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Pithoragarh News: स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग पर महिलाओं ने दिया धरना
Mon, 28 Aug 2023 11:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 28 Aug 2023 11:24 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन सूत्री मांगों के लिए चल रहे आंदोलन को ननपापू की ग्रामीण महिलाओं ने समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गंभीर नहीं दिखती है।
सोमवार को ननपापू की प्रधान सुनीता कन्याल के नेतृत्व में महिलाओं ने चिल्ड्रन पार्क में धरना देकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। महिलाओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए डीडीहाट का अस्पताल ही स्वास्थ्य का एक मात्र विकल्प होता है। गरीब जनता को अपना उपचार कराने के लिए जब बाहर के अस्पतालों में रेफर किया जाता है तो उन पर अधिक आर्थिक मार पड़ती है।
सोमवार को कलावती पुजारी, निर्मला पुजारी, गायत्री पुजारी और कौशल्या देवी ने धरना दिया। वहां बसंती देवी, गाऊली देवी, मुन्नी देवी, सावित्री देवी, गीता कन्याल सहित सर्वदलीय समिति के सुभाष जोशी, राजेंद्र बोरा, गिरधर सिंह बोरा, प्रकाश बोरा, दान सिंह कन्याल, हरीश टम्टा आदि मौजूद रहे।
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ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य की कोई व्यवस्था न होने से ग्रामीण कई किमी पैदल चलकर डीडीहाट सीएचसी पहुंचते हैं। यहां पर इलाज नहीं मिलने पर मरीजों को बाहर जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। - सुनीता कन्याल, ग्राम प्रधान ननपापू।
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उत्तराखंड राज्य का गठन करने का उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा देया था, लेकिन राजनीतक द्वेष के चलते डीडीहाट सीएचसी की लगातार अनदेखी सरकार कर रही है। - सुभाष जोशी, पूर्व प्रधान मड़।
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गांवों में गरीब जनता रहती है, जो पाई पाई एकत्रित करके अपने बच्चों के भविष्य के लिए धन एकत्रित करती है। जमा पूंजी कब महंगे इलाज में खत्म हो जाए, पता ही नहीं चलता। - गोविंदी पुजारी, ननपापू।
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जौलजीबी स्वास्थ्य केंद्र में पदों को सृजित करने की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता शकुंतला दताल ने स्वास्थ्य सचिव को सौंपा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। सामाजिक कार्यकर्ता शकुंतला दताल ने देहरादून में स्वास्थ्य सचिव से मुलाकात की। उन्होंने स्वास्थ्य सचिव से जौलजीबी स्वास्थ्य केंद्र में पदों को सृजित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में पद सृजित होने के बाद भारत और नेपाल दोनों देशों के नागरिकों को लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य सचिव राजेश कुमार से मुलाकात के दौरान शकुंतला दताल ने कहा कि लंबे समय से वह जौलजीबी स्वास्थ्य केंद्र में पदों को सृजित करने की मांग कर रही हैं। चिकित्सक और अन्य स्टाफ की तैनाती होने से जौलजीबी, बरम, तल्लाबगड़ सहित नेपाल के लोगों को राहत मिलेगी। लोगों को मामूली इलाज कराने के लिए 65 किमी दूर जिला अस्पताल या अन्य अस्पतालों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। स्वास्थ्य सचिव ने उन्हें एक माह के भीतर पदों को सृजित करने का आश्वासन दिया है।
फोटो विवरण-28पीटीएच02पी- देहरादून में स्वास्थ्य सचिव को पत्र देकर जौलजीबी स्वास्थ्य केंद्र में पद सृजित करने की मांग करती शकुंतला दताल। स्रोत : स्वयं
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चिकित्सकों के स्थानांतरण की भनक से भड़के लोग
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। सीएचसी में तैनात चिकित्सकों के स्थानांतरण की भनक लगने से लोग आक्रोशित हैं। व्यापार संघ सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने एसडीएम के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजा है।
सोमवार को व्यापार संघ अध्यक्ष राजेश रावत के नेतृत्व में लोग एसडीएम मनजीत सिंह से मिले और ज्ञापन सौंपा। लोगों ने कहा कि वर्तमान में जिला मुख्यालय के बाद सबसे अधिक ओपीडी सीएचसी बेड़ीनाग में होती है। यहां बागेश्वर और अल्मोड़ा जिले की सीमा से लगे गांवों के मरीज भी इलाज के लिए आते हैं।
लोगों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग गुपचुप तरीके से चिकित्सकों का स्थानांतरण करने की तैयारी कर रहा है। यदि यहां से चिकित्सकों का स्थानांतरण किया गया तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में व्यापार संघ महासचिव संजय रावत, छात्र संघ कोषाध्यक्ष राहुल महरा, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष राजकुमार शाह, शैलेश मेहता, राजकमल धानिक, सभासद मनीष पंत, प्रधान चचरेत महेंद्र महरा, होशियार सिंह आदि थे। संवाद
