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Rishikesh News: अंगदान और अंग प्रत्यारोपण के लिए एम्स में अलग डिवीजन स्थापित
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I- डॉ. कर्मवीर को दी गई है डिवीजन ऑफ ऑर्गन ट्रांसप्लांट की जिम्मेदारी
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में अंगदान और ट्रांसप्लांट के लिए डिवीजन ऑफ ऑर्गन ट्रांसप्लांट नाम से विशेष डिवीजन स्थापित किया गया है। संस्थान की ओर से जल्द ही इसके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा।
एम्स ऋषिकेश की ओर से अंगदान के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया रहा है। संस्थान ने बीते जनवरी माह में अंगदान संकल्प यात्रा भी निकाली थी। अब संस्थान अंग प्रत्यारोपण से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए एक अलग डिवीजन स्थापित किया है, जिसे ’डिवीजन ऑफ ऑर्गन ट्रांसप्लांट’ नाम दिया गया है।
जनरल सर्जरी विभाग में ट्रांसप्लांट सर्जन डाॅ. कर्मवीर को डिवीजन के प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के हेड डाॅ. रोहित गुप्ता, डाॅ. आनंद शर्मा, यूरोलाॅजी विभाग के हेड डाॅ. अंकुर मित्तल और सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के डाॅ. निर्झर राकेश और डॉ. शैरोन कंडारी इस डिवीजन का मार्गदर्शन करने के साथ-साथ प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे।
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डाॅ. कर्मवीर ने बताया कि निकट भविष्य में अंगदान और प्रत्यारोपण कराने के इच्छुक लोगों के लिए इस डिवीजन की ओर से ओपीडी भी संचालित की जाएगी। संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह की पहल पर शुरू किए गए अंगदान के प्रति शपथ अभियान के तहत नोटो (नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन) में अभी तक उत्तराखंड के तीन हजार से अधिक लोगों द्वारा पंजीकरण कराया जा चुका है।
Iडोनर और रिसीवर को होगी सुविधाI
संस्थान की निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने बताया कि ऑर्गन डोनर और ऑर्गन रिसीवर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिवीजन की स्थापना की गई है। डिवीजन ऑफ आर्गन ट्रांसप्लांट में किडनी, लीवर और पेंक्रियाज जैसे जटिल अंगों को प्रत्यारोपित करने की सुविधा प्राप्त होगी। हालांकि पेंक्रियाज ट्रांसप्लांट में अभी थोड़ा समय लगेगा। किडनी और लीवर ट्रांसप्लांट की सुविधा जरूरतमंद रोगियों को पहले से उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा इस डिवीजन में अंगदान करने संबंधित आवश्यक जानकारियां, प्रत्यारोपण प्रक्रिया की बारीकियां, डोनर और रिसीवर के लिए आवश्यक स्वास्थ्य प्रोटोकाॅल व मार्गदर्शन सहित ट्रांसप्लांट से संबंधित अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में अंगदान और ट्रांसप्लांट के लिए डिवीजन ऑफ ऑर्गन ट्रांसप्लांट नाम से विशेष डिवीजन स्थापित किया गया है। संस्थान की ओर से जल्द ही इसके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा।
एम्स ऋषिकेश की ओर से अंगदान के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया रहा है। संस्थान ने बीते जनवरी माह में अंगदान संकल्प यात्रा भी निकाली थी। अब संस्थान अंग प्रत्यारोपण से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए एक अलग डिवीजन स्थापित किया है, जिसे ’डिवीजन ऑफ ऑर्गन ट्रांसप्लांट’ नाम दिया गया है।
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जनरल सर्जरी विभाग में ट्रांसप्लांट सर्जन डाॅ. कर्मवीर को डिवीजन के प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के हेड डाॅ. रोहित गुप्ता, डाॅ. आनंद शर्मा, यूरोलाॅजी विभाग के हेड डाॅ. अंकुर मित्तल और सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के डाॅ. निर्झर राकेश और डॉ. शैरोन कंडारी इस डिवीजन का मार्गदर्शन करने के साथ-साथ प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे।
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डाॅ. कर्मवीर ने बताया कि निकट भविष्य में अंगदान और प्रत्यारोपण कराने के इच्छुक लोगों के लिए इस डिवीजन की ओर से ओपीडी भी संचालित की जाएगी। संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह की पहल पर शुरू किए गए अंगदान के प्रति शपथ अभियान के तहत नोटो (नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन) में अभी तक उत्तराखंड के तीन हजार से अधिक लोगों द्वारा पंजीकरण कराया जा चुका है।
Iडोनर और रिसीवर को होगी सुविधाI
संस्थान की निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने बताया कि ऑर्गन डोनर और ऑर्गन रिसीवर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिवीजन की स्थापना की गई है। डिवीजन ऑफ आर्गन ट्रांसप्लांट में किडनी, लीवर और पेंक्रियाज जैसे जटिल अंगों को प्रत्यारोपित करने की सुविधा प्राप्त होगी। हालांकि पेंक्रियाज ट्रांसप्लांट में अभी थोड़ा समय लगेगा। किडनी और लीवर ट्रांसप्लांट की सुविधा जरूरतमंद रोगियों को पहले से उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा इस डिवीजन में अंगदान करने संबंधित आवश्यक जानकारियां, प्रत्यारोपण प्रक्रिया की बारीकियां, डोनर और रिसीवर के लिए आवश्यक स्वास्थ्य प्रोटोकाॅल व मार्गदर्शन सहित ट्रांसप्लांट से संबंधित अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।