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11 महीने से फरार चल रहा आरोपी गिरफ्तार
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कोतवाली पुलिस के हत्ये चढ़ा वॉटेड चोर।
- फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश। बीते जनवरी में रेलवे रोड स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान में चोरी करने वाला फरार आरोपी 11 महीने बाद कोतवाली पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस टीम ने आरोपी को गाजियाबाद उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने बताया कि जनवरी में रेलवे रोड स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान से नगदी लगभग सात लाख पचास हजार रुपये, पंखे व बिजली के तार चोरी कर लिए गए थे। चोरी के संबंध में कोतवाली में चोरी का अभियोग पंजीकृत किया गया था। चोरी के लगभग पांच दिन बाद ही पुलिस टीम ने अभियुक्त राहुल उर्फ तमन्चा, नितिन उर्फ जिद्दी, सूजल उर्फ तेलू व सोवित उर्फ हिमांशु पाण्डेय, निवासीगण पुरानी जाटव बस्ती ऋषिकेश को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से सात लाख दस हजार रुपये सहित कुछ सामान बरामद किया था।
इस घटना में शामिल एक आरोपी रवि उर्फ चवन्नी उर्फ ओमप्रकाश निवासी भोपुरा साहिबाबाद जिला गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश, फरार व वांछित चल रहा था। जिसकी तलाश के लिए कई बार पुलिस उसके ठिकाने गाजियाबाद, दिल्ली, पंजाब भेजी गई। लेकिन आरोपी गायब मिला। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध न्यायालय से गैर जमानती वारंट प्राप्त कर उसकी तलाश शुरू कर दी। 28 नवंबर को पुलिस टीम ने अभियुक्त रवि उर्फ चव्वनी उर्फ ओमप्रकाश का वारंट लेकर मुखबीर की सूचना पर उसे गाजियाबाद दिल्ली बॉर्डर के पास से गिरफ्तार कर, ऋषिकेश लाया गया। आरोपी ने दुकान से चोरी किए गए पासपोर्ट, चैक व स्टैम्प को बरामद करवाया। पुलिस टीम में उप निरीक्षक अरुण त्यागी, कांस्टेबल नवनीत नेगी, कांस्टेबल संदीप छाबड़ी शामिल थे।
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इंसेट
इस तरह से दिया था चोरी को अंजाम
कोतवाली पुलिस के पूछताछ के बाद आरोपी ने बताया कि घटना के दिन उन पांचों लोगों ने दिन के समय दुकान देख ली थी, रात्रि के समय उन्होंने पीछे के रास्ते दुकान की छत में चढ़कर दुकान में घुसे थे। दुकान के अन्दर रखे पंखे, बिजली के तार व नगदी चोरी किया। राहुल व नितिन ने उसे 20-30 हजार रुपये एक थैली में अन्य सामान के साथ डालकर दिया था। उन्होंने कहा कि बाकी रूपये बाद में बांटेगे, जिसके दो तीन दिन बाद वह दिल्ली चला गया था, रूपयों के साथ थेले के अन्दर एक पासपोर्ट, चैक व एक स्टैम्प भी थे, जिसे उसने लाजपतराय मार्ग ऋषिकेश स्थित एक टूटे मकान में छिपा दिया था। रुपयेे उसने अपनी मौज मस्ती में उड़ा दिए थे।
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कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने बताया कि जनवरी में रेलवे रोड स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान से नगदी लगभग सात लाख पचास हजार रुपये, पंखे व बिजली के तार चोरी कर लिए गए थे। चोरी के संबंध में कोतवाली में चोरी का अभियोग पंजीकृत किया गया था। चोरी के लगभग पांच दिन बाद ही पुलिस टीम ने अभियुक्त राहुल उर्फ तमन्चा, नितिन उर्फ जिद्दी, सूजल उर्फ तेलू व सोवित उर्फ हिमांशु पाण्डेय, निवासीगण पुरानी जाटव बस्ती ऋषिकेश को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से सात लाख दस हजार रुपये सहित कुछ सामान बरामद किया था।
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इस घटना में शामिल एक आरोपी रवि उर्फ चवन्नी उर्फ ओमप्रकाश निवासी भोपुरा साहिबाबाद जिला गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश, फरार व वांछित चल रहा था। जिसकी तलाश के लिए कई बार पुलिस उसके ठिकाने गाजियाबाद, दिल्ली, पंजाब भेजी गई। लेकिन आरोपी गायब मिला। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध न्यायालय से गैर जमानती वारंट प्राप्त कर उसकी तलाश शुरू कर दी। 28 नवंबर को पुलिस टीम ने अभियुक्त रवि उर्फ चव्वनी उर्फ ओमप्रकाश का वारंट लेकर मुखबीर की सूचना पर उसे गाजियाबाद दिल्ली बॉर्डर के पास से गिरफ्तार कर, ऋषिकेश लाया गया। आरोपी ने दुकान से चोरी किए गए पासपोर्ट, चैक व स्टैम्प को बरामद करवाया। पुलिस टीम में उप निरीक्षक अरुण त्यागी, कांस्टेबल नवनीत नेगी, कांस्टेबल संदीप छाबड़ी शामिल थे।
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इस तरह से दिया था चोरी को अंजाम
कोतवाली पुलिस के पूछताछ के बाद आरोपी ने बताया कि घटना के दिन उन पांचों लोगों ने दिन के समय दुकान देख ली थी, रात्रि के समय उन्होंने पीछे के रास्ते दुकान की छत में चढ़कर दुकान में घुसे थे। दुकान के अन्दर रखे पंखे, बिजली के तार व नगदी चोरी किया। राहुल व नितिन ने उसे 20-30 हजार रुपये एक थैली में अन्य सामान के साथ डालकर दिया था। उन्होंने कहा कि बाकी रूपये बाद में बांटेगे, जिसके दो तीन दिन बाद वह दिल्ली चला गया था, रूपयों के साथ थेले के अन्दर एक पासपोर्ट, चैक व एक स्टैम्प भी थे, जिसे उसने लाजपतराय मार्ग ऋषिकेश स्थित एक टूटे मकान में छिपा दिया था। रुपयेे उसने अपनी मौज मस्ती में उड़ा दिए थे।