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महिला अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन खराब

Wed, 13 Feb 2019 11:06 PM IST
kamlesh kamlesh ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़। Published by: kamlesh kamlesh Updated Wed, 13 Feb 2019 11:06 PM IST
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Women's Hospital Ultrasound Machine Bad
पिथौरागढ़ महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड को लगी महिलाओं की भीड़। - फोटो : पिथौरागढ़
बुधवार को महिला अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन दो बार खराब हुई। इसके चलते जिले के दूर दराज ग्रामीण क्षेत्रों से अल्ट्रासाउंड के लिए सुबह आठ बजे अस्पताल पहुंचीं गर्भवती महिलाओं को 11 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। कई महिलाएं बिना अल्ट्रासाउंड किए ही लौट गईं।
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जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बदहाल हो चुकी हैं। पिछले एक साल से जिले में रेडियोलॉजिस्ट तक नहीं है। लोहाघाट अस्पताल से डा.एलएम रखौलिया हर बुधवार को पिथौरागढ़ आकर गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड कर रहे हैं। पिछले दो सप्ताह से महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन भी बार-बार खराब हो रही है। बुधवार को 125 से अधिक महिलाएं अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंची थीं। लगभग 40 महिलाओं के अल्ट्रासाउंड होते ही मशीन खराब हो गई। इसके बाद रेडियोलॉजिस्ट खाली बैठे रहे। गर्भवती महिलाओं को ठंड में इंतजार करना पड़ा। जिला अस्पताल में संपर्क किया गया तो एक घंटे बाद आने को कहा गया।
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  इसके बाद तकनीशियन को बुलाया गया, लेकिन कुछ देर काम करने के बाद फिर मशीन खराब हो गई। दुबारा तकनीशियन को बुलाया गया। इसके बाद शेष महिलाओं के अल्ट्रासाउंड किए गए। सुबह आठ-नौ बजे महिला अस्पताल पहुंचीं महिलाओं को शाम छह बजे तक अल्ट्रासाउंड के लिए इंतजार करना पड़ा। मशीन में आ रही लगातार खराबी और रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं होने से सीमांत के लोगों में गहरी नाराजगी है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता खीमराज जोशी का कहना है कि पिथौरागढ़ जिले की उपेक्षा की जा रही है। लंबे समय से रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। यदि शीघ्र व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।  
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जिला अस्पताल में लगी रही मरीजों की भीड़
पिथौरागढ़। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव से अस्पतालों में मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। जिला अस्पताल के साथ ही निजी अस्पतालों में भी सर्दी जुकाम, बुखार, गले का संक्रमण, पेट संबंधी बीमारियों के मरीज काफी आ रहे हैं। चिकित्सक बदलते मौसम में खानपान में सावधानी बरतने की सलाह मरीजों को दे रहे हैं।      

जिला अस्पताल में इन दिनों 650 से अधिक मरीजों की ओपीडी हो रही है। गर्मियों के सीजन में मरीजों की तादात करीब हजार तक पहुंच जाती है। बच्चों के साथ ही युवा और बुजुर्ग भी बीमारियों के इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। वरिष्ठ सर्जन और चर्म रोग विशेषज्ञ के यहां मरीजों की तादात काफी दिखाई दी। जिला अस्पताल में नगर के साथ ही नेपाल, झूलाघाट, कनालीछीना, देवलथल, बुंगाछीना, अस्कोट, भागीचौरा, डीडीहाट आदि दूरदराज क्षेत्रों से मरीज पहुंचते हैं। बुधवार को चिकित्सकों के कक्ष के आगे मरीजों की लाइन लगी रही। चिकित्सकों का कहना है कि बदलते मौसम में असंतुलित खानपान बीमारियां होती हैं। सर्जन एलएस बोरा ने बताया कि सीमांत क्षेत्र के मरीजों में पेट संबंधी रोग अधिक पाए जा रहे हैं।
 
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