आए अधिकारियों की गाड़ियों के आगे खड़े होकर भी प्रदर्शन किया। पुलिस और एम्स के सुरक्षाकर्मियों ने कर्मचारियों को वहां से खदेड़ा। इस दौरान कर्मचारियों और पुलिस व सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इसमें कुछ कर्मचारियों को हल्की चोटें भी आई हैं। एम्स प्रशासन का कहना है कि सोमवार को आंदोलनरत कर्मचारियों से वार्ता कर मामले का हल निकाला जाएगा।
दरअसल एम्स के सभी विभागों में स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया चल रही है। नर्सिंग ऑफिसर रिक्रूटमेंट कॉमन इलिजिबिलिटी टेस्ट क्वालीफाई करने वाले करीब 170 नर्सिंग अधिकारियों ने एम्स ऋषिकेश चुना है। इसके अलावा अन्य पदों पर भी स्थायी नियुक्तियां होनी हैं, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। इसे देखते हुए एम्स ऋषिकेश में कार्यरत करीब 1000 आउटसोर्स कर्मियों को 31 अगस्त के बाद सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है। इसमें नर्सिंग कर्मचारियों के साथ ही आउटसोर्स पर कार्यरत लैब टेक्निशियन, रेडियोलॉजिस्ट, इंजीनियर और सफाई कर्मचारी भी शामिल हैं। नोटिस मिलते ही सभी कर्मचारी कार्यबहिष्कार कर धरने पर बैठ गए थे। नोटिस रद्द करने की मांग को लेकर कर्मचारियों का धरना पिछले तीन दिन से चल रहा है।
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शनिवार को आंदोलित कर्मचारी एम्स में आयोजित एक बैठक से लौट रहे अधिकारियों के वाहन के सामने आ गए। कर्मचारियों ने अधिकारियों के वाहनों के आगे नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस व एम्स के सुरक्षाकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद इन कर्मचारियों को वाहनों के आगे से हटाकर वहां से खदेड़ा। इस दौरान उनकी पुलिस व सुरक्षाकर्मियों की धक्का-मुक्की भी हुई। बताया जा रहा है कि एक दो आंदोलित कर्मियों को हल्की चोटे आई हैं। एम्स के पीआरओ हरीश थपलियाल ने बताया कि आंदोलित कर्मी वाहनों के आगे आ गए थे जिन्हें वहां से हटाया गया।
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कल एम्स प्रशासन से होगी वार्ता
इन कर्मियों का कहना है कि एम्स प्रशासन किसी का रोजगार छीन कर अन्य को रोजगार दे रहा है। जो न्याय संगत नहीं है। इसलिए ही विरोध किया जा रहा है। वहीं एम्स के पीआरओ हरीश थपलियाल ने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों की हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सोमवार को उनके साथ वार्ता की जाएगी। जिसमें समस्या के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
हाफ डे के चलते नहीं हुई ज्यादा दिक्कतें
शनिवार को एम्स में हाफ-डे के चलते हड़ताल से ज्यादा दिक्कतें नहीं हुई। हाफ-डे के कारण ओपीडी काफी कम रही। इससे पहले शुक्रवार को आउटसोर्स कर्मियों के कार्य बहिष्कार के कारण चिकित्सा सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई थीं। जहां ओपीडी में मरीज भटकते रहे, वहीं विभिन्न जांचें भी नहीं हो सकी थीं। एम्स प्रशासन ने प्रशिक्षण ले रहे छात्रों को काम पर लगाया, लेकिन मरीजो को विभिन्न जांचों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा था।
तीमारदारों पर बिफरे सुरक्षाकर्मी
एम्स परिसर में आउटसोर्स कर्मियों की रैली के दौरान कई तीमारदार उनका वीडियो बनाने लगे। जिस पर वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी तीमारदारों पर बिफर पड़े। सुरक्षा कर्मियों ने कई तीमारदारों से वीडियो डिलीट भी करा दिया।