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रक्तदान करके किसी की बचाई जा सकती है जान
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेेश। रक्तदान करने से किसी भी प्रकार की कोई कमजोरी महसूस नहीं होती है। रक्तदान करने से किसी जरूरतमंद इंसान की जिंदगी बचाई जा सकती है, उसे नया जीवन दे सकता है। यह बात एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने हरिद्वार में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर के दौरान कही। रविवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश की ओर से हरिद्वार के सिडकुल स्थित एक्यूम्स ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल लिमिटेड कंपनी में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 171 लोगों ने पंजीकरण कराया। इनमें से आवश्यक जांच के बाद 136 लोगों ने ही रक्तदान किया।
एम्स की ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. गीता नेगी ने बताया कि संस्थान की ओर से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर के आयोजन का उद्देश्य लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करना है। इससे जरूरतमंद लोगों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके और अमूल्य जीवन की सुरक्षा की जा सके। इस अवसर पर एक्यूम्स ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल लि. के प्लांट प्रभारी अमित कौशल, डॉ. निरंजन, एम्स की डॉ. ईशा, डॉ. रंजन, डॉ. सौरभ, अंजू ढौंडियाल, ओम प्रकाश नेगी, विनोद थपलियाल, प्रेम, देवेंद्र, इंदू, हिमांशु, रीता आदि उपस्थित रहे।
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एम्स की ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. गीता नेगी ने बताया कि संस्थान की ओर से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर के आयोजन का उद्देश्य लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करना है। इससे जरूरतमंद लोगों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके और अमूल्य जीवन की सुरक्षा की जा सके। इस अवसर पर एक्यूम्स ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल लि. के प्लांट प्रभारी अमित कौशल, डॉ. निरंजन, एम्स की डॉ. ईशा, डॉ. रंजन, डॉ. सौरभ, अंजू ढौंडियाल, ओम प्रकाश नेगी, विनोद थपलियाल, प्रेम, देवेंद्र, इंदू, हिमांशु, रीता आदि उपस्थित रहे।
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