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शीशमझाड़ी में सामने आए कोरोना के 14 नए केस
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शीशमझाड़ी क्षेत्र में युवक का सैंपल लेती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
- फोटो : RISHIKESH
टिहरी जिले के मुनिकीरेती क्षेत्र का घनी आबादी वाला शीशमझाड़ी इलाका पुलिस-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बन गया है। बुधवार को यहां 14 नए कोरोना केस सामने आए। इससे यहां 13 दिन में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 98 पहुंच गई है।
शीशमझाड़ी में 31 जुलाई को पहला केस आया था। इसके मद्देनजर जिलाधिकारी केे निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र में सैंपलिंग की संख्या बढ़ा दी है। यहां प्रतिदिन 500 से 600 सैंपल लिए जा रहे हैं। साथ ही जहां अभी तक सैंपलिंग के काम में एक टीम जुटी हुई थी, वहीं अब 10 टीमों को मैदान में उतारा गया है। शीशमझाड़ी में लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट है। इधर, गंगा रिजार्ट में बनाए गए कंट्रोल रूम के मीटिंग हॉल में भी सुबह से देर रात तक मीटिंग को दौर जारी है। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल खुद विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लगतार अधिकारियों से जानकारी लेकर निर्देश दे रहे हैं।
सैंपलिंग के आलवा क्षेत्र में कांटेक्ट ट्रेसिंग के लिए पुलिस और प्रशासन की 14 टीमों को भी उतारा गया है। इसमें पुलिस के कांस्टेबल, उपनिरीक्षक से लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को शामिल किया गया है।
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उपजिलाधिकारी युक्ता मिश्रा ने बताया कि संक्रमण रोकने के लिए भरकस प्रयास किए जा रहे हैं। हम हर स्तर पर नजर बनाए हुए हैं। किसी भी स्तर पर चूक बर्दास्त नहीं की जाएगी। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. जगदीश जोशी ने बताया कि शीशमझाड़ी क्षेत्र में अब तक 3500 से अधिक सैंपल लिए जा चुके हैं। जिन्हें विभिन्न लैब में टेस्टिंग के लिए भेजा रहा है।
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दून जिले का प्रशासन भी अलर्ट मोड में
शीशमझाड़ी से लगता दून जिले का चंद्रेश्वर नगर इलाका भी संवेदनशील बन गया है। शीशमझाड़ी से चंद्रेश्वर नगर के लिए कई गलियां निकलती हैं। लोग इन गलियों से एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जा रहे हैं। इधर, कोतवाल रितेश शाह का कहना है कि लोगों को रोकने के लिए कुछ जगहों पर बेरिकेडिंग की गई है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग सीमा पार कर इधर से उधर आ-जा रहे हैं।
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सैंपल देने में ना-नुकुर कर रहे लोग
शीशमझाड़ी में ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है, जो अपनी नासमझी के कारण दूसरों की जान के दुश्मन बन रहे हैं। दो मामले अब तक ऐसे सामने आ चुके हैं, जिन्होंने अपनी ट्रेवल हिस्ट्री छुपाई और बाद में पॉजिटिव पाए गए। इसके अलावा एक व्यक्ति ऐसा भी है, जो पॉजिटिव आने के बाद भी अब तक गायब है। मामले में पुलिस संबंधित व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज करने की बात कह रही है। एसएसआई रमेश सैनी ने बताया कि देर शाम तक केस दर्ज करने की तैयारी की जा रही थी।
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शीशमझाड़ी में 31 जुलाई को पहला केस आया था। इसके मद्देनजर जिलाधिकारी केे निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र में सैंपलिंग की संख्या बढ़ा दी है। यहां प्रतिदिन 500 से 600 सैंपल लिए जा रहे हैं। साथ ही जहां अभी तक सैंपलिंग के काम में एक टीम जुटी हुई थी, वहीं अब 10 टीमों को मैदान में उतारा गया है। शीशमझाड़ी में लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट है। इधर, गंगा रिजार्ट में बनाए गए कंट्रोल रूम के मीटिंग हॉल में भी सुबह से देर रात तक मीटिंग को दौर जारी है। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल खुद विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लगतार अधिकारियों से जानकारी लेकर निर्देश दे रहे हैं।
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सैंपलिंग के आलवा क्षेत्र में कांटेक्ट ट्रेसिंग के लिए पुलिस और प्रशासन की 14 टीमों को भी उतारा गया है। इसमें पुलिस के कांस्टेबल, उपनिरीक्षक से लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को शामिल किया गया है।
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उपजिलाधिकारी युक्ता मिश्रा ने बताया कि संक्रमण रोकने के लिए भरकस प्रयास किए जा रहे हैं। हम हर स्तर पर नजर बनाए हुए हैं। किसी भी स्तर पर चूक बर्दास्त नहीं की जाएगी। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. जगदीश जोशी ने बताया कि शीशमझाड़ी क्षेत्र में अब तक 3500 से अधिक सैंपल लिए जा चुके हैं। जिन्हें विभिन्न लैब में टेस्टिंग के लिए भेजा रहा है।
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दून जिले का प्रशासन भी अलर्ट मोड में
शीशमझाड़ी से लगता दून जिले का चंद्रेश्वर नगर इलाका भी संवेदनशील बन गया है। शीशमझाड़ी से चंद्रेश्वर नगर के लिए कई गलियां निकलती हैं। लोग इन गलियों से एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जा रहे हैं। इधर, कोतवाल रितेश शाह का कहना है कि लोगों को रोकने के लिए कुछ जगहों पर बेरिकेडिंग की गई है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग सीमा पार कर इधर से उधर आ-जा रहे हैं।
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सैंपल देने में ना-नुकुर कर रहे लोग
शीशमझाड़ी में ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है, जो अपनी नासमझी के कारण दूसरों की जान के दुश्मन बन रहे हैं। दो मामले अब तक ऐसे सामने आ चुके हैं, जिन्होंने अपनी ट्रेवल हिस्ट्री छुपाई और बाद में पॉजिटिव पाए गए। इसके अलावा एक व्यक्ति ऐसा भी है, जो पॉजिटिव आने के बाद भी अब तक गायब है। मामले में पुलिस संबंधित व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज करने की बात कह रही है। एसएसआई रमेश सैनी ने बताया कि देर शाम तक केस दर्ज करने की तैयारी की जा रही थी।