फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Willingness to touch the heights of the sky

आसमान की ऊंचाइयां छूने की जिद

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 18 Sep 2021 12:11 AM IST
विज्ञापन
Willingness to touch the heights of the sky
- जीना इसी का नाम है............के लिए
विज्ञापन

- धरती से हजारों फीट ऊपर बादलों को छूने का रोमांच
-25 साल से शंकर पैराग्लाइडिंग के रोमांच का ले रहे मजा
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। जिले में भुवेनश्वर निवासी शंकर सिंह एरो स्पोर्ट्स की लगातार संभावनाएं तलाशते रहते हैं। वे पिथौरागढ़, मुनस्यारी, धारचूला में अलग-अलग साइटों में उड़कर एरो स्पोर्ट्स के रोमांच को लगातार करीब से देखते हैं। 25 साल से वे पैराग्लाइडिंग के रोमांच में खोये हुए हैं। पंचाचूली हो या गंगोलीहाट या पिथौरागढ़ को उन्होंने पैराग्लाइडिंग कर बेहद करीब से देखते हुए रोमांच को महसूस किया है।
शंकर सिंह 1994-95 से पैराग्लाइडिंग की शुरूआत की। उन्होंने शुरूआत में गोल्फ कोर्स में उड़ान शुरू की। जिसके बाद उन्हें ऊंचाईयों में एरो स्पोर्ट्स के रोमांच ने अपनी ओर खींच लिया। वे लगातार उड़ते रहे और अपनी उड़ान अधिक ऊंची करने के लिए तैयार होते रहे। इसके बाद उन्होंने नगर की कई पहाड़ियों से उड़ान भरना शुरू किया। जिसके बाद वे कभी नहीं रूके। अपने जीवनकाल में वे हजार घंटे से अधिक समय से तेज रफ्तार हवाओं से जूझते रहे हैं। पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के संस्थापक सदस्य व एयरो ग्लो ऑफ इंडिया के राज्य प्रतिनिधि शंकर ने बताया एयरो स्पार्ट्स से जोड़ना का मुख्य उद्देश्य नई जगहों को ढूंढना, उन स्थानों को चिन्हित कर उड़ना और वहां के हालातों को बेहतर ढंग से जानना। इसके बाद पर्यटन विभाग को इसकी जानकारी देना। जिससे उसे विकसित किया जा सके। गंगोलीहाट, बिनसर अल्मोड़ा, मुनस्यारी, धारचूला, मुवानी, गंगोलीहाट, रामेश्वर घाटी, देहरादून, कोटाबाग, उत्तरकाशी, टिहरी के साथ ही अन्य जगह उड़ान भरते आए हैं।
विज्ञापन

-----------
जिले में कई जगह उड़ान के लिए जगह
पिथौरागढ़। जिले में पैराग्लाइडिंग के लिए कई जगह हें। जाखपुरान में बर्खालेख, मुनस्यारी में खलिया और चूलकोट, धारचूला के दुग्तू में भी वे उड़ान भर चुके हैं। उनकी उड़ान 18 हजार फीट की ऊंचाई तक होती है। हर स्थान में उड़ने का अलग मजा है। मुनस्यारी में आप ठंडी हवाओं के साथ बर्फीले पहाड़ों को भी ऊंचाईयों से देख सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

------------
2016 में पिथौरागढ़ में हुई थी अंतर्राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता
पिथौरागढ़। कनारी पाभै की पहाड़ियों से अब उड़ान नैनी सैनी एयरपोर्ट बनने के कारण प्रतिबंधित है। फ्लाइंग जोन बनने के बाद यहां पर उड़ना गैरकानूनी है। जबकि कनारी पाभै में मार्च 2016 में अंतरराष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। भारत के साथ ही ब्राजील, अमेरिका, फिनलैंड, कनाडा, इंग्लैंड, फ्रांस, नेपाल के पैराग्लाइडरों ने क्षेत्र में हवाई रोमांच का अनुभव हवा में अपनी कलाबाजियों से लोगों को दिखाकर रोमांचित किया था।

--------
राज्य में 40 टैंडम पायलट
पिथौरागढ़। शंकर ने बताया राज्य में वर्तमान में 40 से 50 टैंडम पायलट हैं। जो लोगों को बैठाकर उड़ान भरते हैं। जबकि 10 सक्रिय पायलट हैं। 3 से 4 पायलट राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेते हैं। पैराग्लाइडरों को बादल के बेस तक ही उड़ने की अनुमति होती है।
--------
17पीटीएच पी- मुनस्यारी खलिया में उड़ान भरते शंकर सिंह।
17पीटीएच पी- धारचूला दुग्तू में उड़ान भरते शंकर सिंह।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed