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थायराइड ग्लैंड कैंसर के उपचार में आए बदलाव पर अध्ययन की जरूरत
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में आयोजित थायराइड ग्लैंड कैंसर विषय पर कार्यशाला में एम्स ऋषिकेश के अलावा एम्स दिल्ली, एसजीपीआई लखनऊ, पीजीआई चंडीगढ़ आदि संस्थानों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने प्रतिभाग किया। ईएनटी विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला का मुख्य अतिथि एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान एम्स के ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. सौरभ वार्ष्णेय ने राज्य में थायराइड ग्लैंड कैंसर सर्जरी करने वाले चिकित्सकों के रजिस्ट्रेशन के लिए तैयार किए गए प्रोजेक्ट को लांच किया।
इस दौरान एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने थायराइड ग्लैंड कैंसर उपचार संबंधी पूर्व व वर्तमान पद्धति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि थायराइड ग्लैंड कैंसर की पहचान व उसके शल्य उपचार में आए बदलावों पर अध्ययन की जरूरत है। इस दौरान एम्स दिल्ली के डॉ. आलोक ठक्कर ने रोबोट की मदद से थायराइड ग्लैंड कैंसर की सर्जरी की विधि पर विशेष चर्चा की। पीजीआई लखनऊ के डॉ. ज्ञानचंद ने एंडोस्कोप की मदद से थायराइड ग्लैंड के ऑपरेशन की विधि, पीजीआई चंडीगढ़ की डॉ. राजलक्ष्मी ने थायराइड कैंसर के गले में अन्य स्थानों पर फैलने के उपचार, दिल्ली एम्स की डॉ. शिप्रा अग्रवाल ने पैथालॉजी व मैलिक्यूलर जैनेटिक्स पर व्याख्यान दिया।
एम्स जोधपुर के डॉ. सौरभ पात्रा ने गले के कैंसर व समाज में रोग की व्यापक स्थिति पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में हिमालयन कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट निदेशक सुनील सैनी, मैक्स अस्पताल दिल्ली डॉ. सौरभ अरोड़ा, आयोजन समिति को-चेयरमैन डॉ. मनु मल्होत्रा, आयोजन सचिव डॉ. अमित कुमार, पीजीआई चंडीगढ़ डॉ. जैमंती बख्शी आदि ने भी व्याख्यान दिए।
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इस मौके पर डा. मधु प्रिया, डा. अभिषेक, डा. अमित त्यागी, डा. निलोत पाल, डा. उदित, डा. मनीषी, डा.राहुल आदि मौजूद रहे।
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इस दौरान एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने थायराइड ग्लैंड कैंसर उपचार संबंधी पूर्व व वर्तमान पद्धति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि थायराइड ग्लैंड कैंसर की पहचान व उसके शल्य उपचार में आए बदलावों पर अध्ययन की जरूरत है। इस दौरान एम्स दिल्ली के डॉ. आलोक ठक्कर ने रोबोट की मदद से थायराइड ग्लैंड कैंसर की सर्जरी की विधि पर विशेष चर्चा की। पीजीआई लखनऊ के डॉ. ज्ञानचंद ने एंडोस्कोप की मदद से थायराइड ग्लैंड के ऑपरेशन की विधि, पीजीआई चंडीगढ़ की डॉ. राजलक्ष्मी ने थायराइड कैंसर के गले में अन्य स्थानों पर फैलने के उपचार, दिल्ली एम्स की डॉ. शिप्रा अग्रवाल ने पैथालॉजी व मैलिक्यूलर जैनेटिक्स पर व्याख्यान दिया।
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एम्स जोधपुर के डॉ. सौरभ पात्रा ने गले के कैंसर व समाज में रोग की व्यापक स्थिति पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में हिमालयन कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट निदेशक सुनील सैनी, मैक्स अस्पताल दिल्ली डॉ. सौरभ अरोड़ा, आयोजन समिति को-चेयरमैन डॉ. मनु मल्होत्रा, आयोजन सचिव डॉ. अमित कुमार, पीजीआई चंडीगढ़ डॉ. जैमंती बख्शी आदि ने भी व्याख्यान दिए।
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इस मौके पर डा. मधु प्रिया, डा. अभिषेक, डा. अमित त्यागी, डा. निलोत पाल, डा. उदित, डा. मनीषी, डा.राहुल आदि मौजूद रहे।