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Rishikesh News: बीमारी लगने से खराब हुई धान की फसल
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कोठारी मोहल्ले के किसानों के खेत में खराब हुई धान की फसल
देहरादून एयरपोर्ट से सटे हुए कोठारी मोहल्ले के बागी गांव में एक किसान की धान की फसल में बीमारी लगने से पूरी तरह खराब हो गई है। जिस कारण यह किसान धान की फसल को ट्रैक्टर से जोतकर अब तोडिया बोने की तैयारी कर रहा है।
बागी गांव के किसान युद्धवीर सिंह चौहान ने कहा कि उन्होंने ब्लॉक के माध्यम से धान का बीज लिया था। लेकिन बीमारी लगने से करीब दो बीघा धान की फसल पूरी तरह खराब हो गई है। जिस कारण अब वो इस फसल को खेत में ही लिटाकर उसमें तोडिया बोने की तैयारी कर रहे हैं। कहा कि उनके पास के ही दूसरे खेतों में बीमारी का प्रकोप कम है।
कहा कि बागी गांव में दूसरे किसानों के खेतों में भी धान की फसल पर बीमारी पाई गई है। लेकिन उन किसानों की फसल कम प्रभावित हुई है। उधर ब्लॉक सहायक कृषि अधिकारी डीएस असवाल ने कहा कि धान की फसल में पत्ती लपेटक/तना छेदक कीट नियंन्तरण के लिए क्लोरोपाइरीफास या इमीडाक्लोर एक से 2 एमएल दवा प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करना चाहिए। वहीं झुलसा रोग के लिए कार्बनडाइजिम व स्ट्रप्टोसाइक्लीन 12 ग्राम प्रति हेक्टेयर या प्रोपीकोनाजोल का छिड़काव करना चाहिए।
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देहरादून एयरपोर्ट से सटे हुए कोठारी मोहल्ले के बागी गांव में एक किसान की धान की फसल में बीमारी लगने से पूरी तरह खराब हो गई है। जिस कारण यह किसान धान की फसल को ट्रैक्टर से जोतकर अब तोडिया बोने की तैयारी कर रहा है।
बागी गांव के किसान युद्धवीर सिंह चौहान ने कहा कि उन्होंने ब्लॉक के माध्यम से धान का बीज लिया था। लेकिन बीमारी लगने से करीब दो बीघा धान की फसल पूरी तरह खराब हो गई है। जिस कारण अब वो इस फसल को खेत में ही लिटाकर उसमें तोडिया बोने की तैयारी कर रहे हैं। कहा कि उनके पास के ही दूसरे खेतों में बीमारी का प्रकोप कम है।
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कहा कि बागी गांव में दूसरे किसानों के खेतों में भी धान की फसल पर बीमारी पाई गई है। लेकिन उन किसानों की फसल कम प्रभावित हुई है। उधर ब्लॉक सहायक कृषि अधिकारी डीएस असवाल ने कहा कि धान की फसल में पत्ती लपेटक/तना छेदक कीट नियंन्तरण के लिए क्लोरोपाइरीफास या इमीडाक्लोर एक से 2 एमएल दवा प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करना चाहिए। वहीं झुलसा रोग के लिए कार्बनडाइजिम व स्ट्रप्टोसाइक्लीन 12 ग्राम प्रति हेक्टेयर या प्रोपीकोनाजोल का छिड़काव करना चाहिए।
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