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नीलकंठ मार्ग पर आवागमन छह बजे के बाद बंद
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ब्यूरो/अमर उजाला, मुनिकीरेती । गौहरी रेंज के अंतर्गत बैराज से नीलकंठ मार्ग पर टस्कर हाथी की आवाजाही बढ़ गई है। लगातार तीन दिनों इस मार्ग पर हाथी को देखा जा रहा है। सोमवार को भी टस्कर हाथी मार्ग पर धमका और लोगों को भयभीत किया। हाथी से खतरे को देखते हुए वन विभाग ने मार्ग पर पैदल चलने वाले यात्रियों व वाहनों की आवाजाही शाम 6 बजे के बाद बंद कर दी है। क्षेत्र में वन विभाग की टीम को तैनात किया गया है, ताकि मार्ग पर चलने वाले वाहन चालकों को पहले ही सचेत किया जा सके। नीलकंठ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी अतिरिक्त सुरक्षा मुहैय्या करवाने की बात कही।
सोमवार को नीलकंठ मार्ग पर अचानक टस्कर हाथी के आ धमकने से लोगों में अफरा तफरी मच गई है। नीलकंठ जाने व आने वाले श्रद्धालु काफी देर तक इस मार्ग पर फंसे रहे। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बड़ी मशक्कत के बाद टस्कर हाथी को मार्ग से जंगल की ओर खदेड़ने में सफलता पाई। वन क्षेत्राधिकारी डीपी उनियाल ने बताया कि तीन दिन से लगातार टस्कर हाथी नीलकंठ मार्ग पर आ रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग पर पैदल व वाहनों की आवाजाही पर फिल्हाल रोक लगा दी गई है।
श्रद्धालुओं को भी हाथी से खतरा
चार मार्च को शिवरात्रि होने के चलते पौराणिक नीलकंठ महादेव मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है। हाथी किसी श्रद्धालु को नुकसान न पहुंचाएं इसके लिए वन विभाग ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा बढ़ा दी है। वन क्षेत्राधिकारी डीपी उनियाल ने बताया कि नीलकंठ महादेव जाने व आने वाले लोगों से भी सांय 6 बजे के बाद इस मार्ग पर आवागमन न करने का आग्रह किया है।
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सोमवार को नीलकंठ मार्ग पर अचानक टस्कर हाथी के आ धमकने से लोगों में अफरा तफरी मच गई है। नीलकंठ जाने व आने वाले श्रद्धालु काफी देर तक इस मार्ग पर फंसे रहे। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बड़ी मशक्कत के बाद टस्कर हाथी को मार्ग से जंगल की ओर खदेड़ने में सफलता पाई। वन क्षेत्राधिकारी डीपी उनियाल ने बताया कि तीन दिन से लगातार टस्कर हाथी नीलकंठ मार्ग पर आ रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग पर पैदल व वाहनों की आवाजाही पर फिल्हाल रोक लगा दी गई है।
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श्रद्धालुओं को भी हाथी से खतरा
चार मार्च को शिवरात्रि होने के चलते पौराणिक नीलकंठ महादेव मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है। हाथी किसी श्रद्धालु को नुकसान न पहुंचाएं इसके लिए वन विभाग ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा बढ़ा दी है। वन क्षेत्राधिकारी डीपी उनियाल ने बताया कि नीलकंठ महादेव जाने व आने वाले लोगों से भी सांय 6 बजे के बाद इस मार्ग पर आवागमन न करने का आग्रह किया है।
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