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन सूत्री मांगों के लिए चल रहे आंदोलन को ननपापू की ग्रामीण महिलाओं ने समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गंभीर नहीं दिखती है।
सोमवार को ननपापू की प्रधान सुनीता कन्याल के नेतृत्व में महिलाओं ने चिल्ड्रन पार्क में धरना देकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। महिलाओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए डीडीहाट का अस्पताल ही स्वास्थ्य का एक मात्र विकल्प होता है। गरीब जनता को अपना उपचार कराने के लिए जब बाहर के अस्पतालों में रेफर किया जाता है तो उन पर अधिक आर्थिक मार पड़ती है।
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सोमवार को कलावती पुजारी, निर्मला पुजारी, गायत्री पुजारी और कौशल्या देवी ने धरना दिया। वहां बसंती देवी, गाऊली देवी, मुन्नी देवी, सावित्री देवी, गीता कन्याल सहित सर्वदलीय समिति के सुभाष जोशी, राजेंद्र बोरा, गिरधर सिंह बोरा, प्रकाश बोरा, दान सिंह कन्याल, हरीश टम्टा आदि मौजूद रहे।
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ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य की कोई व्यवस्था न होने से ग्रामीण कई किमी पैदल चलकर डीडीहाट सीएचसी पहुंचते हैं। यहां पर इलाज नहीं मिलने पर मरीजों को बाहर जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। - सुनीता कन्याल, ग्राम प्रधान ननपापू।
उत्तराखंड राज्य का गठन करने का उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा देया था, लेकिन राजनीतक द्वेष के चलते डीडीहाट सीएचसी की लगातार अनदेखी सरकार कर रही है। - सुभाष जोशी, पूर्व प्रधान मड़।
गांवों में गरीब जनता रहती है, जो पाई पाई एकत्रित करके अपने बच्चों के भविष्य के लिए धन एकत्रित करती है। जमा पूंजी कब महंगे इलाज में खत्म हो जाए, पता ही नहीं चलता। - गोविंदी पुजारी, ननपापू।
जौलजीबी स्वास्थ्य केंद्र में पदों को सृजित करने की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता शकुंतला दताल ने स्वास्थ्य सचिव को सौंपा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। सामाजिक कार्यकर्ता शकुंतला दताल ने देहरादून में स्वास्थ्य सचिव से मुलाकात की। उन्होंने स्वास्थ्य सचिव से जौलजीबी स्वास्थ्य केंद्र में पदों को सृजित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में पद सृजित होने के बाद भारत और नेपाल दोनों देशों के नागरिकों को लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य सचिव राजेश कुमार से मुलाकात के दौरान शकुंतला दताल ने कहा कि लंबे समय से वह जौलजीबी स्वास्थ्य केंद्र में पदों को सृजित करने की मांग कर रही हैं। चिकित्सक और अन्य स्टाफ की तैनाती होने से जौलजीबी, बरम, तल्लाबगड़ सहित नेपाल के लोगों को राहत मिलेगी। लोगों को मामूली इलाज कराने के लिए 65 किमी दूर जिला अस्पताल या अन्य अस्पतालों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। स्वास्थ्य सचिव ने उन्हें एक माह के भीतर पदों को सृजित करने का आश्वासन दिया है।
फोटो विवरण-28पीटीएच02पी- देहरादून में स्वास्थ्य सचिव को पत्र देकर जौलजीबी स्वास्थ्य केंद्र में पद सृजित करने की मांग करती शकुंतला दताल। स्रोत : स्वयं
चिकित्सकों के स्थानांतरण की भनक से भड़के लोग
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। सीएचसी में तैनात चिकित्सकों के स्थानांतरण की भनक लगने से लोग आक्रोशित हैं। व्यापार संघ सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने एसडीएम के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजा है।
सोमवार को व्यापार संघ अध्यक्ष राजेश रावत के नेतृत्व में लोग एसडीएम मनजीत सिंह से मिले और ज्ञापन सौंपा। लोगों ने कहा कि वर्तमान में जिला मुख्यालय के बाद सबसे अधिक ओपीडी सीएचसी बेड़ीनाग में होती है। यहां बागेश्वर और अल्मोड़ा जिले की सीमा से लगे गांवों के मरीज भी इलाज के लिए आते हैं।
लोगों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग गुपचुप तरीके से चिकित्सकों का स्थानांतरण करने की तैयारी कर रहा है। यदि यहां से चिकित्सकों का स्थानांतरण किया गया तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में व्यापार संघ महासचिव संजय रावत, छात्र संघ कोषाध्यक्ष राहुल महरा, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष राजकुमार शाह, शैलेश मेहता, राजकमल धानिक, सभासद मनीष पंत, प्रधान चचरेत महेंद्र महरा, होशियार सिंह आदि थे। संवाद