उत्तराखंडः सरकार गिराने के बाद एक और झटका देंगे बागी!
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उत्तराखंड में सरकार गिराने के बाद अब कांग्रेस में बागी हरिद्वार जिले में पंचायत चुनाव में भी पार्टी का खेल बिगाड़ सकते हैं।
जिला पंचायत चुनाव में कांग्रेस को रोकने के लिए बागी विधायक एवं नवनिर्वाचित जिला पंचातय सदस्य भी हो सकते हैं। जिससे विधायकों के बाद कांग्रेस के सदस्य भी बगावत कर सकते हैं।
प्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिराने में खानपुर विधायक प्रणव सिंह चैंपियन एवं रुड़की नगर विधायक प्रदीप बत्रा का भी अहम रोल रहा है।
ये दोनों विधायक अब कांग्रेस पर जमकर बरस रहे हैं, लेकिन अब दोनों विधायक प्रदेश में कांग्रेस को सत्ता से अलग करने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भी पार्टी खासकर निर्वतमान मुख्यमंत्री हरीश रावत को मजा चखा सकते हैं।
जिला पंचायत चुनाव में हो सकती है कांग्रेस से बगावत
जिला पंचायत के चुनाव में तो कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है, क्योंकि उनके पास दो सदस्यों की वोट तो ऐसी हैं, जो उनके बिल्कुल हाथों में ही मानी जा रही है।
एक वोट उनकी पत्नी प्रहलादपुर सीट से जिला पंचायत सदस्य कुंवरानी देवयानी तथा दूसरा वोट मोहनपुरा मोहम्मदपुर से उनके कट्टर समर्थक माने जाने वाले अरशद चेयरमैन की पत्नी अमरोज बानो का है। जिससे ये समर्थक तो अपने नेताओं के इशारों पर जिला पंचायत चुनाव में कांग्रेस से बगावत कर ही सकते हैं और अन्य कांग्रेस के सदस्य भी दूसरों को वोट कर सकते हैं।
इसके अलावा भगवानपुर से कांग्रेस से नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों में से एक सदस्य एक अन्य निर्दलीय को लेकर पार्टी से इतर दूसरे दलों के संपर्क में हैं।
दूसरे बागी विधायक प्रदीप बत्रा भी कहीं न कहीं कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने का पूरा काम कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में कांग्रेस को जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में बागी दूसरा झटका दे सकते हैं।