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पिथौरागढ़ में प्रसव के बाद महिला की मौत
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पिथौरागढ़ महिला अस्पताल में प्रसव के दौरान हुई महिला की मौत के बाद मृतका की मां और बहन बेसुध हो गई?
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की मौत हो गई। उसने स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया था। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। डॉक्टर का कहना है कि महिला की मौत अत्यधिक रक्तस्राव की वजह से हुई है। इधर, तीन माह में चार प्रसूताओं की मौत से आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में धरना दिया।
कालिका निवासी गोविंद ने प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी रिद्धिमा उर्फ रेखा (26) को शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती कराया था। गोविंद ने बताया कि रात में करीब दो बजे रिद्धिमा को प्रसव पीड़ा उठी। उसके बाद शनिवार सुबह करीब आठ बजे नार्मल डिलीवरी से स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। सब कुछ सामान्य था। डेढ़ घंटे बाद रिद्धिमा की हालत बिगड़ गई। अस्पताल प्रशासन ने विशेषज्ञ चिकित्सकों को बुलाया।
करीब साढ़े 12 बजे महिला ने दम तोड़ दिया।
महिला की मौत होने पर परिजनों ने कोहराम मच गया। गोविंद ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि प्रसव के बाद रिद्धिमा की सांस फूल गई थी। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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शुक्रवार को रिद्धिमा ने अस्पताल की ओपीडी में दिखाया था, वहां वह बेहोश हो गई थी। उसका बीपी हाई था। हीमोग्लोबिन भी मात्र पांच था। हाईरिस्क पेशेंट होने के कारण उसकी स्थिति बाहर ले जाने लायक नहीं थी। उसे भर्ती कर ब्लड चढ़ाया गया। उसने सुबह बच्ची को जन्म दिया। जब मैंने राउंड लिया तब वह ठीक थी। सुबह साढ़े नौ बजे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सकों को बुलाया। तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। -डा. भागीरथी गर्ब्याल, जिला महिला अस्पताल पिथौरागढ़
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कालिका निवासी गोविंद ने प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी रिद्धिमा उर्फ रेखा (26) को शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती कराया था। गोविंद ने बताया कि रात में करीब दो बजे रिद्धिमा को प्रसव पीड़ा उठी। उसके बाद शनिवार सुबह करीब आठ बजे नार्मल डिलीवरी से स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। सब कुछ सामान्य था। डेढ़ घंटे बाद रिद्धिमा की हालत बिगड़ गई। अस्पताल प्रशासन ने विशेषज्ञ चिकित्सकों को बुलाया।
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करीब साढ़े 12 बजे महिला ने दम तोड़ दिया।
महिला की मौत होने पर परिजनों ने कोहराम मच गया। गोविंद ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि प्रसव के बाद रिद्धिमा की सांस फूल गई थी। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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शुक्रवार को रिद्धिमा ने अस्पताल की ओपीडी में दिखाया था, वहां वह बेहोश हो गई थी। उसका बीपी हाई था। हीमोग्लोबिन भी मात्र पांच था। हाईरिस्क पेशेंट होने के कारण उसकी स्थिति बाहर ले जाने लायक नहीं थी। उसे भर्ती कर ब्लड चढ़ाया गया। उसने सुबह बच्ची को जन्म दिया। जब मैंने राउंड लिया तब वह ठीक थी। सुबह साढ़े नौ बजे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सकों को बुलाया। तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। -डा. भागीरथी गर्ब्याल, जिला महिला अस्पताल पिथौरागढ़

रिद्धिमा, फाइल फोटो।- फोटो : PITHORAGARH