{"_id":"5c7994fdbdec224bff242fa8","slug":"171551471869-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"समानता के लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार : देवेंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समानता के लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार : देवेंद्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, रायवाला। राष्ट्रीय स्तर की खेलकूद प्रतियोगिताओं में प्रदेश का नेतृत्व कर स्पोर्ट्स अकादमी के रूप में अपनी पहचान बना चुके भारती शिक्षा निकेतन चकजोगीवाला में बृहस्पतिवार को मिशन अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यातिथि जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र नेगी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि समानता के लिए शिक्षा से बड़ा कोई हथियार नहीं है।
इस दौरान नारी सशक्तीकरण को समर्पित अपराजिता महाअभियान का पोस्टर लांच किया गया। गोष्ठी में स्कूली छात्राओं ने अपने विचार रखे। विद्यालय के प्रधानाचार्य और कोच जठे सिंह चौहान ने कहा कि विद्यालय के शैक्षिक सत्र-2005 से अब तक लगातार 179 होनहार खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिताओं में प्रदेश का नेतृत्व कर चुके हैं। इनमें से 106 छात्राएं शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि की ओर से इसी सत्र में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुके खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
क्या कहतीं हैं छात्राएं
बालिकाओं के लिए समाज में कई तरह की बंदिशें हैं। ये बाधाएं दूर होनी चाहिए। नारी सशक्तीकरण के लिए सबसे बुनियादी बदलाव सोच के स्तर पर होना चाहिए।
- प्रमिला पंवार, छात्रा
हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुकी महिलाओं के लिए आज भी पुरुष प्रधान समाज में भेदभाव देखा जा रहा है। इसे दूर करने की पहल घर परिवार से शुरू होनी चाहिए।
विज्ञापन
- शिवानी पैन्यूली छात्रा
समाज में रूढ़िवादिता को दरकिनार कर स्वयं खुलकर जीवन जीने के लिए बालिकाओं को शिक्षा और खेल गतिविधियों में अपनी रुचि बढ़ानी चाहिए, जिससे वह अपने आप को मजबूत कर सकती हैं।
- सलोनी पंवार, छात्रा
विज्ञापन
इस दौरान नारी सशक्तीकरण को समर्पित अपराजिता महाअभियान का पोस्टर लांच किया गया। गोष्ठी में स्कूली छात्राओं ने अपने विचार रखे। विद्यालय के प्रधानाचार्य और कोच जठे सिंह चौहान ने कहा कि विद्यालय के शैक्षिक सत्र-2005 से अब तक लगातार 179 होनहार खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिताओं में प्रदेश का नेतृत्व कर चुके हैं। इनमें से 106 छात्राएं शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि की ओर से इसी सत्र में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुके खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
विज्ञापन
क्या कहतीं हैं छात्राएं
बालिकाओं के लिए समाज में कई तरह की बंदिशें हैं। ये बाधाएं दूर होनी चाहिए। नारी सशक्तीकरण के लिए सबसे बुनियादी बदलाव सोच के स्तर पर होना चाहिए।
- प्रमिला पंवार, छात्रा
हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुकी महिलाओं के लिए आज भी पुरुष प्रधान समाज में भेदभाव देखा जा रहा है। इसे दूर करने की पहल घर परिवार से शुरू होनी चाहिए।
विज्ञापन
- शिवानी पैन्यूली छात्रा
समाज में रूढ़िवादिता को दरकिनार कर स्वयं खुलकर जीवन जीने के लिए बालिकाओं को शिक्षा और खेल गतिविधियों में अपनी रुचि बढ़ानी चाहिए, जिससे वह अपने आप को मजबूत कर सकती हैं।
- सलोनी पंवार, छात्रा