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प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा एसआरएचयू
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डोईवाला। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में स्थापित स्वामीराम हिमालयन विश्वविद्यालय प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अपना सहयोग देने की तैयारी कर रहा है। होम-स्टे योजना के लिए विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ विभिन्न चरणों में प्रदेश के एक हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित करेंगे। शुरूआती दौर में 100 युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एसआरएचयू के कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने बताया िक राज्य में कृषि, बागवानी, फूलों की खेती, टूरिज्म और वेलनेस के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। होम-स्टे के क्षेत्र में काम कर युवा वर्ग आत्मनिर्भर बन सकते है। बड़े पैमाने पर एसआरएचयू होम स्टे के लिए युवाओं को प्रशिक्षित करने जा रहा है। कोविडकाल ने युवाओं घर वापसी की है। उनको होटल अन्य व्यवसायों का अनुभव है। इन युवाओं का चयन कर इन्हें होम-स्टे व्यवसाय से जोड़ा जाएगा। बताया कि स्वरोजगार के क्षेत्र में काम कर रही संस्था लर्न-इट के साथ एसआरएचयू ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत संस्था के विशेषज्ञ एसआरएचयू में युवाओं को दक्ष करेंगे। पहले बैच में 100 युवाओं को दक्ष किया जाएगा। अगले साल 1000 युवाओं को प्रशिक्षण देंगे। दक्ष युवाओं को व्यवसाय शुरू कराने के लिए लोन दिलाने दिलाने से लेकर अन्य मदद भी की जाएगी। इससे 6500 युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। बताया कि देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर, उधमसिंह नगर, चंपावत आदि में विभिन्न केंद्रों पर प्रशिक्षण मिलेगा। प्रशिक्षण अवधि 200 घंटे की है।
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एसआरएचयू के कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने बताया िक राज्य में कृषि, बागवानी, फूलों की खेती, टूरिज्म और वेलनेस के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। होम-स्टे के क्षेत्र में काम कर युवा वर्ग आत्मनिर्भर बन सकते है। बड़े पैमाने पर एसआरएचयू होम स्टे के लिए युवाओं को प्रशिक्षित करने जा रहा है। कोविडकाल ने युवाओं घर वापसी की है। उनको होटल अन्य व्यवसायों का अनुभव है। इन युवाओं का चयन कर इन्हें होम-स्टे व्यवसाय से जोड़ा जाएगा। बताया कि स्वरोजगार के क्षेत्र में काम कर रही संस्था लर्न-इट के साथ एसआरएचयू ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत संस्था के विशेषज्ञ एसआरएचयू में युवाओं को दक्ष करेंगे। पहले बैच में 100 युवाओं को दक्ष किया जाएगा। अगले साल 1000 युवाओं को प्रशिक्षण देंगे। दक्ष युवाओं को व्यवसाय शुरू कराने के लिए लोन दिलाने दिलाने से लेकर अन्य मदद भी की जाएगी। इससे 6500 युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। बताया कि देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर, उधमसिंह नगर, चंपावत आदि में विभिन्न केंद्रों पर प्रशिक्षण मिलेगा। प्रशिक्षण अवधि 200 घंटे की है।
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