{"_id":"631791043fdbdf4bc538e878","slug":"work-in-coordination-for-women-empowerment-pithoragarh-news-hld474861951","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला सशक्तीकरण के लिए समन्वय बनाकर काम करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला सशक्तीकरण के लिए समन्वय बनाकर काम करें
विज्ञापन
पिथौरागढ़ में निराश्रित महिला केंद्र की प्रभारी से जानकारी लेती महिला आयोग की उपाध्यक्ष। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा ने कहा कि महिला अधिकारों के संरक्षण, जागरूकता और सशक्तीकरण के लिए सभी विभाग समन्वय बनाकर काम करें। उन्होंने पहाड़ पर गर्भवतियों के प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के मामलों का संज्ञान लेते हुए सीएमओ डॉ एचएस ह्यांकी को जरूरी निर्देश दिए। कहा कि इन मामलों को रोकने के लिए क्षेत्र की आशा, आंगनबाड़ी, राजस्व उपनिरीक्षक, एएनएम, स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाए। यदि जच्चा-बच्चा के साथ कुछ होता है तो इन पर एफआईआर दर्ज करें।
विकास भवन में मंगलवार को हुई अधिकारियों की बैठक में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि जिन जगहों पर सड़क नहीं है। उन जगहों पर गर्भवती महिलाओं को चिह्नित किया जाए। साथ ही उन्हें एक सप्ताह पहले निकट के अस्पताल में भर्ती करा दिया जाए। अगर कोई गर्भवती अस्पताल नहीं आना चाहती है तो उसके परिवार से इस संबंध में लिखित पत्र लिया जाए।
उन्होंने कहा कि थाना, कोतवाली में तैनात महिला हेल्प डेस्क सप्ताह में एक दिन अपने कार्यालय से निकलकर महिलाओं के साथ मिलकर गोष्ठी या जन जागरूकता शिविर लगाए। महिला अपराधों को रोकने के लिए जिले के पिछड़े, अति पिछड़े क्षेत्रों का चिह्नित किया जाए। उन स्थानों को रेड, पिंक, ग्रीन जोन में बांटे। अपराधों की श्रेणी दिखी जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने जिला विकास अधिकारी को स्वयं सहायता समूह के माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन पर कार्य करने के निर्देश दिए। इस दौरान डीपीओ निर्मल बसेड़ा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
वन स्टॉप सेंटर, नारी निकेतन का किया दौरा
पिथौरागढ़। महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने वन स्टॉप सेंटर विण, बाल कल्याण समिति संस्थान जाखनी, नारी निकेतन का निरीक्षण किया और समस्याएं सुनीं। उन्होंने समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही। संस्थानों में सफाई आदि व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए।
विज्ञापन
विकास भवन में मंगलवार को हुई अधिकारियों की बैठक में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि जिन जगहों पर सड़क नहीं है। उन जगहों पर गर्भवती महिलाओं को चिह्नित किया जाए। साथ ही उन्हें एक सप्ताह पहले निकट के अस्पताल में भर्ती करा दिया जाए। अगर कोई गर्भवती अस्पताल नहीं आना चाहती है तो उसके परिवार से इस संबंध में लिखित पत्र लिया जाए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि थाना, कोतवाली में तैनात महिला हेल्प डेस्क सप्ताह में एक दिन अपने कार्यालय से निकलकर महिलाओं के साथ मिलकर गोष्ठी या जन जागरूकता शिविर लगाए। महिला अपराधों को रोकने के लिए जिले के पिछड़े, अति पिछड़े क्षेत्रों का चिह्नित किया जाए। उन स्थानों को रेड, पिंक, ग्रीन जोन में बांटे। अपराधों की श्रेणी दिखी जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने जिला विकास अधिकारी को स्वयं सहायता समूह के माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन पर कार्य करने के निर्देश दिए। इस दौरान डीपीओ निर्मल बसेड़ा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
वन स्टॉप सेंटर, नारी निकेतन का किया दौरा
पिथौरागढ़। महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने वन स्टॉप सेंटर विण, बाल कल्याण समिति संस्थान जाखनी, नारी निकेतन का निरीक्षण किया और समस्याएं सुनीं। उन्होंने समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही। संस्थानों में सफाई आदि व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए।