{"_id":"5c6715c7bdec2273875d5cdc","slug":"161550259655-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रों के विकास के लिए संस्कारवान शिक्षा जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रों के विकास के लिए संस्कारवान शिक्षा जरूरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में आयोजित ग्राम गोष्ठी के दौरान छात्रों के सर्वांगीण विकास में नैतिकता और संस्कारवान युक्त शिक्षा पर जोर देने को जरूरी बताया गया। इस दौरान छात्रों की ओर से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वस्थ भारत स्वच्छ भारत पर भाषण प्रस्तुत किए गए। इंद्रसेन गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित ग्राम गोष्ठी के दौरान छात्रों सहित समस्त उपस्थित लोगों को विद्यालय की गतिविधियों से अवगत कराया गया।
मुख्य वक्ता सत्यप्रकाश बंगवाल ने कहा कि वर्तमान में बच्चों के सर्वांगीण विकास में नैतिकता व संस्कारवान शिक्षा देना अति आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि आज न सिर्फ छात्र विद्यालय से शिक्षा ग्रहण करता है, बल्कि अपना वर्तमान और भविष्य भी बच्चा विद्यालय से ही निर्धारित करता है। इस मौके पर प्रधानाचार्य शिशुपाल सिंह रावत ने कहा कि बच्चों को मात्र शिक्षकों के भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए, उनके जीवन में माता पिता की भागीदारी भी शिक्षकों जितनी ही होना आवश्यक है। इस मौके पर कार्यक्रम उपाध्यक्ष अमित कुमार, पार्षद जगत सिंह, सुमित थपलियाल, पंकज सिंघल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुख्य वक्ता सत्यप्रकाश बंगवाल ने कहा कि वर्तमान में बच्चों के सर्वांगीण विकास में नैतिकता व संस्कारवान शिक्षा देना अति आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि आज न सिर्फ छात्र विद्यालय से शिक्षा ग्रहण करता है, बल्कि अपना वर्तमान और भविष्य भी बच्चा विद्यालय से ही निर्धारित करता है। इस मौके पर प्रधानाचार्य शिशुपाल सिंह रावत ने कहा कि बच्चों को मात्र शिक्षकों के भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए, उनके जीवन में माता पिता की भागीदारी भी शिक्षकों जितनी ही होना आवश्यक है। इस मौके पर कार्यक्रम उपाध्यक्ष अमित कुमार, पार्षद जगत सिंह, सुमित थपलियाल, पंकज सिंघल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन