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अवैध पार्किंग मामले में बैकफुट पर निगम, ठेका रद्द
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। बिना टेंडर दिए पार्किंग के ठेके को आखिरकार नगर निगम ने फजीहत के बाद बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। यात्रा बस स्टेंड में करीब एक माह तक अवैध पार्किंग में की गई वसूली का हिसाब-किताब नगर निगम के पास मौजूद नहीं है। अब निगम भविष्य में टेंडर से पार्किंग के संचालन का हवाला दे रहा है। नियमों को ताक पर रखकर दिए पार्किंग ठेके को लेकर निगम की मेयर को भी काफी किरकिरी झेलने पड़ी। पार्किंग के विरोध में कई पार्षद भी लामबंद हो गए थे।
चार धाम यात्रा शुरू होने से पहले निगम ने नियमों को ताख पर रखकर बिना टेंडर प्रक्रिया के वन विभाग की भूमि पर चहेते को अस्थाई पार्किंग चलाने के लिए दी थी। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। आखिरकार मुख्य नगर आयुक्त ने सोमवार को बस अड्डे पर दिए गए पार्किंग ठेके को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। बड़ी बात यह है कि नगर के पास अवैध पार्किंग से हो रहे आय व्यय का व्यवस्थित लेखा-जोखा भी नहीं है। पार्किंग बिना परमिशन, बिना मद, बिना बोर्ड मीटिंग, बिना टेंडर, बिना कागजी कार्रवाई के दे दी गई थी।
कोट्स
पार्किंग की परमिशन न होने के कारण इसे बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। ठेकेदार की ओर से अभी तक करीब 51000 रुपये जमा कराए गए हैं। भविष्य में यह पार्किंग टेंडर प्रक्रिया से संचालित की जाएगी।
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- चतर सिंह चौहान, मुख्य नगर आयुक्त
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चार धाम यात्रा शुरू होने से पहले निगम ने नियमों को ताख पर रखकर बिना टेंडर प्रक्रिया के वन विभाग की भूमि पर चहेते को अस्थाई पार्किंग चलाने के लिए दी थी। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। आखिरकार मुख्य नगर आयुक्त ने सोमवार को बस अड्डे पर दिए गए पार्किंग ठेके को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। बड़ी बात यह है कि नगर के पास अवैध पार्किंग से हो रहे आय व्यय का व्यवस्थित लेखा-जोखा भी नहीं है। पार्किंग बिना परमिशन, बिना मद, बिना बोर्ड मीटिंग, बिना टेंडर, बिना कागजी कार्रवाई के दे दी गई थी।
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कोट्स
पार्किंग की परमिशन न होने के कारण इसे बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। ठेकेदार की ओर से अभी तक करीब 51000 रुपये जमा कराए गए हैं। भविष्य में यह पार्किंग टेंडर प्रक्रिया से संचालित की जाएगी।
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- चतर सिंह चौहान, मुख्य नगर आयुक्त