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Pithoragarh News: दुर्गम नामिक गांव पहुंचने के लिए चलना पड़ेगा छह किमी

Wed, 27 Mar 2024 11:30 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Wed, 27 Mar 2024 11:30 PM IST
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You will have to walk six kilometers to reach a village called Durgam.
पिथौरागढ़। सीमांत के अंतिम गांव नामिक तक पहुंचने के लिए मतदान पार्टी को छह किमी की दुर्गम चढ़ाई पार करने पड़ेगी। गांव में आज तक सड़क नहीं पहुंच पाई है। इसके चलते घोड़े और खच्चरों से ईवीएम, वीवीपैट आदि सामग्री मतदान केंद्र तक पहुंचाई जाएगी।
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मुनस्यारी तहसील का नामिक गांव पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले की सीमा पर बसा है। गांव में कुल 415 मतदाता हैं। इनमें से 221 पुरुष और 194 महिला मतदाता शामिल है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय में मतदान केंद्र बनाया गया है। यहां तक पहुंचने के लिए मतदान कार्मिकों को ककड़ सिंह बैंड से नदी पार कर बागेश्वर जिले के शामा तक पहुंचना होगा। वहां से वाहन से लीती होते हुए गोगना से छह किमी के दुर्गम उतार-चढ़ाव को पार कर मतदान टीम नामिक पहुंचेगी।
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रामगंगा घाटी के इस अंतिम गांव की कई समस्याएं हैं। प्रधान नामिक तुलसी जैम्याल ने बताया कि गांव तक पहुंचने के लिए वर्ष 2017 में पीएमजीएसवाई के तहत 17 किमी सड़क स्वीकृत की गई थी। होकरा से आगे नौ किमी सड़क काटी गई। पिछले वर्ष सड़क कटिंग के लिए नामिक में जेसीबी पहुंची तो ग्रामीणों के चेहरे खिल गए। अभी दो किमी चट्टान में सड़क काटी जानी है। गोगिना से नामिक के लिए सड़क का निर्माण अभी नहीं हो पाया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सड़क कटने के बाद उनकी परेशानियां काफी हद तक कम हो जाएंगी। संवाद
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पिथौरागढ़। रामगंगा घाटी का अंतिम गांव नामिक प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है लेकिन गांव में मूलभूत समस्याओं का अंबार है। प्रधान तुलसी जैम्याल ने बताया कि गांव में अभी तक यूपीसीएल की विद्युत लाइन नहीं है। उरेडा का विद्युत गृह है लेकिन वह भी साल में अधिकांश समय खराब रहता है। ग्रामीणों को अंधेरे में ही रातें गुजारनी पड़ती हैं। गांव में वर्ष 2014 में एनएनएम सेंटर की स्वीकृति हुई लेकिन अभी न तो एएनएम की तैनाती हुई और ना ही भवन बना। प्राथमिक विद्यालय में 42 बच्चे अध्ययनरत हैं लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए महज एक शिक्षक तैनात है। संवाद

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