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साधक हठ योग, अष्ट योग, अष्टांग योग से हुए रूबरू
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ब्यूरो/अमर उजाला, मुनिकीरेती। गढ़वाल मंडल विकास निगम के गंगा रिसोर्ट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के दूसरे दिन महर्षि वशिष्ठ योगा हॉल में योगी जयवेदन ने पारंपरिक योग की जानकारी दी। महर्षि विश्वामित्र हाल में योगी जितानंद ने हठ योग, महर्षि पतंजलि हाल में योगी नितिन वारखरे ने अष्टांग योग, महर्षि अत्री हाल में योगगुरु सुभाष पात्रीजी ने कास्मिक मेडिटेशन, महर्षि गौतम हाल में योगी चरक ने एडवांस प्राणायाम से योग साधकों को अवगत कराया।
वहीं योग गुरु गोकुल चंद्रा ने हठ योग, पवन मोहते ने योगासन्ना थेरेपी, डॉ. संजीव पांडे ने प्राणायाम, स्वामी बोधी वर्तमान ने इंट्रो टू ओशो मेडिटेशन, आर्ट ऑफ लिविंग के योगगुरु ने सुदर्शन क्रिया, विदेशी योग गुरु उषा माता ने अयंगर योग साधना से साधकों को परिचित कराया। इसके बाद उत्तराखंड पर्यटन विभाग की ओर से योग साधकों को महर्षि महेश योगी आश्रम चौरासी कुट्टी का दर्शन कराकर भारतीय योग के दशकों पुराने महत्व व आज के बदलते परिवेश से परिचित कराया। इससे पहले योग महोत्सव के दूसरे दिन स्वामी नारायण आश्रम के गुरुकुल के छात्रों ने वैदिक मंत्रोच्चारण और हवन कर योग साधकों को इसके महत्व की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में योग साधकों ने पुलवामा में शहीद हुए सैनिकों की याद में मौन रखकर नमन और प्रार्थना की गई।
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वहीं योग गुरु गोकुल चंद्रा ने हठ योग, पवन मोहते ने योगासन्ना थेरेपी, डॉ. संजीव पांडे ने प्राणायाम, स्वामी बोधी वर्तमान ने इंट्रो टू ओशो मेडिटेशन, आर्ट ऑफ लिविंग के योगगुरु ने सुदर्शन क्रिया, विदेशी योग गुरु उषा माता ने अयंगर योग साधना से साधकों को परिचित कराया। इसके बाद उत्तराखंड पर्यटन विभाग की ओर से योग साधकों को महर्षि महेश योगी आश्रम चौरासी कुट्टी का दर्शन कराकर भारतीय योग के दशकों पुराने महत्व व आज के बदलते परिवेश से परिचित कराया। इससे पहले योग महोत्सव के दूसरे दिन स्वामी नारायण आश्रम के गुरुकुल के छात्रों ने वैदिक मंत्रोच्चारण और हवन कर योग साधकों को इसके महत्व की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में योग साधकों ने पुलवामा में शहीद हुए सैनिकों की याद में मौन रखकर नमन और प्रार्थना की गई।
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