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चाय पी और चलते बने एचआरडीए के अधिकारी
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। गंगा तट पर हुए अवैध निर्माणोें की जांच करने के लिए एचआरडीए (हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण) की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों की कार्रवाई दिलचस्प रही। जिस आश्रम के खिलाफ पूर्व से ही अवैध निर्माण का मामला चल रहा है उसी परिसर में अधिकारियों ने चाय पी। करीब आधे घंटे से ज्यादा वक्त गुजारा उसके बाद एक अवैध निर्माण पर चलते फिरते नजर डाली और चलते बने। ये मामला वीरपुर खुर्द का है। अमर उजाला ने यहां गंगा किनारे हो रहे अवैध निर्माणों के बारे में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
खबर का संज्ञान लेते हुए एचआरडीए टीम मौके पर गई भी लेकिन पूरी कार्रवाई महज औपचारिकता तक सीमित रही। एचआरडीए के एई जीसी भट्ट के नेतृत्व में टीम करीब 12 बजे वीरपुर खुर्द पहुंची थी। पहले निरीक्षण दल 13 नंबर गली स्थित एक नामचीन आश्रम के परिसर में चाय नाश्ता किया। इसके बाद करीब आधे घंटे बाद बगल में ही हो रहे एक निर्माण का जायजा लिया और लौट आए। औपचारिकता का आलम यह रहा कि अधिकारियों ने आसपास हो रहे अन्य अवैध निर्माणों का मौका मुआयना करने की भी जरूरत नहीं समझी गई।
चारों तरफ अवैध निर्माणों का जाल
मंगलवार को एचआरडीए की ओर से हुए निरीक्षण की प्रक्रिया ने साबित कर दिया है कि किस माहौल में अवैध निर्माण अंधाधुंध संचालित हो पा रहे हैं। पूर्व में एचआरडीए के अधिशासी अभियंता श्याम मोहन शर्मा ने भी बताया था कि गंगा किनारे हो रहे निर्माणों का सर्वे हो रहा है। इससे उलट ऋषिकेश में बैठने वाले अफसर ऐसी किसी गतिविधि से इनकार करते हैं। इसी का नतीजा है कि सारे नियमों को दरकिनार कर गंगा किनारे कंक्रीट के जंगल बेतहाशा तैयार हो रहे हैं।
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कोट्स
हमने निरीक्षण कर लिया है। आश्रम के खिलाफ पूर्व से ही मामला चल रहा है। अगर वो चारदीवारी बना रहे हैं तो उस पर रोक नहीं लगाई जा सकती। अन्य अवैध निर्माण का मेजरमेंट कर लिया गया है। उन्हें नोटिस भेजा जाएगा।
- जीसी भट्ट, एई, एचआरडीए
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खबर का संज्ञान लेते हुए एचआरडीए टीम मौके पर गई भी लेकिन पूरी कार्रवाई महज औपचारिकता तक सीमित रही। एचआरडीए के एई जीसी भट्ट के नेतृत्व में टीम करीब 12 बजे वीरपुर खुर्द पहुंची थी। पहले निरीक्षण दल 13 नंबर गली स्थित एक नामचीन आश्रम के परिसर में चाय नाश्ता किया। इसके बाद करीब आधे घंटे बाद बगल में ही हो रहे एक निर्माण का जायजा लिया और लौट आए। औपचारिकता का आलम यह रहा कि अधिकारियों ने आसपास हो रहे अन्य अवैध निर्माणों का मौका मुआयना करने की भी जरूरत नहीं समझी गई।
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चारों तरफ अवैध निर्माणों का जाल
मंगलवार को एचआरडीए की ओर से हुए निरीक्षण की प्रक्रिया ने साबित कर दिया है कि किस माहौल में अवैध निर्माण अंधाधुंध संचालित हो पा रहे हैं। पूर्व में एचआरडीए के अधिशासी अभियंता श्याम मोहन शर्मा ने भी बताया था कि गंगा किनारे हो रहे निर्माणों का सर्वे हो रहा है। इससे उलट ऋषिकेश में बैठने वाले अफसर ऐसी किसी गतिविधि से इनकार करते हैं। इसी का नतीजा है कि सारे नियमों को दरकिनार कर गंगा किनारे कंक्रीट के जंगल बेतहाशा तैयार हो रहे हैं।
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हमने निरीक्षण कर लिया है। आश्रम के खिलाफ पूर्व से ही मामला चल रहा है। अगर वो चारदीवारी बना रहे हैं तो उस पर रोक नहीं लगाई जा सकती। अन्य अवैध निर्माण का मेजरमेंट कर लिया गया है। उन्हें नोटिस भेजा जाएगा।
- जीसी भट्ट, एई, एचआरडीए