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यारसा गुम्बा के संरक्षण को बीएमसी सदस्यों को जागरूक होना जरूरी-डॉ सचिन

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 09 Apr 2021 11:55 PM IST
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Workshop Abaut Yarasa Gambu ya Keeda Jadi
धारचूला में आयोजित यारसा गुम्बा कार्यशाला में जानकारी देते विशेषज्ञ। - फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। सिक्योर हिमालय परियोजना के तहत कीड़ा-जड़ी (यारसा गंबू) संरक्षण, संचयन एवं सतत विकास प्रबंधन संबंधी कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें वक्ताओं ने यारसा गंबू के संरक्षण को जरूरी बताया। इसके लिए संबंधित क्षेत्र के लोगों को जागरूक करने को कहा।
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धारचूला में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में सेवानिवृत्त वैज्ञानिक (डीआरडीओ) डॉ. पीएस नेगी ने यारसा गंबू के संरक्षण एवं संचयन की वैज्ञानिक तकनीक बताई।
डॉ. सचिन बोहरा ने यारसा गंबू के उपयोग एवं सतत प्रबंधन की जानकारी देकर लोगों को यारसा गंबू का आर्थिक एवं सामाजिक महत्व बताया। उन्होंने कहा कि यारसा गंबू के संरक्षण के लिए सबको जागरूक होने की जरूरत है।
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डॉ. प्रदीप पांडेय ने यारसा गंबू संबंधी उत्तराखंड, नेपाल, भूटान, चीन, सिक्किम सरकार की रणनीति बताई। गीतांजलि गोकर्णेश्वर सेवा संस्थान के सचिव मनोज जोशी ने आभार जताया।
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नितिन बोहरा ने संचालन किया। कार्यशाला में रेंजर सुनील कुमार, यूएनडीपी प्रतिनिधि सिक्योर हिमालया भास्कर जोशी, मनोज जोशी, नितिन बोहरा, किशन बोनाल, रवि दुग्ताल आदि रहे।
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